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रेलवे- मेट्रो-स्टेशन पर कड़ा पहरा, BSF-पैरामिलिट्री का सुरक्षा घेरा! आज घर से निकल रहे हैं तो इन रास्तों पर बिल्कुल नहीं जाना

दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है. 55 से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है. सेंट्रल दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है.

रेलवे- मेट्रो-स्टेशन पर कड़ा पहरा, BSF-पैरामिलिट्री का सुरक्षा घेरा! आज घर से निकल रहे हैं तो इन रास्तों पर बिल्कुल नहीं जाना
Image Credit: कर्तव्य पथ पर इंटरनेट सेवा बंद.

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का विचार है कि लोकतंत्र का अर्थ केवल एक सरकार नहीं है, बल्कि यह मूल रूप से साथ मिलकर रहने और अनुभवों को साझा करने का एक दृष्टिकोण है. विरोध का अधिकार अमूल्य है, लेकिन इसका उपयोग इस तरह होना चाहिए कि समाज की नींव और नागरिकों की सुरक्षा खतरे में न पड़े. आज यानी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है. दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है. लेकिन सीजेपी नेता कह रहे हैं आंदोलन होगा. यानी आज दिल्ली विरोध और टकराव का केंद्र बन सकती है. टकराव नहीं हो, इसके लिए दिल्ली की किलेबंदी की गई है. असाधारण सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. हम इसका विस्तार से कर आपको बड़े अपडेट बता रहे हैं.

इंटरनेट सेवाएं बंद

दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर 200 से ज्यादा संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिन्हें 10 अक्टूबर की शाम को छोड़ा जाएगा. ये सभी लोग किसी न किसी राजनीतिक दल या CJP से जुड़े हैं. नई दिल्ली में जनपथ–कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेगी. ये जंतर-मंतर के आसपास का इलाका है. शुक्रवार रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक यानी 24 घंटे इस इलाके में इंटरनेट सर्विस बंद रहेगी.

आज सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. जंतर-मंतर से नई दिल्ली स्टेशन करीब ढाई किलोमीटर और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन करीब 8 किलोमीटर दूर है. दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट शुक्रवार रात 9 बजे से अगली सूचना तक बंद हैं.

चांदनी चौक, कनॉट प्लेस में शटर डाउन

कनॉट प्लेस, चांदनी चौक और करोल बाग जैसे दिल्ली के कई बड़े बिजनेस हब आज बंद रहेंगे. सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो सर्विस पर पाबंदियों को देखते हुए आज दिल्ली के शिक्षण संस्थानों में होने वाली परीक्षाएं टाल दी गई हैं. कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास का ऐलान किया है. कई स्कूलों में होने वाली पैरेंट्स-टीचर मीटिंग का समय भी बदला गया है.

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा में तैनात जवानों को संयम बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. पुलिसकर्मियों को 150 से ज्यादा बॉडी कैमरे दिए गए, ताकि मौके पर होने वाली घटनाओं और पुलिस की कार्रवाई की रिकॉर्डिंग हो सके.

दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ी चौकसी

दूसरे राज्यों से लगने वाले दिल्ली के बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाई गई है. यहां दिल्ली पुलिस के साथ ही CAPF और BSF के जवानों को भी तैनात किया गया है. बाहर से आने वाले लोगों और गाड़ियों की चेकिंग हो रही है. अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने प्रोटेस्ट में शामिल होने का ऐलान किया है.

शुक्रवार को INDIA गठबंधन के सांसदों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजय चौक पर विरोध प्रदर्शन किया. इंडिया गठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मिले. लेकिन पहले बात करते हैं आम लोगों की बात. करते हैं. प्रदर्शन को लेकर किए गए सुरक्षा इंतजाम का आम दिल्लीवालों पर क्या असर पड़ेगा, इस बारे में आपको बताते हैं.

अब से करीब 13 घंटे बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित आंदोलन की तपिश दिल्ली और दिल्ली के सामान्य नागरिक अभी से महसूस कर रहे हैं. 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर मार्च में हुए उपद्रव से सीख लेते हुए इस बार दिल्ली में बेहद कड़ी सुरक्षा की गई है. आंदोलन को लेकर टकराव ना हो, इसलिए प्रशासन सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है.

