App

अर्नब का असर: पीछे छोड़ गया तबाही के निशान: 7 मौतें, 4,600 करोड़ की चोट

तूफान अर्नब चला गया लेकिन तबाही के गहरे निशान छोड़ गया. आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तेलंगाना सरकार से रेस्क्यू के काम में मदद के लिए बिजली विभाग के 1,000 कर्मियों को तत्काल भेजने की अपील की है. कर्नाटक और तमिलनाडु से मदद की बात चल रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि 30,000 अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे राहत और बचाव के काम में जुटे हैं.

अर्नब का असर: पीछे छोड़ गया तबाही के निशान: 7 मौतें, 4,600 करोड़ की चोट
Image Credit: (AI)

चक्रवात अर्नब भले ही भारत के समुद्र तटों से टकराकर चला गया, लेकिन भारी तबाही के निशान और बुरी यादें छोड़ गया है. अब तूफान से प्रभावित राज्यों के सामने जनजीवन को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं. आंध्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. यहां अब भी बिजली आपूर्ति पहले की तरह पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है. सड़कें टूटने से ट्रैफिक व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने प्रदेश कों हुए नुकसान का ब्योरा केंद्र को सौंप दिया है. अब केंद्रीय टीमें हालात का जायजा लेंगी और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाई जाएगी.

बढ़ सकता है नुकसान का आंकड़ा

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को बताया कि चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में 7 लोगों की मौत हो गई और प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार 4,600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के बाद उन्होंने कहा कि चक्रवात से हुए नुकसान का अनुमान 4,600 करोड़ रुपए है, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद यह आंकड़ा बढ़ सकता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की, उन्हें स्थिति और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी और केंद्र को नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंपी. आज भी कई टीमें नुकसान का जायजा लेने संबंधित क्षेत्रों में रवाना हो चुकी हैं.

इससे पहले मुख्यमंत्री ने बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. गचकयालापोरा गांव में राहत केंद्रों का निरीक्षण करके उन्होंने चक्रवात पीड़ितों से संवेदना जताते हुए उन्हें तत्काल मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया.

प्रियंका वाड्रा ने जताया शोक

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा, ओडिशा और आंध्र में तूफान अर्नब की वजह से मारे गए लोगों के परिजनों से मेरी संवेदनाएं हैं. मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि सभी लोग सुरक्षित रहें और सरकार पीड़ितों को फौरन राहत पहुंचाए.

आंध्र सरकार का प्लान

नायडू ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके वास्तविक स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि प्रत्येक क्षतिग्रस्त नारियल के पेड़ और प्रत्येक क्षतिग्रस्त ताड़ के पेड़ के लिए 1,500 रुपए का मुआवजा दिया जाएगा.

राहत शिविरों से लौटने वाले परिवारों को 25 किलो चावल, आवश्यक वस्तुओं का एक पैकेट और तत्काल खर्चों के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी.

मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि किसान पहले से ही फसल बीमा योजना के अंतर्गत आते हैं. चक्रवात के कारण फसल की पैदावार कम होने पर उन्हें मुआवजा मिलेगा. उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन करने के बाद कृषि और बागवानी फसलों के लिए मुआवजा जल्द से जल्द लाभार्थियों के खातों में जमा कर दिया जाएगा.

हुदहुद, तितली, मोंथा और अर्नब तक कैसे बना तबाही कम करने का रोडमैप

नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश ने अतीत में कई चक्रवातों का सामना किया है. तीस साल पहले, 6 नवंबर को, एक भयंकर चक्रवात ने इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी. हुदहुद, तितली, मोंथा और अर्नब ने भी राज्य में नुकसान पहुंचाया है. करीब 70 साल पहले, दिविसीमा चक्रवात ने हजारों लोगों की जान ले ली थी.

उन्होंने कहा, 'पिछली आपदाओं से सबक लेते हुए हमने एहतियाती उपाय लागू किए और जानमाल के नुकसान को काफी हद तक कम किया. तमाम सावधानियों के बावजूद, दुर्भाग्य से सात लोगों की जान चली गई, जो बेहद दुखद है. सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया था. जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया था.'

8,000 बिजली के खंभे उखड़े, जान-माल का नुकसान

कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है. रास्ता बहाल करने के लिए पेड़ों को हटाया जा रहा है. श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी राहत कार्यों की निगरानी और क्वार्डिनेशन कर रही है. अकेले कोनसीमा में करीब 8,000 बिजली के खंभे उखड़ गए हैं. कई दूसरे इलाकों में भी सैकड़ों बिजली के खंभे गिर चुके हैं. सभी को मिशन मोड में बदलकर बिजली सप्लाई बहाल कराने के लिए काम जारी है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
Read More