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पहले 5 डॉलर का मुनाफा, फिर 1.57 करोड़ की चपत! इन्फोसिस के नारायण मूर्ति की तस्वीर से बुजुर्ग कारोबारी को ठगा

महाराष्ट्र के पुणे में एक बुजुर्ग कारोबारी के साथ अजीब ठगी का मामला सामने आया है. ठगों ने इन्फोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की तस्वीर दिखाकर बुजुर्ग को ठगी का शिकार बनाया.

पहले 5 डॉलर का मुनाफा, फिर 1.57 करोड़ की चपत! इन्फोसिस के नारायण मूर्ति की तस्वीर से बुजुर्ग कारोबारी को ठगा
Image Credit: AI की मदद से बनाई गई तस्वीर

ऑनलाइन ठगी करने वाले अब बड़े-बड़े बिजनेसमैन के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. हाल ही में एक ऐसा ही मामला पुणे से समाने आया है. यहां एक 83 वर्षीय रिटायर्ड कारोबारी से 1.57 करोड़ रुपये हड़प लिए हैं. बताया जा रहा है कि ठगों ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फेसबुक निवेश से जुड़ा फर्जी विज्ञापन चलाया था. जिसके झांसे में रिटायर्ड कारोबारी भी आ गए.

खबरों के मुताबिक, ठगों ने रिटायर्ड कारोबारी को शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स में किए गए अपने निवेश को बेचने और उस पैसे को शेयर व्यापार से हाई रिटर्न्स का वादा करने वाली धोखाधड़ी वाली योजनाओं में लगाने के लिए राजी किया था. यह कथित धोखाधड़ी अगस्त 2025 और फरवरी 2026 के बीच हुई, जिसमें पीड़ित ने निवेश सलाहकार बनकर आए लोगों के संपर्क में आने के बाद कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए.

पहले 5 डॉलर का मुनाफा कराया

दिलचस्प बात यह है कि ठगों ने कारोबारी को पहले थोड़ा मुनाफा दिया, ताकि कारोबारी इनपर भरोसा कर सके. उन्होंने कारोबारी को अपना शिकार बनाने के लिए वॉट्सऐप कॉल और ग्रुप के जरिए उनसे संपर्क किया. शुरुआत में निवेश पर रिटर्न के तौर पर उनके खाते में 5 डॉलर जमा किए, जिससे उन्हें योजना के असली होने का यकीन हो जाए. एफआईआर के अनुसार, उस व्यक्ति को कुछ महीने पहले फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन दिखा था. इसके बाद, उसे दो कथित निवेश संस्थाओं के जरिए शेयर ट्रेडिंग से पर्याप्त फायदे का वादा करके इन्वेस्ट करने के लिए रजामंद किया.

अलग-अलग अकाउंट्स में हुए 49 ट्रांजेक्शन

इस योजना को असली समझकर, बुजुर्ग कारोबारी ने बड़ी रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दी. उसने एक निवेश योजना से जुड़े लेन-देन में अलग-अलग बैंक खातों में 37.85 लाख रुपये ट्रांसफर किए. इसके अलावा, एक अन्य निवेश संस्था का प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले लोगों ने कथित तौर पर उसे कई लेन-देनों के माध्यम से 1.20 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के लिए मना लिया. शिकायत के मुताबिक, यह पैसा 49 ट्रांजेक्शन में कई बैंकों में मौजूद खातों में ट्रांसफर किया गया. इस धोखाधड़ी में कुल 1.57 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

कैसे लगा धोखाधड़ी का पता?

हालांकि, जब बुजुर्ग कारोबारी ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो धोखाधड़ी का खुलासा हो गया. क्योंकि ठगों ने इन्वेस्ट की गई रकम लौटाने के बजाय, आरोपियों ने कथित तौर पर टैक्स के नाम पर अतिरिक्त भुगतान की मांग की. एक व्यक्ति ने कथित तौर पर 15 लाख रुपये और दूसरे ने 33 लाख रुपये मांगे. शिकायत में कहा गया है कि अतिरिक्त मांगों से निवेश योजना में धोखाधड़ी का संदेह पैदा हुआ. आरोपी के बेटे ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद परिवार ने पुणे शहर की साइबर पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के आरोप में मामला दर्ज किया है.

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About the Author

Tahir Kamran

Tahir Kamran

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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