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Maulana Sajid Rashidi news: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने बच्चों के सवाल पर मचे बवाल की आग में घी डालते हुए विवाद की चिंगारी को और भड़का दिया है. बीजेपी सांसद ने हिंदुओ को 'हम दो हमारे पांच' का नारा देते हुए समझाया था कि हिंदुओं को अगर अपना अस्तित्व बचाना है तो आबादी बढ़ानी होगी. हथियार चलाना भी सीखना होगा, वरना डेमोग्राफी बदलने का खतरा बढ़ जाएगा. बीजेपी सांसद पटेल के बयान का हवाला देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा, 'सिर्फ पांच क्यों 10 बच्चे पैदा कीजिए. हम 10 बच्चे पैदा करते हैं, हमसे मुकाबला करें. किसने रोका है.'
मौलाना रशीदी ने आगे कहा, 'उन लोगों को सिर्फ मुसलमानों से दिक्कत है. एसआईआर को कुल आंकड़ा निकाल कर देख लें तो सबसे ज्यादा मुसलमानों के ही होंगे.'
मौलाना रशीदी इतने पर ही नहीं रुके. बीजेपी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने ये भी कहा, 'इन लोगों के लिए मुद्दा आबादी नहीं, बल्कि मुसलमानों की बढ़ती आबादी है. जैसे हमने अब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए दावा किया है, उन्हें डर है कि हम आगे प्रधानमंत्री पद के लिए भी दावा कर सकते हैं. इसलिए साल 2011 के बाद से ठीक से जनगणना नहीं कराई गई. अब, एसआईआर के नाम पर हो रही कथित जनगणना में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. उसमें भी मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ नाम हटाए गए हैं; मेरा मानना है कि उनमें से दो करोड़ मुसलमान होंगे.'
मौलाना रशीदी ने कहा, 'आप औरतो को बच्चा पैदा करने की मशीन समझ रहे हो. आप बराबरी पर तो आओ. हमारे यहां तो 6 तो आम बात है. वरना 12-12 करते हैं. आप 10 तो करो बराबरी के लिए. आप लोग ये सोचते है. कैसे करेंगे? बच्चे पैदा करोगे तो पालना पड़ेगा. खिलाना पड़ेगा. हम नहीं सोचते. मुसलमानों के यहां प्रॉपर जितने बच्चे होते हैं, उन सबकी देखभाल प्रॉपर होती है. उनकी एजुकेशन का हिसाब प्रॉपर लगाया जाता है, और फिर वो बच्चे आगे चलके मां-बाप को वृद्धाश्रम में नहीं छोड़ते. मुसलमान का बच्चा वृद्धाश्रम में नहीं छोड़ता मां-बाप को. दिल्ली में जितने भी वृद्धाश्रम हैं, आप देखिएगा उसमें हिंदू हैं सब, मुसलमान नहीं हैं.'
बेबाक बयानों के जरिए अक्सर विवादों में बने रहने वाले मौलाना रशीदी ने ओवैसी को भी तबीयत से लपेटा. उन्होंने कहा, ओवैसी मुसलमानों की रहनुमाई का दावा कर ते हैं, ऐसा नहीं है वो मुसलमानों के नाम पर बस राजनीति करते हैं. वो मुसलमानों को अशिक्षित समझते हैं. ओवैसी साहब को यह समझना चाहिए कि फॉर्म 7 मुसलमानों के लिए नहीं है. यह एक सामान्य फॉर्म है. इसमें कोई व्यक्ति यह बताता है कि संबंधित व्यक्ति यहां नहीं रहता है, या तो घर बिक गया है, व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, वह दूसरे शहर चला गया है. वो एक अलग ही लाइन पर चल रहे हैं.'
कालका माता मंदिर में नवरात्रि के बाद होने वाले भंडारे को लेकर आयोजित एक बैठक में सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने हिंदुओं को एकजुट रहने की सलाह दी थी. उन्होंने यह भी चेताया था कि अगर जनसंख्या नियंत्रण में संतुलन नहीं रहा, तो भारत में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे.
बकौल पटेल, 'देश की रक्षा के लिए हिंदुओं को अपनी जनसंख्या बढ़ाने की चिंता करनी चाहिए. हिंदुओं की जन्म दर 1.9 फीसदी, जबकि अन्य धर्म में 2.9 फीसदी है. हर चार बच्चों में से एक हिंदू और तीन अन्य समाज का होता है. इसलिए युवाओं से समय पर शादी करने और पांच बच्चे पैदा करने ही चाहिए.'