SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

बच्चे के सवाल पर बवाल: BJP सांसद के बयान पर साजिद रशीदी बोले- 'सिर्फ 5 क्यों, 10 करो!', ओवैसी को भी लपेटा

मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी से बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने हिंदू परिवारों से कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की अपील पर घमासान जारी है. सियासी वार-पलटवार के बीच अब मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी ने बच्चों की संख्या से जुड़े सवाल पर पलटवार करते हुए बड़ी बात कह दी है.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 05, 2026, 02:00 PM IST | Updated: Oct 05, 2026, 02:59 PM IST
Image Credit: मौलाना साजिद रशीदी (ANI)
Join

Maulana Sajid Rashidi news: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने बच्चों के सवाल पर मचे बवाल की आग में घी डालते हुए विवाद की चिंगारी को और भड़का दिया है. बीजेपी सांसद ने हिंदुओ को 'हम दो हमारे पांच' का नारा देते हुए समझाया था कि हिंदुओं को अगर अपना अस्तित्व बचाना है तो आबादी बढ़ानी होगी. हथियार चलाना भी सीखना होगा, वरना डेमोग्राफी बदलने का खतरा बढ़ जाएगा. बीजेपी सांसद पटेल के बयान का हवाला देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा, 'सिर्फ पांच क्यों 10 बच्चे पैदा कीजिए. हम 10 बच्चे पैदा करते हैं, हमसे मुकाबला करें. किसने रोका है.'

मौलाना रशीदी ने आगे कहा, 'उन लोगों को सिर्फ मुसलमानों से दिक्कत है. एसआईआर को कुल आंकड़ा निकाल कर देख लें तो सबसे ज्यादा मुसलमानों के ही होंगे.'

बच्चे पैदा करने का सवाल नहीं तो और क्या? 

मौलाना रशीदी इतने पर ही नहीं रुके. बीजेपी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने ये भी कहा, 'इन लोगों के लिए मुद्दा आबादी नहीं, बल्कि मुसलमानों की बढ़ती आबादी है. जैसे हमने अब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए दावा किया है, उन्हें डर है कि हम आगे प्रधानमंत्री पद के लिए भी दावा कर सकते हैं. इसलिए साल 2011 के बाद से ठीक से जनगणना नहीं कराई गई. अब, एसआईआर के नाम पर हो रही कथित जनगणना में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. उसमें भी मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ नाम हटाए गए हैं; मेरा मानना ​​है कि उनमें से दो करोड़ मुसलमान होंगे.'

'बराबरी पर तो आओ'

मौलाना रशीदी ने कहा, 'आप औरतो को बच्चा पैदा करने की मशीन समझ रहे हो. आप बराबरी पर तो आओ. हमारे यहां तो 6 तो आम बात है. वरना 12-12 करते हैं. आप 10 तो करो बराबरी के लिए. आप लोग ये सोचते है. कैसे करेंगे? बच्चे पैदा करोगे तो पालना पड़ेगा. खिलाना पड़ेगा. हम नहीं सोचते. मुसलमानों के यहां प्रॉपर जितने बच्चे होते हैं, उन सबकी देखभाल प्रॉपर होती है. उनकी एजुकेशन का हिसाब प्रॉपर लगाया जाता है, और फिर वो बच्चे आगे चलके मां-बाप को वृद्धाश्रम में नहीं छोड़ते. मुसलमान का बच्चा वृद्धाश्रम में नहीं छोड़ता मां-बाप को. दिल्ली में जितने भी वृद्धाश्रम हैं, आप देखिएगा उसमें हिंदू हैं सब, मुसलमान नहीं हैं.'

ओवैसी को भी लपेटा

बेबाक बयानों के जरिए अक्सर विवादों में बने रहने वाले मौलाना रशीदी ने ओवैसी को भी तबीयत से लपेटा. उन्होंने कहा, ओवैसी मुसलमानों की रहनुमाई का दावा कर ते हैं, ऐसा नहीं है वो मुसलमानों के नाम पर बस राजनीति करते हैं. वो मुसलमानों को अशिक्षित समझते हैं. ओवैसी साहब को यह समझना चाहिए कि फॉर्म 7 मुसलमानों के लिए नहीं है. यह एक सामान्य फॉर्म है. इसमें कोई व्यक्ति यह बताता है कि संबंधित व्यक्ति यहां नहीं रहता है, या तो घर बिक गया है, व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, वह दूसरे शहर चला गया है. वो एक अलग ही लाइन पर चल रहे हैं.'

क्या बोले थे पटेल?

कालका माता मंदिर में नवरात्रि के बाद होने वाले भंडारे को लेकर आयोजित एक बैठक में सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने हिंदुओं को एकजुट रहने की सलाह दी थी. उन्होंने यह भी चेताया था कि अगर जनसंख्या नियंत्रण में संतुलन नहीं रहा, तो भारत में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे. 

बकौल पटेल, 'देश की रक्षा के लिए हिंदुओं को अपनी जनसंख्या बढ़ाने की चिंता करनी चाहिए. हिंदुओं की जन्म दर 1.9 फीसदी, जबकि अन्य धर्म में 2.9 फीसदी है. हर चार बच्चों में से एक हिंदू और तीन अन्य समाज का होता है. इसलिए युवाओं से समय पर शादी करने और पांच बच्चे पैदा करने ही चाहिए.'

 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES