कैंसर के महंगे इलाज का बोझ थोड़ा कम हो सकता है. क्योंकि कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही कैंसर की दवाइयों को सस्ता करने पर गौर कर रही है. मरीजों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सरकार ने सभी नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं (ब्रांडेड और जेनेरिक, घरेलू और आयातित, पेटेंट वाली और बिना पेटेंट वाली) के लिए ट्रेड मार्जिन को MRP के 30% तक सीमित करने का फैसला किया है. इस कदम से दवाओं पर लगने वाले बहुत ज्यादा ट्रेड मार्क-अप की समस्या को दूर किया जाएगा और इन जीवन रक्षक दवाओं की लगातार उपलब्धता को यकीनी बनाते हुए उन्हें सस्ता बनाने में मदद मिलेगी.
सरकार ने इससे पहले 2019 में भी 42 नॉन शेड्यूल्ड कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन कम किया था. उस समय करीब 526 ब्रांड्स की कीमतों में कमी आई थी और मरीजों को सालाना करीब 984 करोड़ रुपये की बचत होने की बात सामने आई थी. अब सरकार 110 दवाओं को पहले चरण में शामिल करने की तैयारी कर रही है. ऐसे में अगर यह योजना लागू होती है, तो कैंसर के महंगे इलाज का बोझ कम करने में मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक, Department of Pharmaceuticals (DoP) ने इस मामले में NPPA को निर्देश दिए हैं. अब किन-किन दवाओं को पहले चरण में शामिल किया जाएगा, इसकी सूची तैयार की जा रही है. यह सूचि अगले दो-तीन दिनों में होने की उम्मीद है.

दरअसल कोई भी दवाई जब कंपनी से बनकर मरीज तक पहुंचती है, तो वो बहुत महंगी हो जाती है. महंगा होने की बड़ी वजह दवा बेचने की पूरी चेन में जुड़ने वाला मार्जिन यानी मुनाफा भी है. कौन कितना मार्जिन ले रहा है, यह पहले तय नहीं था, लेकिन अब सरकार डिस्ट्रीब्यूटर और मेडिकल स्टोर के मुनाफे 30 फीसदी तक सीमित कर रही है. अभी तक यह मार्जिन इतना ज्यादा था कि दवाओं की असली कीमत बहुत ऊपर पहुंच जाती थी. एक जानकारी के मुताबिक इस तरह की दवाइयों पर अभी डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर का मार्जिन 170 फीसदी से लेकर 700 फीसदी तक था. जब मार्जिन 30 फीसद तय हो जाएगा, तो खुद-ब-खुद ही दवाइयों की कीमत कम हो जाएगी.
अगर आपके जेहन में भी यह सवाल आ रहा है कि क्या कैंसर से जुड़ी हर दवा 70 फीसद सस्ती हो जाएगी? तो ऐसा बिल्कुल नहीं है, क्योंकि सरकार कुछ चुनिंदा दवाओं पर ही यह एक्शन लेने जा रही है. इस कैटेगरी में 110 दवाइयां होंगीं और वो कौन सी दवाइयां होंगी, वो लिस्ट अभी जारी नहीं हुई है. इनमें अधिकतर वो दवाइयां रहने की उम्मीद है, जिनका मौजूदा ट्रेड मार्जिन बहुत ज्यादा है.