मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने मोर्चा खोला हुआ है. विपक्षी दल इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को लोकतंत्र बचाओ अभियान चलाया, जिसमें 143 सांसद चुनाव आयोग तक कूच कर रहे हैं. इस बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर 'जेन जी स्टाइल' में तंज कसा है. राहुल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा- ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो, टाइम टू रिजाइन. इसका मतलब है कि ज्ञानेश कुमार अब बहुत हुआ. अब इस्तीफा देने का वक्त है.
PM मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के नारे लगाते हुए INDIA गठबंधन के नेता और समर्थक राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर उतरे और चुनाव आयोग की ओर अपना मार्च शुरू किया. बाद में, INDIA गठबंधन के सांसद नीति आयोग के दफ़्तर के पास विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले ने INDIA गठबंधन के कई अन्य सांसदों के साथ इस विरोध मार्च में हिस्सा लिया. इस दौरान राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया. विपक्षी नेता की कुछ अहम मांगें हैं,जिसमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR पर तत्काल रोक और बैलेट पेपर से चुनाव शामिल है.
इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के अधिकार छीन रही है. उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के मार्च के दौरान CEC पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया.
खरगे ने कहा कि आजादी के बाद मिले मताधिकार को कमजोर किया जा रहा है और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के आदेश पर काम कर रहा है. खरगे ने कहा, 'देखिए, हम उस अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं जिसमें सरकार लोगों के सभी अधिकार छीन रही है. आज, आजादी के बाद हमें जो मताधिकार मिला था, यह सरकार उसे खत्म करने का काम कर रही है.'
ANI से बात करते हुए, कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने सरकार पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कमजोर करने का आरोप लगाया. गांधी ने कहा, "तेरह करोड़ वोट हटा दिए गए हैं, और उन लोगों को वोट देने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है. यह भारतीय राजनीतिक इतिहास में सबसे बड़ा धोखा है, जो मौजूदा सरकार ने ज्ञानेश कुमार के सहयोग से भारत के लोगों के साथ किया है. हम लोकतंत्र को बहाल करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए लड़ेंगे.'
BJP के जवाबी आरोप को खारिज करते हुए गांधी ने कहा, 'वे ही उन पर कब्जा कर रहे हैं. चुनाव आयुक्तों और CEC को चुनने वाले पैनल से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाने के लिए किसने कहा था? BJP ने उन्हें हटाया. जांच एजेंसियां, मीडिया और संस्थाएं, उन्होंने अपना प्रभाव बढ़ाकर उन्हें अपनी जेब की संस्थाओं में बदल दिया है.'