उत्तराखंड के चमोली में मंगलवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र चमोली में जमीन से करीब 13 किलोमीटर की गहराई में था. यह इलाका भूकंपीय रूप से सक्रिय हिमालयी क्षेत्र में मौजूद है, जहां भारतीय और यूरेशियन विवर्तनिक प्लेटों के बीच चल रही टक्कर के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं. भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई इलाकों में महसूस किए गए. बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और ऋषिकेश समेत कई क्षेत्रों में लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी.
इसके अलावा दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए जाने की खबर है. भूकंप तरीबन 10 बजकर 25 मिनट पर आया और लगभग 10 सेकेंड तक लोगों ने झटके महसूस किए हैं.
Earthquake tremors felt in Delhi. Further details awaited. https://t.co/1TrF1UMuWn
— ANI (@ANI) October 6, 2026
उत्तराखंड, विशेष रूप से चमोली जैसे जिले, उच्च भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्रों में आते हैं (ऐतिहासिक रूप से जोन IV और V में, कुछ हालिया आकलन पूरे राज्य में उच्च संवेदनशीलता का संकेत देते हैं). हाल के वर्षों में इस इलाके में कई मध्यम तीव्रता के भूकंप आए हैं, जिनमें चमोली, उत्तरकाशी और आसपास के इलाकों में आए 3-4 तीव्रता के भूकंप शामिल हैं. 1999 में चमोली में आए भूकंप (6.6 तीव्रता) जैसी ऐतिहासिक बड़ी घटनाएं इस क्षेत्र की भूकंपीय क्षमता को रेखांकित करती हैं.
4.4 तीव्रता के भूकंप को आमतौर पर हल्का से मध्यम श्रेणी में रखा जाता है. इससे पहाड़ी इलाकों में काफी कंपन महसूस हो सकती है और लोग घबराकर बाहर भागने पर मजबूर हो सकते हैं.
इससे पहले सोमवार शाम को कश्मीर के पुलवामा और श्रीनगर में भी भूकंप आया था. जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 मापी गई. इस भूकंप का केंद्र श्रीनगर से दक्षिण पूर्व की तरफ 28km दूर और पांच किलोमीटर नीचे बताया गया.
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