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राजस्थान पुलिस के लिए गर्व की खबर है. प्रदेश के सात पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित 'केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक-2026' के लिए चुना गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी चयन में राजस्थान के छह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और एक राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के अधिकारी शामिल हैं. खास बात यह है कि इन सभी सात अधिकारियों का चयन उत्कृष्ट अनुसंधान यानी इन्वेस्टिगेशन श्रेणी में किया गया है.
जटिल मामलों की जांच में दिखाया दम
इस सम्मान के लिए चयनित अधिकारियों ने जटिल आपराधिक मामलों की जांच में अपनी दक्षता और पेशेवर क्षमता का परिचय दिया है. इनमें साइबर फ्रॉड नेटवर्क, अंतरराज्यीय हथियार तस्करी और ब्लाइंड मर्डर जैसे चुनौतीपूर्ण मामलों का अनुसंधान शामिल है. इन अधिकारियों ने गंभीर और पेचीदा आपराधिक मामलों की गुत्थियां सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके इसी उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना है.
राजस्थान के 7 पुलिस अधिकारियों को मिला सम्मान
राजस्थान के जिन सात पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए चयनित किया गया है, उनमें डॉ. अजेय सिंह राठौड़ (IPS), प्रेम कुमार (RPS), अनुष्ठा कालिया (IPS), कांबले शरण गोपीनाथ (IPS), रोशन मीणा (IPS), मनीष कुमार (IPS) और जतिन जैन (IPS) शामिल हैं. इन सभी अधिकारियों को अलग-अलग आपराधिक मामलों के अनुसंधान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा.
देशभर के 490 पुलिसकर्मी और अधिकारी चयनित
गौरतलब है कि साल 2026 में देशभर के कुल 490 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है. यह सम्मान पुलिसिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, उच्च पेशेवर मानकों और अनुसंधान में विशेष योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है.
31 अक्टूबर को होती है सम्मान की घोषणा
केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक की घोषणा हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर की जाती है. इस सम्मान के जरिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के उन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर अनुसंधान और प्रभावी पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया है.
राजस्थान पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि
राजस्थान के सात अधिकारियों का इस सूची में शामिल होना प्रदेश पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे न केवल राजस्थान पुलिस की जांच क्षमता और पेशेवर दक्षता को राष्ट्रीय पहचान मिली है, बल्कि अन्य पुलिसकर्मियों को भी उत्कृष्ट अनुसंधान और बेहतर पुलिसिंग के लिए प्रेरणा मिलेगी.