  • दिल्ली में सुरक्षा के लिए 43 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.
  • CAPF की 221 कंपनियां तैनात की गई हैं.
  • CAPF के 23 हजार जवानों की तैनाती दिल्ली के अंदर और बाहर की गई है.
  • गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को CAPF की अतिरिक्त 110 कंपनियां दी हैं.
  • इसमें CRPF की 85, SSB की 10, RAF की 7, ITBP की 7 और CISF 1 की एक कंपनी शामिल हैं.
  • दिल्ली पुलिस के 20 हजार जवान भी किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए मुस्तैद हैं.

समझिए दिल्ली एक तरह से छावनी बन गई है. जुलाई के महीने में दिल्ली में CAPF की 150 कंपनियां तैनात थी. अब 221 कंपनियां हैं. ये तैनाती दिल्ली के अंदर और दिल्ली बॉर्डर पर है. पहले समझिए दिल्ली के अंदर का सुरक्षा घेरा कैसा है. यह भी समझिए क्योंकि आज जब आप दफ्तर के लिए निकलेंगे तो आंतरिक सुरक्षा चक्र के कारण आपको डेस्टिनेशन तक पहुंचने में एक्स्ट्रा समय लग सकता है. थोड़ी परेशानी भी हो सकती है.

कई लेयर्स में सुरक्षा, बैरिकेडिंग को जंजीरों से बांधा

जंतर मंतर पर कई लेयर की सुरक्षा. बैरिकेडिंग को जंजीरों से जोड़ा जा रहा है. लाउडस्पीकर से पूरी दिल्ली में चेतावनी जारी की जा रही है. सभी लोगों को सूचित किया जाता है कि इस क्षेत्र में BNS की धारा 163 लागू है. इस आदेश के अनुसार, यहां भीड़ इकट्ठा करना, जुलूस निकालना, रास्ता रोकना या ऐसी कोई भी गतिविधि करना जो आदेश में प्रतिबंधित है, मना है. आप सभी से अनुरोध है कि शांति बनाए रखें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें. बैरिकेड को न धकेलें, न तोड़ें और न ही पार करने का प्रयास करें. यातायात और आम लोगों का रास्ता न रोकें और पुलिस के सामने किसी प्रकार की बाधा न डालें.

BSF की कई कंपनियां दिल्ली की सड़कों पर तैनात. संसद भवन के पास इंडियन आर्मी की तैनाती की गई है. दिल्ली के थानों के बाहर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई. चुनाव आयोग की बिल्डिंग को छावनी में तब्दील किया गया. 20 जुलाई को सीजेपी के संसद मार्च दिल्ली से जो तस्वीरें आई थीं, वो दोहराई न जाएं इसलिए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए हैं.

पैरामिलिट्री के साथ-साथ बीएसएफ की तैनात

जंतर मंतर जाने वाले हर रास्ते को मानो सील कर दिया गया है. आमतौर पर जब पुलिस बैरिकेडिंग करती है तो एक लेयर की बैरिकेडिंग की जाती है. लेकिन इस बार मल्टी लेयर बैरिकेडिंग की जा रही है. भीड़ इसे पार न कर पाए इसीलिए इन्हें जंजीरों से सील भी किया जा रहा है.

आज CJP का प्रदर्शन उग्र न हो इसलिए इस बार दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के साथ BSF जवानों की भी तैनाती की गई है. ऐसी जगहें जहां भीड़ के जुटने या उग्र होने की आशंका है वहां वाटर कैनन और स्मोक ग्रेनेड के साथ पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है.

CJP चुनाव आयुक्त का इस्तीफा चाहती है. इसलिए चुनाव आयोग के मुख्यालय पर खास इंतजाम किए गए हैं. चुनाव आयोग के मुख्यालय को चारो तरफ से बैरिकेडिंग से घेरा गया है ताकि प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके.

