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'सड़क नहीं, प्लेन से ले जाना चाहिए था मुंबई...' टाइगर श्रॉफ के हमलावरों को कार से लाने पर भड़के यूपी के पूर्व DGP विक्रम सिंह

यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने टाइगर श्राफ पर हमले के आरोपियों को सड़क मार्ग से मुंबई ले जाने पर अप्रसन्नता जताई है. उन्होंने कहा कि यह तरीका ठीक नहीं है. इसके बजाय प्लेन का इस्तेमाल होना चाहिए था.

'सड़क नहीं, प्लेन से ले जाना चाहिए था मुंबई...' टाइगर श्रॉफ के हमलावरों को कार से लाने पर भड़के यूपी के पूर्व DGP विक्रम सिंह
Image Credit: टाइगर श्रॉफ अटैक के हमलावरों को लाने के तरीके पर पूर्व डीजीपी ने जताई अप्रसन्नता

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले के तीनों आरोपियों को लेकर मुंबई पुलिस सड़क मार्ग से महाराष्ट्र लौट रही है. वारदात के बाद तीनों हमलावरों रिहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था. वहां की कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस दो अलग-अलग गाड़ियों में भरकर तीनों आरोपियों को मुंबई ला रही थी. इनमें से फूल सिंह और ऋतिक कुमार एक गाड़ी में थे, जबकि रिहान दूसरी गाड़ी में था. लेकिन रास्ते में पुलिस ने रिहान को भी दोनों आरोपियों के साथ बिठा लिया. उनकी गाड़ियों के पीछे-पीछे मीडिया की गाड़ियां भी फॉलो करते हुए चल रही हैं.

आरोपियों को इस तरह मुंबई ले जाना सही नहीं- विक्रम सिंह

 उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने जी न्यूज से बात करते हुए हमलावरों को इस तरह मुंबई ले जाने के तरीके पर अप्रसन्नता जताई. उन्होंने कहा कि इतने हाई प्रोफाइल केस के आरोपियों को ऐसे ट्रांसपोर्ट करके ले जाना सही नहीं है. इसके बजाय स्पेशल प्लेन का इंतजाम किया जाना चाहिए था.

प्लेन का होना चाहिए था इंतजाम- यूपी के पूर्व डीजीपी

वे कहते हैं, 'हरेक राज्य सरकार के पास अपने राजकीय विमान होते हैं. उनमें से एक विमान का इस तरह के केस में इस्तेमाल होना चाहिए. जिससे उन्हें 24 घंटे के अंदर मुंबई की स्थानीय अदालत में पेश किया जा सके. इस तरह सड़क मार्ग के जरिए हमलावरों को राजस्थान से मुंबई ले जाना बेहद खतरनाक है.'

उधर पुलिस जांच में सामने आया है कि शूटर्स ने 11 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर हमले की प्लानिंग की थी. लेकिन संयोग से टाइगर उस दिन खेलने के लिए फुटबॉल ग्राउंड नहीं पहुंचे, जिसकी वजह से उनकी प्लानिंग फेल हो गई. इसके बाद उन्हें 18 अक्तूबर को यह मौका मिल गया.

हमलावरों ने रविवार को टाइगर पर किया था हमला

इस रविवार शाम को टाइगर श्रॉफ मुंबई में जुहू के ग्राउंड में फुटबॉल खेलकर अपनी कार से घर जा रहे थे. उनकी कार को ड्राइवर चला रहा था. तभी बाइक लेकर पहले से खड़े हमलावरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. उनमें से क हमलावर बाइक पर बैठा हुआ था, जबकि दो नीचे थे. दोनों हमलावरों ने गाड़ी के सामने और बायीं ओर से 5 गोलियां मारीं. लेकिन टाइगर ऐन मौके पर नीचे झुक गए. जिससे वे हमले में बच गए. हालांकि, उनका ड्राइवर और एक राहगीर गोलियां लगने से घायल हो गए. वारदात के बाद तीनों हमलावर वहां से बाइक पर भाग निकले थे.

लॉरेंस गैंग से जुड़े हैं तीनों आरोपी!

पुलिस के मुताबिक, पकड़े आरोपियों में फूल सिंह और रिहान उर्फ सुक्खा हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं. जबकि ऋतिक कुमार उर्फ रोशन बिहार के बेगूसराय का रहने वाला बताया जा रहा है. वह मुंबई में रहकर रैपिडो राइडर के रूप में काम कर रहा था. तीनों के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संपर्क बताए जा रहे हैं. मुंबई पुलिस इस वारदात की वजह और माफिया से लिंकेज समेत पहलुओं की जांच करने में जुटी है. 

किराये की चॉल में रहता था ऋतिक

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी ऋतिक मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित नूरानी चॉल में किराए के मकान पर रहता था. मकान में फिलहाल ताला लगा है. ऋतिक वहां पर तीन लोगों के साथ रहा करता था. वह इस मकान में तीन से चार महीने तक था. पड़ोसियों की माने तो कभी वो सुबह जाता था तो रात में आता था. अगर रात में जाता था तो सुबह आया करता था. उसके साथ और भी तीन लोग रहा करते थे.

 

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About the Author

Devinder Kumar

Devinder Kumar

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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