फायर ब्रिगेड की गाड़ी से BJP विधायक ने धुलवाया घर: वीडियो वायरल होते ही बरपा हंगामा, दमकल विभाग ने 2700 रुपये वसूली फीस
गुजरात के दाहोद जिले में बीजेपी विधायक का बंगला फायरब्रिगेड की गाडियों से धुलवाने का मामला प्रकाश में आया है. इसके बाद कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है. अग्निशमन विभाग ने बाद में बीजेपी विधायक फीस भी वसूली.
गुजरात के दाहोद जिले में एक बीजेपी विधायक ने अपना बंगला धुलवाने के लिए दमकल की वाहन को बुलवा लिया. मिली जानकारी के अनुसार, मामला बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री बच्चा खाबर के बंगला धुलवाने से जुड़ा है. जिसके लिए करीब 24 किलोमीटर दूर से दवगढ़ बारिया नगरपालिका की दमकल की गाड़ी को भेजा गया. इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, हंगामा मच गया.
वीडियो में देवगढ़ बारिया नगरपालिका के फायरमैन खाबर के घर की दीवार पर पानी की बौछार करते नजर आ रहे हैं. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद दमकल विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि जब वह गाड़ी भेज रहे थे, तो उन्हें कॉल के मकसद के बारे में जानकारी नहीं थी. अधिकारियों ने कहा कि जब उन्हें पूरी बात का पता चला, तो खाबर परिवार से इसकी फीस वसूली गई. फायर डिपार्टमेंट ने करीब 2700 रुपये फीस वसूली.
फायरब्रिगेड की गाड़ियों से विधायक जी का घर धुला
देवगढ़ बारिया नगरपालिका के अध्यक्ष धर्मेश कलाल ने बताया कि जिस दौरान फायरकर्मी मौके पर पहुंचे, तो उन्हें घर की बाहरी दीवारों को धुलने के लिए कहा गया. इसके बाद कर्मचारियों ने काम शुरू किया और फायर चीफ को फोन किया, जिन्होंने रुकने को कहा. कलाल ने बताया कि इस बारे में मेरे पास भी कॉल आई और मैंने उनसे इसकी फीस वसूलने को कहा.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अग्निशमन अधिकारी मयूर चौहान ने कहा कि हमें नगरपालिका अध्यक्ष धर्मेश कलाल का फोन आया कि आग लगने की सूचना मिली है. मैंने उनसे पूछा कि क्या यह कोई खास कॉल है या आग लगने की सूचना है. उन्होंने मुझे फायर ब्रिग्रेड की गाड़ी भेजने को कहा. जब हमारे कर्मचारी वहां पहुंचे, तो विधायक ने कर्मचारियों से घर की बाहरी दीवार धुलने को कहा.
कांग्रेस ने BJP को घेरा
इस पूरे मसले पर सियासी पारा भी बढ़ने लगा है. गुजरात में कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि जनता के लिए पानी नहीं है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के लिए वीआईपी पानी का की व्यवस्था की जा रही है. गुजरात इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा. जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाली आपातकालीन सेवा किसी की निजी सेवा नहीं बन सकती है. उन्होंने कहा कि सभी विभागों की गाड़ियां किसी निजी फायदे के लिए नहीं है, बल्कि जनता के लिए है.
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