थाने के बाहर 10 लेयर की बैरिकेडिंग

नई दिल्ली में अगर प्रदर्शन उग्र होता है तो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाने के लिए पुलिस ने एक दिन पहले ही तैयारियां कर ली हैं. 100 से ज्यादा बसों को पुलिस ड्यूटी पर तैनात किया गया है.सड़कों के साथ साथ दिल्ली के थानों की किलेबंदी भी की गई है. नई दिल्ली के पार्लियामेंट्र स्ट्रीट थाने के बाहर लगभग 10 लेयर की बैरिकेडिंग है.

नई दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर जितने भी हॉटस्पॉट हैं.. वहां पुलिस ने एक्स्ट्रा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं.. और इन्हें 24 घंटे मॉनिटर किया जा रहा है. सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम को जानकर आशंकित होने या डरने की जरूरत नहीं है. सुरक्षा किसी भी तरह के टकराव और गड़बड़ी को रोकने के लिए की गई है. कुछ अनिष्ट ना हो, इसके लिए चौकसी बरती जा रही है. टकराव की आशंका क्यों है, इसे भी समझते हैं.

CJP के नेता कह रहे हैं कि आज सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट होगा. लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है. सीजेपी का पक्ष है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के तौर पर चिन्हित है. इसलिए उन्हें वहां प्रदर्शन से रोका नहीं जा सकता है. प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए भी कुछ नियम तय हैं. सीजेपी ने प्रदर्शन की इजाजत के लिए तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया.

इन इलाकों में जाने से बचें

जंतर-मंतर सेंट्रल दिल्ली में आता है. ये वो इलाका है जहां संसद भवन समेत कई अहम संस्थान हैं. सरकारी दफ्तर हैं, कनॉट प्लेस जैसे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है. रोज लाखों लोग इस इलाके से होकर गुजरते हैं. हजारों लोग यहां नौकरी करते हैं. कल अगर आपको किसी जरूरी काम से सेंट्रल दिल्ली जाना है या आपका ऑफिस इस इलाके में है तो आपको अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने 37 ब्लॉकिंग प्वाइंट बनाए हैं. यानी 37 जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है.

आज जंतर मंतर रोड, संसद मार्ग, अशोक रोड, जनपथ, टॉलस्टॉय मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, जय सिंह रोड, पटेल चौक, रफी मार्ग, रायसीना रोड, कर्तव्य पथ, विजय चौक, केजी मार्ग, फिरोज शाह रोड, बाराखंभा रोड, कनॉट प्लेस, इंडिया गेट, सुनहरी बाग, राजघाट, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाके में जाने से बचें.

सुरक्षा जांच में लग सकता है वक्त

अगर जाना जरूरी है तो थोड़ा पहले निकलें क्योंकि सुरक्षा जांच में ज्यादा समय लग सकता है. असुविधा ना हो इसके लिए आपको वैकल्पिक रास्ता भी जानना चाहिए. कनॉट प्लेस, इंडिया गेट से बचते हुए रिंग रोड, धौला कुआं और नारायणा के रास्ते आप जा सकते हैं. लेकिन ध्यान रखिएगा धौला कुआं फ्लाईओवर पर ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है.
ITO की जगह आप सिग्नेचर ब्रिज और वजीराबाद होते हुए आउटर रिंग रोड के रास्ते जा सकते हैं.

किन रास्तों का कर सकते हैं इस्तेमाल

नोएडा, गाजियाबाद से दक्षिणी दिल्ली जाने के लिए ITO प्रगति मैदान से बचे, DND होते हुए रिंग रोड से आप दक्षिण दिल्ली पहुंच सकते हैं. इस रास्ते पर आश्रम के पास आपको थोड़ा समय लग सकता है. सिर्फ दिल्ली पार करना है तो ईस्टर्न पेरिफेरल और केएमपी का प्रयोग कर सकते हैं. अगर आपको मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट जाना हो तो याद रखिए नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम स्टेशन बंद हैं. आपको धौला कुआं से ये सर्विस मिलेगी. सुरक्षा का मजबूत घेरा सिर्फ दिल्ली के अंदर ही नहीं है. दिल्ली के हर बॉर्डर को भी प्रदर्शनकारियों के लिए सील कर दिया गया है. अलग-अलग बॉर्डर्स पर कैसे इंतजाम किए गए हैं, चलिए आपको बताते हैं.

