कांग्रेस की 'महाबैठक': इंडी गठबंधन की मींटिंग से पहले कांग्रेस का 'मंथन', CWC की बैठक का एजेंडा और रणनीति की इनसाइड स्टोरी
मंगलवार (29 सितंबर) को नई दिल्ली में CWC की बैठक होने जा रही है, जिसमें एसआईआर, CEC समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. वहीं, बुधवार को दिल्ली में ही इंडी गठबंधन की बैठक भी होने जा रही है.
Congress CWC Meeting: वोटर लिस्ट में बदलाव (SIR) को लेकर देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और बाकी दो आयुक्तों के बीच संवादहीनता की खबरों ने देश में सियासी पारा बढ़ा दिया है. इस बीच कांग्रेस की ओर से मंगलवार (29 सितंबर) को अपने कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई है. यह बैठक इंडी गठबंधन दलों की होने वाली बैठक से ठीक एक दिन पहले हो रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद एक बड़ी रणनीति बनाने का काम करने की तैयारी में है.
दरअसल, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब देश में SIR और CEC का मुद्दा गरमाया हुआ है. CWC की बैठक के अगले दिन यानी बुधवार को इंडी अलायंस के दलों की बैठक भी दिल्ली में होनी है, जिसमें इन सभी मुद्दों पर चर्चा की जानी है. इंडी गठबंधन की बैठक में कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को अपने एजेंडे के तौर पर रखेगी. इससे पहले 23 अगस्त को CWC की बैठक नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर बुलाई गई थी.
CWC की बैठक में क्या होगा?
सोमवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CWC की बैठक की जानकारी दी. बताया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी CEC के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करने जा रही है. इसमें सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी. इसके अलावा इस बैठक में एक अन्य प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा, जिसमें चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे एसआईआर की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की जाएगी. वहीं, कांग्रेस वह मुद्दा भी उठाएगी, जिसमें चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए 2023 में हुए कानूनी संशोधन को अवैध करार देने की मांग की जाएगी.
कल इंडी गठबंधन की बैठक
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के एक दिन बाद यानी बुधवार को नई दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक होनी है. CWC की बैठक में इंडी गठबंधन की मीटिंग से जुड़ी रुपरेखा भी तय की जाएगी. 30 सितंबर को होने वाली इंडी गठबंधन की पहल सीपीआईएम महासचिव एम ए बेबी ने की है.
उन्होंने इंडी गठबंधन के घटक दलों को पत्र लिखकर इस बैठक में शामिल होने की अपील की है. इसके अलावा बीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी जैसे दलों को भी आमंत्रण भेजा गया है. मीडिया से बातचीत में सीपीआईएम महासचिव एम ए बेबी ने बताया कि फिलहाल बहुत विकट स्थिति है. बीजेपी-एनडीए को छोड़कर सभी दलों को साथ आना चाहिए. इस संघर्ष में एकजुट होना चाहिए.
'BJP के कार्यकर्ता के जैसे काम कर रहे CEC'
सीपीआईएम महासचिव एम ए बेबी ने आरोप लगाया कि सीईसी ज्ञानेश कुमार बीजेपी-आरएसएस के कार्यकर्ता के जैसे काम कर रहे हैं. उन्हें इस्तीफा देना ही होगा. उनका कहना है कि एसआईआर पर रोक लगानी होगी और काटे गए वोटों को जोड़ना होगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन का विस्तार करना भी इस बैठक का लक्ष्य है. सीपीएम महासचिव के लेटर पर बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने उनसे फोन पर बात की.
क्या डीएमके होगी बैठक में शामिल
सबसे बड़ा सवाल है कि 30 नवंबर को होने वाली बैठक में डीएमके शामिल होगी? इसको लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी है. दावा किया जा रहा है कि सीपीआईएम ने डीएमके से संपर्क साधने की कोशिश की है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है. ऐसे में माना जा रहा है कि डीएमके इंडी गठबंधन की बैठक से दूरी बना सकती है. हालांकि, डीएमके हमेशा से एसआईआर के विरोध में रही है. तमिलनाडु में बने राजनीतिक हालात के बाद डीएमके कांग्रेस के साथ आने से बचना चाहती है.
यह भी पढ़ें: असम सीएम का अनूठा डांस: उपचुनाव के बीच CM हिमंता का कूल अंदाज, राहा में समर्थकों संग जमकर थिरके; VIDEO