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'वोट चोरी' के आरोपों पर बिफरे 42 पूर्व जज, चिट्ठी लिखकर दी चेतावनी- बिना सबूत संवैधानिक संस्थाओं पर न उठाएं उंगली

'वोट चोरी' के आरोपों पर 42 पूर्व जजों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए एक खुला पत्र लिखा है. पूर्व न्यायाधीशों ने बिना किसी ठोस सबूत के संवैधानिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाने और उनकी छवि धूमिल करने की कोशिशों के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 08, 2026, 05:18 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 05:28 PM IST
Image Credit: 'चोर और समझौतावादी बोलना बंद करें...' 42 पूर्व जजों ने खुला पत्र लिखकर किसे और क्यों दी चेतावनी?
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चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच 42 पूर्व जजों ने एक खुला पत्र जारी किया है. इसमें उन्होंने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और दूसरे संवैधानिक संस्थानों को कमजोर करने की कोशिशों पर गंभीर चिंता जताई है. पूर्व जजों ने कहा कि चुनाव में ‘वोट चोरी’ जैसे आरोप अगर बिना ठोस सबूत के लगातार लगाए जाते हैं, तो इससे संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है. पत्र में यह भी कहा गया है कि संस्थाओं की आलोचना करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उन्हें बदनाम करना अलग बात है.

इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. मंगलवार 6 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की. विपक्षी दलों ने पहले ही ऐलान किया था कि उनके सांसद एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां चुनाव आयोग के सामने रखेंगे. विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की भी बात कही थी. यह प्रदर्शन 30 सितंबर को 19 विपक्षी दलों की बैठक के बाद तय किया गया था. चुनाव आयोग के कार्यालय और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित की.

राहुल गांधी कई घंटे धरने पर बैठे

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी करीब 9 घंटे तक धरने पर बैठे रहे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच काफी हंगामा भी हुआ. राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र हुड्डा और पवन खेड़ा समेत कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया. पुलिस प्रदर्शनकारी नेताओं को धीरे-धीरे मौके से हटाती रही और बैरिकेडिंग भी हटाई जाने लगी.

‘सांसद चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं’

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं और आयोग को उनसे मिलना ही चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सिर्फ चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहता है. उन्होंने कहा कि सांसदों की मांग है कि आयोग से सीधे पूछा जाए कि आखिर वोट चोरी के आरोपों पर उसकी क्या प्रतिक्रिया है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग उन्हें वहां बैठा नहीं देखना चाहता, तो दिल्ली में कोई दूसरी जगह बता दे. वे वहां जाकर भी बैठने के लिए तैयार हैं.

6 अक्टूबर को राहुल गांधी को आकाशवाणी के पास रोका गया

राहुल गांधी चुनाव आयोग के कार्यालय की तरफ जाने के लिए 6 अक्टूबर को आकाशवाणी भवन के रास्ते से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल चुनाव आयोग के कार्यालय से करीब 200 मीटर की दूरी पर धरने पर बैठ गए. कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी आकाशवाणी भवन के बाहर जमा हो गए.

‘300 से ज्यादा सांसदों को मिलने से क्यों रोका जा रहा है’

राहुल गांधी ने दावा किया कि 300 से ज्यादा विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे. उन्होंने कहा कि ये सांसद करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब इतने सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं, तो उन्हें मिलने से क्यों रोका जा रहा है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे नेताओं को रोकने और धमकाने की जरूरत क्यों पड़ रही है.

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की ओर से आयोग से किसी बैठक का अनुरोध नहीं मिला है. सूत्रों का कहना है कि किसी अन्य विपक्षी दल की तरफ से भी बैठक के लिए अनुरोध नहीं किया गया. एसआईआर को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है. दूसरी ओर आयोग ने अपने तीन सदस्यीय निकाय में मतभेद की खबरों को खारिज किया है. आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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