दिल्ली में सड़क मार्ग से प्रदर्शनकारियों की नो एंट्री को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कमर कस ली है. दिल्ली के हर छोटे बड़े एंट्री प्वाइंट पर नाकेबंदी कर दी गई है.. मल्टी लेयर बैरिकेडिंग कर के हर गाड़ी की चेकिंग की जा रही है. दिल्ली के सबसे बिजी बॉर्डर्स में से एक दिल्ली नोएडा चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस के साथ साथ करीब दो दर्जन BSF के जवानों की तैनाती है. जवानों के साथ साथ यहां कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है.. लोहे के बैरिकेड्स के साथ साथ यहां सीमेंट के डिवाइडरों से भी भीड़ को रोकने की तैयारी की जा रही है.

मेट्रो से जा रहे हैं तो जान लें हर बात

इसके अलावा दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर भी सुरक्षाबल हाई अलर्ट हैं. भारी तैनाती के साथ साथ यहां से अंदर आने वाली हर गाड़ी को चेक किया जा रहा है. हर संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है. सड़क पर जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा जांच है. आप दिल्ली मेट्रो से ट्रैवल करने का मन बना रहे होंगे. यहां हम आपसे एक जरूरी जानकारी शेयर कर रहे हैं. दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिया है. यानी इन 57 मेट्रो स्टेशन पर अंदर जाने और बाहर निकलने की सुविधा नहीं है. इन स्टेशनों पर जहां इंटरचेंज की सुविधा है, वहां आप मेट्रो बदल सकते हैं.

दिल्ली में रोज औसतन 67 लाख लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं. त्योहार या किसी विशेष दिन मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़कर 80 लाख तक पहुंच जाती है. शनिवार को सड़क पर यात्रा करने में व्याधान हो सकता है. इसलिए संभव है मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़े. लेकिन मेट्रो स्टेशन बंद होने से दैनिक यात्रियों को परेशानी होगी.

रैपिड के दो स्टेशन भी दिल्ली में बंद

दिल्ली से मेरठ के बीच चलनेवाली नमो भारत रैपिड रेल के दो स्टेशन- सराय काले खां और अशोक नगर भी बंद हो गए हैं. रैपिड रेल अगले आदेश तक आनंद विहार से मेरठ तक जाएगी. दिल्ली में रोज करीब 40 लाख लोग बसों से यात्रा करते हैं. इसके अलावा रोजाना करीब ढाई लाख लोग दूसरे राज्यों से आनेवाली बसों से दिल्ली पहुंचते हैं. रोजाना करीब 15 लाख रेल यात्री दिल्ली आते हैं. या दिल्ली से दूसरे राज्यों में जाते हैं.

दूसरे राज्यों से आने वाली बसों की चेकिंग

दिल्ली में दूसरे राज्यों से आने वाली बसों की अतिरिक्त जांच हो रही है. इससे यात्रियों को थोड़ा ज्यादा समय लगना तय है. लेकिन ट्रेन से यात्रा करनेवाले लोगों को ज्यादा परेशानी होगी, क्योंकि रेलवे ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद दिल्ली के दो स्टेशन के लिए रवाना होने वाली ट्रेनों को उनके सोर्स स्टेशन से ही रद्द कर दिया. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर 10 अक्टूबर को सुबह 4 से दोपहर 2 बजे तक पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेन को रद्द किया गया है. इस फैसले का असर करीब 38 से ज्यादा ट्रेनों पर पड़ा है. इस फैसले से रेल यात्रियों में नाराजगी है. क्योंकि जिन लोगों को जरूरी काम से दिल्ली जाना था, ट्रेन रद्द होने से वो अटक गए. जिन्होंने दो महीने पहले रिजर्वेशन कराया था, उनकी परेशानी और बढ़ गई है. क्योंकि त्योहारों के सीजन में ट्रेन में रिजर्वेशन मिलना भी मुश्किल हो गया है. प्रदर्शन की वजह से ट्रेनों के रद्द होने का असर दिल्ली ही नहीं देश के कई शहरों में पड़ रहा है.

