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दिल्ली में सांसों पर संकट: राजधानी में 405 पहुंचा AQI; मुंबई-कोलकाता की हवा भी बिगड़ी, जानिए देश के 6 बड़े शहरों का हाल

राजधानी दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक होती जा रही है. दिन में जहां AQI 279 था, वहीं रात होते होते यह 405 पार हो चुका है. आइए जानते हैं 4 नवंबर को देश के 6 बड़े शहरों का हाल कैसा रहा.

दिल्ली में सांसों पर संकट: राजधानी में 405 पहुंचा AQI; मुंबई-कोलकाता की हवा भी बिगड़ी, जानिए देश के 6 बड़े शहरों का हाल
Image Credit: AI जनरेडेट इमेज (राजधानी दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक होती जा रही है)

सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे पूरे देश को अपनी जद में ले रहा है. ठंड की आहट के साथ ही हवा में प्रदूषण का जहर भी घुलने लगा है. नवंबर के महीने के आगाज के साथ ही देश के प्रमुख शहरों में सांस लेना मुश्किल होने लगा है. राजधानी दिल्ली के हालात तो अभी से चिंताजनक हो गए हैं. यहां की हवा में प्रदूषण जहर की तरह घुल रहा है. हालात ये हैं दिन में जो एक्यूआई 269 था वो रात होते होते 400 पार पहुंच चुका है. मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में भी धुंध और प्रदूषण का असर दिख रहा है.

4 नवंबर को दिल्ली में शाम 4 से 5 बजे के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 269 दर्ज किया गया, जिससे शहर की हवा 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है. रात में 10 बजे यह 400 पार हो गया, मतलब गंभीर श्रेणी में. दिल्ली के बाद आर्थिक राजधानी मुंबई में दिन में एक्यूआई 161 और कोलकाता में 155 दर्ज किया गया. इन दोनों शहरों की हवा फिलहाल 'मध्यम' श्रेणी में बनी हुई है.

AQI क्या होता है?

AQI यानी 'एयर क्वालिटी इंडेक्स' हवा का थर्मामीटर है. जैसे हमें थर्मामीटर बताता है कि बुखार कितना है, वैसे ही AQI बताता है कि आपके शहर या इलाके की हवा में कितना जहर घुला है और वो सांस लेने लायक है या नहीं. हवा में धूल, धुआं और कई जहरीली गैसें मिली होती हैं. AQI का नंबर जितना बड़ा होगा, हवा उतनी ही जहरीली होगी.

Delhi AQI Today

AQI का पैमाना क्या होता है?

हवा की जांच के लिए पीएम 2.5 और पीएम 10 के साथ नाइट्रोजन, सल्फर और ओजोन जैसी गैसों को नापा जाता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने इसे 6 आसान हिस्सों में बांटा है. 

  1. 0 से 50: हवा एकदम साफ है, सेहत को कोई खतरा नहीं.
  2. 51 से 100: हवा ठीक-ठाक है, सांस लेने में कोई खास दिक्कत नहीं होती.
  3. 101 से 200: फेफड़ों या सांस की बीमारी वाले लोगों को हल्की परेशानी हो सकती है.
  4. 201 से 300: हवा में प्रदूषण बढ़ चुका है, लंबे समय तक बाहर रहने पर सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.
  5. 301 से 400: हवा काफी जहरीली हो चुकी है, स्वस्थ लोगों को भी सांस की बीमारी घेर सकती है.
  6. 401 से 500: यह इमरजेंसी जैसे हालात हैं. यह हवा किसी भी इंसान को बीमार कर सकती है और पहले से बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.
Delhi AQI Today

PM2.5 और PM10 सेहत के लिए कितने खतरनाक हैं?

हवा में घुले धूल, धुएं और कालिख के बारीक कणों को ही पार्टिकुलेट मैटर (PM) कहा जाता है. इसका मतलब ये है कि हमारे सिर का एक बाल जितना मोटा होता है, PM10 उससे करीब 5 गुना छोटा होता है और PM2.5 तो उससे लगभग 30 गुना ज्यादा बारीक होता है. इतने छोटे होने की वजह से ये खुली आंखों से नहीं दिखते, लेकिन सांस के जरिए सीधे शरीर के अंदर चले जाते हैं.

जानलेवा होता है PM2.5

सबसे ज्यादा जानलेवा PM2.5 होता है, क्योंकि नाक और गले के फिल्टर इसे रोक नहीं पाते और यह सीधे फेफड़ों की गहराई तक पहुंच जाता है. वहां से ये कण खून की नलियों में भी घुल जाते हैं. जब हवा में इनकी मात्रा बढ़ती है, तो खांसी, आंखों में जलन और सांस फूलने जैसी परेशानियां तुरंत शुरू हो जाती हैं. लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से अस्थमा, फेफड़ों की खराबी और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

खराब हवा में किन लोगों को ज्यादा संभलकर रहना चाहिए?

जिन्हें अस्थमा, सांस की बीमारी और दिल की बीमारी है उन्हें ज्यादा संभलकर रहने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जहरीली हवा सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होती है. हवा की क्वालिटी गिरते ही ऐसे लोगों को खुले मैदान में दौड़ने, टहलने या भारी कसरत करने से बचना चाहिए.

क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

  • रोजाना अपने इलाके का AQI चेक करें और हवा खराब होने पर बेवजह बाहर निकलने से बचें.
  • बाहर निकलना जरूरी हो तो अच्छी क्वालिटी का मास्क जरूर पहनें.
  • सुबह-शाम जब प्रदूषण ज्यादा हो, तब खुले में भारी कसरत या दौड़ने से परहेज करें.
  • घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें और बच्चों व बुजुर्गों को धूल-धुएं से दूर रखें.
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About the Author

Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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