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CEC ज्ञानेश कुमार की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. शनिवार (26 सितंबर) को एक बार फिर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन को कोट करते हुए अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि CEC ज्ञानेश कुमार ने पूर्व आईएएस अधिकारी जिजी थॉमसन पर बीजेपी ज्वाइन करने और उन्हें पार्टी से टिकट दिलवाने की पेशकश की थी. उन्होंने बताया कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क किया और उन्हें बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए कहा, साथ ही मंत्री पद का प्रस्ताव भी दिया था.
एक प्राइवेट टीवी चैनल की रिपोर्ट के वीडियो के साथ राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर ज्ञानेश कुमार को लेकर दावा करते हुए कहा, 'ज्ञानेश कुमार बीजेपी के लिए भर्तियां कर रहे थे.' केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने के लिए मनाने की कोशिश की थी.
First, Gyanesh Kumar - then a serving IAS officer - was used to recruit for the BJP.
Then Modi and Shah made him the umpire and put him in charge of match-fixing India's elections. https://t.co/hvdhEfoVgg— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 26, 2026
राहुल गांधी ने CEC के ऊपर हमला बोलते हुए एक प्राइवेट न्यूज चैनल का वीडियो शेयर करते हुए अपने एक्स प्लेटफार्म पर लिखा, 'ज्ञानेश कुमार, जो उस समय IAS ऑफिसर थे, उनका इस्तेमाल BJP के लिए भर्ती करने के लिए किया गया था. फिर उसके बाद पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें अंपायर बना दिया और भारत के चुनावों में मैच-फिक्सिंग का इंचार्ज बना दिया.'
केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने 'ऑनमनोरमा' को बताया कि दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट के दौरान कुमार ने उनसे केरल में BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की संभावना के बारे में पूछा था. रिपोर्ट के अनुसार, थॉमसन ने कहा, 'उस समय मैं केरल का मुख्य सचिव था. हम एक ही फ्लाइट में थे. वे प्रधानमंत्री मोदी की बहुत तारीफ कर रहे थे और उन्होंने मुझसे खुलकर पूछा कि क्या मैं 2019 के आम चुनावों में पथानामथिट्टा से BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने में दिलचस्पी रखता हूं. वे मुझे मनाने की बहुत कोशिश कर रहे थे, लेकिन मैंने तुरंत मना कर दिया.' उस समय थॉमसन मुख्य सचिव के पद पर थे. वे 2016 में रिटायर हुए.
इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट जिसमें दावा किया गया था कि CEC ज्ञानेश कुमार अपने सहयोगियों की बातों को दरकिनार कर गलत तरीके से चुनाव आयोग के काम को आगे बढ़ा रहे थे. इस खुलासे के बाद ज्ञानेश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं. मौजूदा समय ज्ञानेश कुमार वोटर लिस्ट को लेकर SIR के संचालन के तरीके को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. चुनाव आयोग में उनके अपने सहयोगी भी उन पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि बाद में 26 सितंबर को वो अपने तीनों सहयोगियों के साथ फिर एक मंच पर नजर आए और इसके बाद बीजेपी ने उन पर लगाए गए आरोपों को नकारने के लिए मोर्चा खोल दिया.
'ऑनमनोरमा' की रिपोर्ट के मुताबिक, 1988 बैच के केरल-कैडर के IAS अधिकारी ने बताया कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे एक से ज्यादा बार चुनाव लड़ने के लिए कहा था. रिपोर्ट में कहा गया है कि थॉमसन को अपने सरकारी करियर के दौरान एक और घटना याद आई जब कुछ लोगों ने उनसे चुनाव लड़ने के लिए संपर्क किया था. उन्होंने कहा, 'हालांकि मैंने उस समय भी इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, लेकिन ज्ञानेश को इसके बारे में पता चल गया और उन्होंने मुझे राजनीति में आने के लिए मनाने की कोशिश की.'
ज्ञानेश कुमार ने फरवरी 2025 में 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के तौर पर कार्यभार संभाला. चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है. SIR के संचालन और इस प्रक्रिया से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले समुदायों को लेकर कुमार की राजनीतिक दलों के प्रति निष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं. पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उनके फैसलों पर 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताने की खबरों ने इन चिंताओं को और बढ़ा दिया है.