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कैंसर की दवाओं पर मुनाफे का खेल होगा खत्म! 70% तक घट सकती हैं महंगी मेडिसिन की कीमतें

कैंसर का इलाज करवा रहे मरीजों को लेकर बड़ी राहत की खबर आ रही है कि उनकी बहुत सी दवाइयां अब सस्ती हो जाएंगी. सरकार पहले चरण में 110 दवाओं पर 30 फीसद का मार्जिन कैप लगाने जा रही है.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 08, 2026, 04:22 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 05:01 PM IST
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कैंसर के महंगे इलाज का बोझ थोड़ा कम हो सकता है. क्योंकि कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही कैंसर की दवाइयों को सस्ता करने पर गौर कर रही है. मरीजों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सरकार ने सभी नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं (ब्रांडेड और जेनेरिक, घरेलू और आयातित, पेटेंट वाली और बिना पेटेंट वाली) के लिए ट्रेड मार्जिन को MRP के 30% तक सीमित करने का फैसला किया है. इस कदम से दवाओं पर लगने वाले बहुत ज्यादा ट्रेड मार्क-अप की समस्या को दूर किया जाएगा और इन जीवन रक्षक दवाओं की लगातार उपलब्धता को यकीनी बनाते हुए उन्हें सस्ता बनाने में मदद मिलेगी.

संभावित असर:

  1. MRP में 70% तक की कमी आएगी
  2. सालाना 2500 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत होगी.
  3. कैंसर के मरीजों के अपनी जेब से होने वाले खर्च में कमी

सरकार ने इससे पहले 2019 में भी 42 नॉन शेड्यूल्ड कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन कम किया था. उस समय करीब 526 ब्रांड्स की कीमतों में कमी आई थी और मरीजों को सालाना करीब 984 करोड़ रुपये की बचत होने की बात सामने आई थी. अब सरकार 110 दवाओं को पहले चरण में शामिल करने की तैयारी कर रही है. ऐसे में अगर यह योजना लागू होती है, तो कैंसर के महंगे इलाज का बोझ कम करने में मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक, Department of Pharmaceuticals (DoP) ने इस मामले में NPPA को निर्देश दिए हैं. अब किन-किन दवाओं को पहले चरण में शामिल किया जाएगा, इसकी सूची तैयार की जा रही है. यह सूचि अगले दो-तीन दिनों में होने की उम्मीद है. 

आसान भाषा में समझिए सरकार क्या करना चाहती है?

दरअसल कोई भी दवाई जब कंपनी से बनकर मरीज तक पहुंचती है, तो वो बहुत महंगी हो जाती है. महंगा होने की बड़ी वजह दवा बेचने की पूरी चेन में जुड़ने वाला मार्जिन यानी मुनाफा भी है. कौन कितना मार्जिन ले रहा है, यह पहले तय नहीं था, लेकिन अब सरकार डिस्ट्रीब्यूटर और मेडिकल स्टोर के मुनाफे 30 फीसदी तक सीमित कर रही है. अभी तक यह मार्जिन इतना ज्यादा था कि दवाओं की असली कीमत बहुत ऊपर पहुंच जाती थी. एक जानकारी के मुताबिक इस तरह की दवाइयों पर अभी डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर का मार्जिन 170 फीसदी से लेकर 700 फीसदी तक था. जब मार्जिन 30 फीसद तय हो जाएगा, तो खुद-ब-खुद ही दवाइयों की कीमत कम हो जाएगी. 

क्या कैंसर हर दवाई 70% तक सस्ती हो जाएगी?

अगर आपके जेहन में भी यह सवाल आ रहा है कि क्या कैंसर से जुड़ी हर दवा 70 फीसद सस्ती हो जाएगी? तो ऐसा बिल्कुल नहीं है, क्योंकि सरकार कुछ चुनिंदा दवाओं पर ही यह एक्शन लेने जा रही है. इस कैटेगरी में 110 दवाइयां होंगीं और वो कौन सी दवाइयां होंगी, वो लिस्ट अभी जारी नहीं हुई है. इनमें अधिकतर वो दवाइयां रहने की उम्मीद है, जिनका मौजूदा ट्रेड मार्जिन बहुत ज्यादा है. 

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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