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नोएडा-दिल्ली में बारिश के बाद आसमान में दिखा रेनबो, क्या सिर्फ खूबसूरत नजारा है या इसके पीछे छिपा है कोई खास मतलब?

दिल्ली-नोएडा समेत उत्तर भारत में रातभर हुई बारिश के बाद शुक्रवार शाम मौसम ने करवट ली. बादल हल्के छंटे तो आसमान में सात रंगों वाला खूबसूरत इंद्रधनुष नजर आया. इस नजारे ने लोगों का ध्यान खींचा. आखिर बारिश के बाद रेनबो क्यों बनता है और इसका क्या मतलब है?

नोएडा-दिल्ली में बारिश के बाद आसमान में दिखा रेनबो, क्या सिर्फ खूबसूरत नजारा है या इसके पीछे छिपा है कोई खास मतलब?
Image Credit: आसमान में इंद्रधनुष

रात की रिमझिम बरसात और सर्द हवाओं के थपेड़ों के बाद आज शुक्रवार शाम को दिल्ली-एनसीआर समेत आस-पास के इलाके में मौसम कुछ साफ हुआ, तो आसमान अलग ही नजर आया. एक तरफ जहां अर्णब तूफान के असर से नोएडा से लेकर दिल्ली में रात भर रुक-रुक कर बरसात हुई और ठिठुरन महसूस हो रही है, तो वहीं शाम ढलते-ढलते बादलों की घनी चादर कम हुई.

जैसे ही बादलों के पीछे से सूरज की हल्की और सुनहरी किरणें बाहर आईं, आसमान में कुदरत का शानदार नजारा देखने को मिला. दिल्ली और नोएडा के आसमान में सात रंगों से सजा एक इंद्रधनुष यानी Rainbow बना हुआ दिखाई दिया. बालकनी में खड़े होकर चाय की चुस्की ले रहे लोगों से लेकर ऑफिस से लौटने वाले लोगों तक, हर किसी की नजरें इस अद्भुत नजारे पर टिक गईं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बारिश रुकने के बाद ही इंद्रधनुष क्यों दिखाई देता है? आसमान में दिखने वाले इन सात रंगों के पीछे विज्ञान क्या कहता है?

क्या होता है रेनबो और बारिश के बाद क्यों दिखाई देता है?

रेनबो को हिंदी में इंद्रधनुष कहते हैं. यह आसमान में दिखाई देने वाला रंगीन धनुष जैसा आकार होता है. खास बात यह है कि इंद्रधनुष कोई ठोस चीज नहीं होती है, बल्कि प्रकाश से जुड़ी एक प्राकृतिक घटना है. इसे देखने के लिए बारिश की बूंदों और सूरज की रोशनी, दोनों का होना जरूरी है. जब सूरज की किरणें हवा में मौजूद पानी की छोटी-छोटी बूंदों पर पड़ती हैं, तो रोशनी बूंदों के अंदर जाकर मुड़ती है. साइंस में इसे अपवर्तन यानी Refraction कहते हैं. इसके बाद रोशनी बूंद के अंदर से टकराकर वापस आती है और बाहर निकलते समय अलग-अलग रंगों में बंट जाती है. इसी प्रक्रिया को प्रकाश का विक्षेपण यानी Dispersion कहा जाता है.

यही वजह है कि बारिश के बाद जब बादल कुछ हटते हैं और सूरज की रोशनी पानी की बूंदों तक पहुंचती है, तो आसमान में इंद्रधनुष दिखाई देने लगता है. यानी सिर्फ बारिश होना काफी नहीं है, इसके लिए धूप का निकलना भी जरूरी है. आमतौर पर इंद्रधनुष सूरज की उल्टी दिशा में दिखाई देता है. इसलिए अगर आप इंद्रधनुष देख रहे हैं, तो सूरज आपकी पीठ की तरफ होना चाहिए.

इंद्रधनुष में सात रंग ही क्यों दिखाई देते हैं?

बचपन से हमें बताया जाता है कि इंद्रधनुष में सात कलर्स होते हैं. ये हैं- बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल. असल में सूरज की सफेद रोशनी में कई रंग मौजूद होते हैं. पानी की बूंदों से गुजरते समय ये रंग अलग-अलग दिशाओं में मुड़ जाते हैं और हमें सात रंगों की एक खूबसूरत पट्टी दिखाई देती है.

खास बात यह है कि इंद्रधनुष के रंगों का क्रम भी तय होता है. सामान्य इंद्रधनुष में लाल रंग सबसे बाहर और बैंगनी रंग सबसे अंदर की तरफ होता है. कई बार आसमान में दो इंद्रधनुष भी दिखाई देते हैं. ऐसा तब होता है, जब पानी की बूंदों के अंदर रोशनी दो बार परावर्तित होती है. दूसरे इंद्रधनुष में रंगों का क्रम उल्टा होता है और वह पहले के मुकाबले हल्का दिखाई देता है. 

क्या इंद्रधनुष दिखने का कोई खास मतलब होता है?

इंद्रधनुष को लेकर भी कई तरह की बातें और मान्यताएं प्रचलित हैं. कहीं इसे उम्मीद और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है, तो कहीं इसे बारिश के बाद अच्छे मौसम का संकेत भी माना जाता है. लेकिन साइंस में इसका कोई भविष्य से जुड़ा मतलब नहीं माना जाता है.

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About the Author

Udbhav Tripathi

Udbhav Tripathi

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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