App

राहुल का राजनीतिक ज्ञान शून्य... EC पर उठाए सवालों से भड़की BJP, याद दिलाया बूथ कैप्चरिंग का दौर

राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग (EC) पर उठाए गए सवालों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा पलटवार किया है. बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक ज्ञान को शून्य बताते हुए उन्हें देश में कांग्रेस शासन के दौरान हुए बूथ कैप्चरिंग के दौर की याद दिलाई है. जानिए क्या है पूरा मामला?

राहुल का राजनीतिक ज्ञान शून्य... EC पर उठाए सवालों से भड़की BJP, याद दिलाया बूथ कैप्चरिंग का दौर
Image Credit: केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग अहम सहयोगी रही है. इसी तरह उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के दौरान रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस को समर्थन मिला था.

चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी के आरोपों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने चुनावी इतिहास और पुराने रिकॉर्ड पर भी बात करनी चाहिए. बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह अभी देश की राजनीति और चुनावी व्यवस्था को पूरी तरह समझने की प्रक्रिया में हैं.

बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस नेता पर हमला जारी रखते हुए आगे बताया कि कैसे कांग्रेस के दौर में उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बूथ कैप्चरिंग और हिंसा होती थी. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए आगे कहा कि कैसे उनके शासन में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान राज्यों में चुनाव के दौरान हिंसा और गोलियां चलने की घटनाएं सामने आती थीं. बीजेपी ने दावा किया कि मौजूदा समय चुनाव प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा संस्थागत और तकनीक आधारित हो चुकी है. इसलिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाते समय पुराने दौर की घटनाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए.

रिपोर्ट में चुनाव आयुक्त का बयान है या नहीं

बीजेपी ने उस रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाया है जिसके आधार पर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की चर्चा शुरू हुई. पार्टी की ओर से पूछा गया कि क्या रिपोर्ट में किसी मौजूदा चुनाव आयुक्त का प्रत्यक्ष बयान शामिल है. बीजेपी का कहना है कि किसी संस्थान के भीतर चर्चा या किसी मुद्दे पर सवाल उठाना अपने आप में सार्वजनिक मतभेद या संस्थागत टकराव का प्रमाण नहीं माना जा सकता. चुनाव आयोग ने भी कहा है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, टिप्पणियां और सुझाव आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. आयोग के मुताबिक SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए.

चुनाव आयोग में मतभेद के दावे पर EC की सफाई

SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की. ECI के अनुसार आयुक्तों के बीच विचार-विमर्श और अलग-अलग सुझाव संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं. रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से पिछले 10 महीनों में कई मौकों पर आपत्तियां या टिप्पणियां किए जाने का उल्लेख किया गया है. वहीं आयोग ने इन घटनाओं को सामान्य आंतरिक विचार-विमर्श बताते हुए कहा कि फैसले सर्वसम्मति से लिए गए.

SIR को लेकर चुनाव आयोग के अधिकार पर सवाल

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की समीक्षा और उसमें जरूरी सुधार की प्रक्रिया है. चुनाव आयोग संविधान और चुनाव संबंधी कानूनों के तहत मतदाता सूची तैयार करने और उसके पुनरीक्षण की जिम्मेदारी निभाता है. इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद जरूर हैं. राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने SIR को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है.

चुनावी गठबंधन पर भी बीजेपी का निशाना

बीजेपी ने कांग्रेस की चुनावी सफलता को लेकर भी सवाल उठाए. पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में सहयोगी दलों के समर्थन के साथ चुनाव लड़ती और जीतती रही है. केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग अहम सहयोगी रही है. इसी तरह उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के दौरान रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस को समर्थन मिला था. बीजेपी इसी आधार पर कांग्रेस की स्वतंत्र चुनावी ताकत पर सवाल उठाती रही है. हालांकि यह राजनीतिक दलों के बीच का दावा और राजनीतिक आकलन है, जिसे चुनावी आंकड़ों और संबंधित चुनाव परिणामों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए.

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने SIR और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों को लेकर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं. 23 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में वोट चोरी को संविधान पर हमला बताया और बीजेपी, RSS तथा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. दूसरी ओर चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है. बीजेपी ने भी राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर आगे भी अपनी बात रखने का संकेत दिया है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Ravindra Pratap Singh

Ravindra Pratap Singh

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
Read More