)
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती के गृह जिले टीकमगढ़ के ग्राम डूंडा में अवैध शराब बिकने से परेशान गांव की महिलाओं ने टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और गांव में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस की तरफ से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उनके गांव में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी.
दरअसल, यह पूरा मामला टीकमगढ़ जिले के डूंडा गांव का बताया जा रहा है, जहां गांव में अवैध शराब की बिक्री से परेशान महिलाओं ने आज एसपी ऑफिस पहुंचकर नारेबाजी करते हुए गांव में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
बाहर निकलने भी हो रही परेशानीवहीं महिलाओं का आरोप है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री के चलते माहौल खराब हो रहा है. शराब के नशे में होने वाले विवादों के कारण महिलाओं को घरों से बाहर निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीण महिलाएं राजकुमारी लोधी का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें आज एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी आवाज उठानी पड़ रही है.
आदिवासी महिला राजपति ने आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित थाना बड़ागांव धासन में भी उनके द्वारा कई दफा इस बात की शिकायत की गई. लेकिन शराब माफियाओं और पुलिस की मिलीभगत के चलते अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है.
ओबीसी महासभा के कार्यकारी जिला अध्यक्ष रविंद्र लोधी का कहना है कि डूंडा गांव पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का गांव है. उन्होंने ही मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर पहल की थी, लेकिन आज उनके ही गांव में अवैध रूप से गांव की गली गली में अवैध शराब बेची जा रही है.
इस पूरे मामले में एएसपी विक्रम सिंह कुशवाह का कहना है की ग्रामीणों की शिकायत की जांच कराई जाएगी, यदि गांव में अवैध शराब बिक्री की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा, कि गांव में बाहर से शराब की आपूर्ति कहां से हो रही है.