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चुनाव आयोग पर लग रहे तरह-तरह के आरोपों के बीच कांग्रेस ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए चुनाव आयोग के घेराव करने की बात कही है. दिल्ली में मौजूद 'इंदिरा भवन' में पार्टी की बैठक के बाद पार्टी ने बताया कि विपक्षी दलों के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे. इसके साथ ही 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर पदयात्राएं, 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर बैठकें और 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैलियां आयोजित की जाएंगी. कांग्रेस का दावा है कि अभियान के दौरान वोटर लिस्ट से गायब करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं की जानकारी जुटाई जाएगी.
AICC के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा,'आज हमारी मीटिंग हुई जिसमें कांग्रेस के प्रभारी महासचिव, PCC अध्यक्ष और फ्रंटल संगठनों के नेता शामिल हुए. कांग्रेस अध्यक्ष ने PCC अध्यक्षों, प्रभारियों और महासचिवों को वोट की चोरी के खिलाफ एक आक्रामक देशव्यापी अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए हैं. वेणुगोपाल ने आगे कहा,'वोट बचाओ, देश बचाओ' यह हमारा नारा है... राहुल गांधी ने हमारे नेताओं को यह भी निर्देश दिया कि यह आंदोलन कल या परसों खत्म नहीं होने वाला है. जब तक ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता और सिस्टम को ठीक नहीं किया जाता, तब तक यह अभियान लगातार और आक्रामक रूप से चलना चाहिए.'

वेणुगोपाल ने आगे कहा,'CWC के फैसलों और INDIA गठबंधन की बैठक के बाद, हम पूरे देश में एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रहे हैं. चुनाव आयोग अब 'चीटिंग कमीशन ऑफ इंडिया' बन गया है. हम एक बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं, क्योंकि वह (CEC) पद नहीं छोड़ रहे हैं. वह उस कुर्सी पर बैठे हुए हैं, जबकि पूरा देश चाहता था कि उन्हें उस पद से हटाया जाए. वह उस कुर्सी पर बैठे हैं, लेकिन हम उन्हें उस कुर्सी पर नहीं बैठने देंगे. इसलिए, पार्टी ने एक बड़ा कार्यक्रम करने का फैसला किया है.'ॉ
वैसे तो कांग्रेस पिछले काफी समय से चुनाव आयोग और SIR पर सवाल खड़े करती आ रही है. बीच में 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में किए गए दावों के बाद पार्टी ने अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार चुनाव आयोग के कई फैसलों पर आपत्ति जताई थी. साथ ही Form-6 में बदलाव, चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े फैसलों पर भी दोनों ने की आपत्तियों दर्ज कराई गई थी.