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ओडिशा तट से 'प्रलय' मिसाइल का सफल टेस्ट, DRDO को मिली बड़ी कामयाबी, 500 KM तक है मारक क्षमता

ओडिशा के तट से यह परीक्षण सुबह 11:10 बजे हुआ. मिसाइल ने अपने सारे टारगेट एकदम सटीक तरीके से पूरे किए. इस बड़ी कामयाबी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ की टीम और सेना के जवानों को बधाई दी है.

ओडिशा तट से 'प्रलय' मिसाइल का सफल टेस्ट,  DRDO को मिली बड़ी कामयाबी, 500 KM तक है मारक क्षमता
Image Credit: ओडिशा तट से स्वदेशी 'प्रलय' मिसाइल का सफल टेस्ट.

भारत ने अपनी सैन्य ताकत में इजाफा किया है. गुरुवार को ओडिशा तट से स्वदेशी 'प्रलय' मिसाइल का सफल टेस्ट किया गया है. सुबह करीब 11:10 बजे डीआरडीओ ने यह ट्रायल किया, जिसमें मिसाइल ने अपने सभी तय निशानों को पूरी सटीकता से ध्वस्त कर दिया. इस बड़ी कामयाबी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों और सेना को बधाई दी है. इस ताकतवर मिसाइल को हैदराबाद की 'रिसर्च सेंटर इमारत' (RCI) और डीआरडीओ की कई दूसरी लैब्स ने मिलकर तैयार किया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर की गई पोस्ट में लिखा' DRDO ने आज सुबह 11:10 बजे ओडिशा के तट पर देश में बनी प्रलय मिसाइल का सफल फ्लाइट टेस्ट किया. यह टेस्ट यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल के हिस्से के तौर पर किया गया था और इसने सभी तय मकसद पूरे किए, जैसा कि अलग-अलग रेंज इंस्ट्रूमेंट्स से मिले डेटा से पता चला.'

क्या है प्रलय मिसाइल और क्यों है इतनी खास?

प्रलय मिसाइल स्वदेशी है, जो भारत में ही बनी है. इसे डीआरडीओ (DRDO) ने तैयार किया है. यह मिसाइल जमीन से दागी जाती है और दुश्मन के जमीनी सैन्य ठिकानों को तबाह कर सकती है.  इसे जमीन से जमीन पर मार करने वाली 'क्वासी-बैलिस्टिक' मिसाइल भी कहते हैं.

Pralay Missile

उड़ान के दौरान अपना रास्ता और दिशा बदल सकती है प्रलय

इसकी सबसे बड़ी खूबी इसके उड़ने का तरीका है. आम बैलिस्टिक मिसाइलें एक तय रास्ते पर चलती हैं, जिससे दुश्मन उन्हें आसानी से ट्रैक कर लेता है, लेकिन 'क्वासी-बैलिस्टिक' होने की वजह से प्रलय उड़ान के दौरान ही अपना रास्ता और दिशा बदल सकती है. इसी वजह से दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे पकड़ पाना या मार गिराना बेहद मुश्किल हो जाता है.

प्रलय मिसाइल की खूबियों पर एक नजर

  1. सॉलिड फ्यूल से चलने वाली प्रलय मिसाइल की मारक क्षमता 150 से 500 किलोमीटर तक है.
  2. यह मिसाइल हमेशा हमले के लिए तैयार रहती है और ऑर्डर मिलते ही तुरंत दागी जा सकती है.
  3. इसे मोबाइल लॉन्चर (ट्रक जैसे वाहन) से दागा जा सकता है और सेना इसे सड़क के रास्ते कहीं भी ले जाकर आसानी से तैनात कर सकती है.
  4. इसमें बेहद आधुनिक नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम लगा है, जिससे यह अचूक निशाने के साथ लक्ष्य को भेदती है. साथ ही, यह अलग-अलग तरह के वॉरहेड (हथियार) ले जाने में पूरी तरह सक्षम है.

 बॉर्डर की सुरक्षा के लिए मजबूत विकल्प बनेगी प्रलय

प्रलय मिसाइल देश में ही हथियार तैयार करने और कम दूरी में अचूक निशाना लगाने की दिशा में भारत का एक बड़ा कदम मानी जा रही है. अब इसका असली असर तभी दिखेगा, जब सभी ट्रायल्स के बाद इसेसेना का हिस्सा बनाया जाएगा. अगर यह सफलतापूर्वक सेना में शामिल होती है तो बॉर्डर की सुरक्षा के लिए भारत के पास एक बेहद असरदार और मजबूत विकल्प होगा.

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Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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