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शनिवार को राजधानी दिल्ली पूरी तरह छावनी बनी रही. वोटर लिस्ट में धांधली के आरोपों के बाद चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन बुलाया था. इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, इसलिए दिल्ली पुलिस ने जगह-जगह 3 से 5 लेयर की बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर नहीं पहुंचने दिया. तगड़ी सुरक्षा के चलते प्रदर्शनकारी एक साथ एक जगह नहीं जुट पाए और आंदोलन बिखर गया.
#WATCH | Delhi Police detain a few protesters from Sansad Marg area, ahead of Cockroach Janta Party (CJP) protest today. https://t.co/0QRiO2Ho0V
— ANI (@ANI) October 10, 2026
प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच पाते, इससे पहले उन्हें डिटेन कर लिया गया. दिनभर चले इस ड्रामे में 7 हजार से ज्यादा लोगों को डिटेन किया गया है. अब रविवार को लेकर दिल्ली पुलिस अब भी अलर्ट मोड पर है.
Delhi: A large number of police personnel remained deployed at Jantar Mantar amid the protest called by the Cockroach Janta Party (CJP) against CEC Gyanesh Kumar. https://t.co/nuyY4Tqisy
— IANS (@ians_india) October 10, 2026
CJP supporters are creating chaos there, breaking barricades and pushing police officers. This is violence, and then they’ll turn around and claim they were holding a peaceful protest ... #Jantarmanatar #SayNoToCjp https://t.co/giETScYCZO
— Disha (@Lucid_Direction) October 10, 2026
दरअसल, CJP और विपक्ष ने SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. वो उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं. इसे लेकर ही शनिवार यानी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था. अब कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐलान किया है कि यह प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहेगा.
प्रदर्शन के चलते शनिवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा के लिहाज से 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा था. इन प्रमुख स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट शनिवार रात 10 बजे के बाद बंद थे, जो अब पूरी तरह खोल दिए गए हैं. जंतर-मंतर के 4 किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा ठप थी, उसे रात 10 बजे के बाद बहाल किया जा रहा है.
प्रदर्शनकारी एकजुट न हो सकें और जंतर-मंतर न पहुंच पाएं, इसके लिए पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही 'होल्ड' किया. अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही डिटेन कर लिया गया, जबकि अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी जैसे नेताओं को सड़क से उठाकर आइसोलेट किया गया. दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 38 हजार से अधिक जवान तैनात रहे, जिन्होंने भीड़ को कंट्रोल किया और प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक नहीं पहुंचने दिया.
पूरे दिन चले ड्रामे के दौरान पुलिस ने 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया. शाम तक आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत से रिलीज कर दिया गया. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी रिहा हो चुके हैं. नेहा बोरा को भी पुलिस ने छोड़ दिया.
शनिवार को पुलिस का सख्त पहरा रहने के बाद भी CJP पीछे हटने को तैयार नहीं है. पार्टी नेता अजिंक्य शिंदे ने शनिवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. रविवार को CJP, AIYF, AISF और SFI के कार्यकर्ता एक बार फिर जंतर-मंतर कूच करेंगे.
Delhi: On today's protest, CJP National Organisation In-charge Ajinkya Shinde says, "...A large number of people gathered here today. Our protest will continue until Gyanesh Kumar resigns. We will return to Jantar Mantar tomorrow." https://t.co/OEY9wH1uS1
— IANS (@ians_india) October 10, 2026
दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि रविवार को भी प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा. जैसे शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था रही, वैसे ही कल भी रहेगी. फिलहाल महिला और बुजुर्ग प्रदर्शनकारियों को रिलीज किया गया है, लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले प्रमुख आयोजकों पर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
दिल्ली में ट्रेनों के कैंसिलेशन, मेट्रो स्टेशनों को पूरी तरह बंद करने और मनमानी पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है. अब रविवार को अदालत की विशेष पीठ इस बात पर सुनवाई करेगी कि क्या प्रशासन ने पूर्व आदेशों की अवहेलना करते हुए अनुपात से अधिक पाबंदियां लगाई हैं.