)
दिवाली और गुरुपर्व त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने काफी सख्त नियम लागू किए हैं. प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने केवल 'ग्रीन पटाखों' को अनुमति दी है. वहीं, कानून-व्यवस्था के मद्देनजर पटाखे जलाने की समयसीमा भी तय की गई है. प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक और गुरुपर्व पर सुबह 4 से 5 बजे व रात 9 से 10 बजे तक ही 'ग्रीन पटाखे' जलाने की अनुमति होगी. पटाखे जलाने के लिए निर्धारित समय का पालन करना अनिवार्य होगा. प्रशासन ने नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है.
'पटाखे की लड़ियों' पर पूर्ण पाबंदी
जारी नए नियमों के अनुसार, केवल CSIR-NEERI से प्रमाणित ग्रीन पटाखों को ही अनुमति मिली है. पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेता कर सकेंगे, जबकि ऑनलाइन बिक्री की अनुमति नहीं होगी. वहीं, लड़ियों (जुड़े हुए पटाखों) पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन का कहना है कि 'पटाखों की लड़ियों' से वायु और ध्वनि प्रदूषण के साथ ठोस कचरे की समस्या बढ़ती है. यही वजह है कि 'पटाखे की लड़ियों' पर पाबंदी लगाई गई है. इसके अलावा अस्पतालों, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थानों, अदालतों, धार्मिक स्थलों और साइलेंस जोन के 100 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक रहेगी.
नियम तोड़ने वालों पर होगी क्या कार्रवाई?
प्रशासन ने लोगों से निर्धारित समय का पालन करने, अधिकृत ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने और बच्चों को पटाखों की सुरक्षित उपयोग विधि समझाने की अपील की है. प्रशासन ने कहा कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे. आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
त्योहारों से पहले अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई
उधर, त्योहारों और निकाय चुनाव से ठीक पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने शराब के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है. आबकारी विभाग की टीमों ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में कई डिस्टलरी प्लांट्स और बाटलिंग प्लांट्स पर छापा मारा. इस दौरान शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली स्प्रिट के स्टॉक की जांच की गई. जांच के दौरान प्लांट्स में उपलब्ध स्टॉक का रिकॉर्ड भी चेक किया गया. आबकारी विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आई खामियों को लेकर अब प्लांट संचालकों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.