आंदोलन दिल्ली में हो रहा है.. लेकिन इसका असर देशभर में दिख रहा है. दिल्ली आने और दिल्ली से जाने वाली कई ट्रेनों के रद्द होने का असर देशभर के लाखों रेल यात्रियों पर पड़ रहा है. लेकिन सबसे पहले आपको समझना चाहिए कि ट्रेनों को कैंसल करने या डायवर्ट करने का फैसला क्यों लिया गया. मध्यप्रदेश के इटारसी स्टेशन पर अचानक अफरातफरी मच गई, जब गोवा एक्सप्रेस में सवार कई यात्रियों को ट्रेन से उतारा गया. बताया जा रहा है कि ये सभी लोग दिल्ली में CJP के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे.
जैसे ही पुलिस को इन यात्रियों की जानकारी मिली.ट्रेन के अंदर जाकर इन्हें पहले ट्रेन से उतारा गया और उसके बाद इन्हें हिरासत में लेकर एक होटल में शिफ्ट किया गया.

गोवा एक्सप्रेस की तरह दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनों पर नजर रखी जा रही है. जानकारी मिलने पर ट्रेनों के अंदर जाकर चेकिंग की जा रही है. रेलवे पुलिस दिल्ली जा रहे यात्रियों की चेकिंग भी कर रहे हैं. एहतियात के तौर पर नौ और दस तारीख को दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. कई ट्रेनों का रूट बदला गया है, जिसकी वजह से आम यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.लोगों में खासी नाराजगी भी दिख रही है.

ट्रेनें की जा रहीं रद्द

मुंबई से दिल्ली के लिए चलने वाली दो ट्रेनें रद्द की गईं और दो ट्रेनों का समय बदला गया. ये कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया. लेकिन इसकी वजह से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.कई यात्री ऐसे हैं, जिन्हें अब दिल्ली पहुंचने के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं. इलाहाबाद में भी कई यात्री दिल्ली जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे. लेकिन प्रदर्शन की वजह से ट्रेन कैंसल हो गई. कन्फर्म टिकट होने के बावजूद लोगों को घर वापस जाना पड़ रहा है.

जम्मू रेलवे स्टेशन से भी दिल्ली जाने वाली 4 ट्रेनों को रद्द किया गया है. रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं. लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा है. लेकिन जिन यात्रियों की ट्रेन छूट रही है वो परेशान हैं. ट्रेन रद्द करने और मेट्रो स्टेशन बंद करने के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई. इस याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि जो प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, उससे आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था कायम रखने और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए. लेकिन इससे आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि मेट्रो और ट्रेन को पूरी तरह रोक नहीं सकते. मेट्रो और अन्य ट्रेनों की आवाजाही को इस तरह नियंत्रित करने पर विचार करना होगा कि आम लोगों को परेशानी न हो. कोर्ट ने कहा कि जो भी फैसला किया जाए, उसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि शहर में यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी ना हो.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रतिबंधों को लेकर बहुत सख्त टिप्पणी की. कहा- क्या आप मक्खी को मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करेंगे? कोर्ट में सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधों में बदलाव किया जा सकता है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि सरकार से निर्देश लेकर वो और जानकारी देंगे.

आचार्य चाणक्य का विचार है कि भविष्य में आने वाले संकट या आपदा को जो व्यक्ति पहले ही भांप लेता है और समय रहते उससे बचने के उपाय कर लेता है, वही सबसे बुद्धिमान और सुरक्षित रहता है. दिल्ली में जो तैयारी हो रही है, वो भविष्य यानी कल होने वाले किसी भी टकराव को रोकने के लिए है. ये आपकी हमारी सुरक्षा के लिए है. प्रदर्शन के नाम पर कोई टकराव नहीं हो इसके लिए पहले ही सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. इन कदमों से हमें थोड़ी परेशानी जरूर होगी, ये तय है. 

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About the Author

Rachit Kumar

Rachit Kumar

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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