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भूटान की ग्लेशियर झील फटेगी, 5 साल पहले ही मिली थी चेतावनी… असम-बंगाल में मंडराया भीषण बाढ़ का खतरा; 10,000 लोग शिफ्ट किए गए

भूटान में जो शिंताफू ग्लेशियर झील फटी है, उसको लेकर एक स्टडी में करीब पांच साल पहले ही चेतावनी जारी की गई थी. शिंताफू ग्लेशियर झील फटने के कारण भूटान में सड़कों पर तबाही नजर आ रही है. बंगाल और असम में अलर्ट जारी किया गया है.

भूटान की ग्लेशियर झील फटेगी, 5 साल पहले ही मिली थी चेतावनी… असम-बंगाल में मंडराया भीषण बाढ़ का खतरा; 10,000 लोग शिफ्ट किए गए
Image Credit: ग्लेशियर फटने की 5 साल पहले ही मिली थी चेतावनी. (फोटो- एआई)

भूटान में गुरुवार (29 अक्टूबर) देर रात शिंताफू ग्लेशियर झील फट गई, जिस कारण आसपास भारी नुकसान देखने को मिला है. झील के फटने के कारण पश्चिम बंगाल और असम के कई राज्यों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. शिंताफू ग्लेशियर झील फटने के कारण पुनाखा-गासा हाईवे का एक हिस्सा भी टूटकर बह गया, जिस कारण ट्रैफिक को रोकना पड़ा. गनीमत है कि अभी किसी की मौत की खबर नहीं है.

भूटान में फटी झील के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में प्रशासन अलर्ट है. झील से निकले पानी के कारण संकोश का जलस्तर लगाता बढ़ रहा है. यह नदी भूटान से निकलते हुए असम और पश्चिम बंगाल की सीमा से गुजरती है और आगे ब्रह्मपुत्र में मिलती है. इस बीच एक अहम जानकारी सामने आई है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भूटान की इस झील को लेकर करीब 5 साल पहले ही चेतावनी जारी की गई थी.

बंगाल में 10,000 लोगों को किया गया शिफ्ट

भूटान में फटी इस झील के कारण नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भारत सतर्क हो गया है. प्रशासन ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पहुंचाने का काम किया. देर रात से ही प्रशासनिक अधिकारी लोगों को सकर्त करने में लग गए.

अधिकारियों ने बताया कि क्लाउडब्रस्ट के बाद पानी स्तर कुछ करीब 7 से 8 घंटे में भारत तक पहुंच सकता है. यही कारण है कि प्रशासन ने रातभर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए NDRF, SDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं.

भारत भी पहुंच सकता है बाढ़ का पानी

जानकार बताते हैं कि भूटान की शिंताफू ग्लेशियर झील फटने के कारण उसमें जमा पानी नदियों के रास्ते भार पहुंचेगा. इस कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. झील से निकला पानी भूटान की मो छू नदी में आएगा, जहां से यह मो छू और फो छू नदियों को मिलाते हुए पुनात्सांगछू नदी में जाएगा. यही नदी आगे चलकर भारत में प्रवेश करती है, जिसको संकोश नदी के नाम से जाना जाता है.

माना जा रहा है कि भूटान में फटी झील की घटना के बाद संकोश का जलस्तर एक बार में काफी बढ़ सकता है, जिस कारण नदी के किनारे बसे लोगों पर खतरा मंडरा सकता है. ऐसे में सावधानी बरतते हुए संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों को निकाला जा रहा है कि सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. जानकार मानते हैं कि बंगाल के अलीपुरद्वार और असम धुबरी जिलों में संकोश नदी का जलस्तर बढ़ सकता है.

पांच साल पहले मिली थी चेतावनी

शिंताफू ग्लेशियर झील के फटने के कारण भारत की संकोश नदी में खतरा बढ़ा है. इस बीच एक 5 साल पुरानी रिपोर्ट चर्चा का केंद्र बनी हुई है. शिंताफू ग्लेशियर झील का क्षेत्रफल लगभग 2.38 लाख वर्ग मीटर बताया जाता है और  पानी की मात्रा करीब 62 लाख घन मीटर आकी गई है. साल 2021 में हुए एक स्टडी में इश झील को खतरनाक ग्लेशियल झील की श्रेणी में रखा गया था.

उसी साल एक Hazard Assessment for a Glacier Lake Outburst Flood in the Mo Chu River Basin, Bhutan" की एक रिपोर्ट भी सामने आई थी, जिसमें इस झील पर विल्फ्राइड हैग और उनके सहयोगियों ने स्टडी की थी. स्टडी में दावा किया गया था कि जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. इसके अलावा नई झीलें भी बन रही हैं.  पुरानी झीलें बड़ी हो रही हैं. इस कारण ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की आशंका भी बढ़ रही है.

केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने जारी किया अलर्ट

भूटान की शिंताफू झील फटने के बाद केंद्रीय जल आयोग ने पश्चिम बंगाल और असम के लिए अलर्ट जारी किया है. पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में 10 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. इसके साथ ही NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात हैं. प्रशासन ने संकोश नदी पर 'रेड अलर्ट' लागू है.

बता दें कि असम के धुबरी में फिलहाल नदियों का जलस्तर सामान्य है और किसी को विस्थापित नहीं किया गया है. बताया जाता है कि राज्य के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. हालांकि, एहतियात के तौर पर एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं. 

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About the Author

abhinav tripathi

abhinav tripathi

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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