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मुंबई पुलिस अपने डॉग स्कवायड को और मजबूत करने जा रही है. इसके लिए वह दुनिया में सबसे तेज दिमाग और खूंखार माने जाने वाले बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल के कुत्तों को अपने स्कवायड में शामिल कर रही है. उसने ठाणे के एक प्रजनन केंद्र से इस नस्ल के 6 कुत्ते खरीदे थे, जिनमें से एक की ट्रेनिंग अब पूरी हो गई है. जबकि, 5 कुत्तों की ट्रेनिंग अभी भी जारी है. उनका प्रक्षिशण पूरा होने के बाद उन्हें भी फोर्स का हिस्सा बना लिया जाएगा. मुंबई पुलिस का प्लान है कि धीरे-धीरे अपने डॉग स्कवायड में अन्य नस्लों के कुत्तों को बाहर करके धीरे-धीरे इसी नस्ल को शामिल कर लिया जाएगा. सवाल है कि मुंबई पुलिस का आखिर बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल पर दिल क्यों आ गया है? क्या वजह है कि मुंबई पुलिस ने अपने डॉग स्कवायड को अब पूरी तरह से इस नस्ल के कुत्तों से भरने का मन बना लिया है.
इन सवालों का जवाब दुनिया के खतरनाक आतंकी रहे ओसामा बिन लादेन में छिपा है. जब अमेरिका के नेवी सील्स कमांडोज ने ओसामा बिन लादेन के खात्मे के लिए पाकिस्तान के एबटाबाद में गोपनीय ऑपरेशन चलाया था तो उसमें वे अपने साथ एक खास कुत्ते को भी लेकर गए थे. बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल के उस कुत्ते का नाम 'कायरो' था.
उस कुत्ते को ओसामा के छिपने वाले परिसर की बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करने, भागने वाले किसी भी व्यक्ति को रोकने और यह जांचने के लिए ले जाया गया था कि वहां कोई कोई विस्फोटक या गुप्त रास्ता तो नहीं है. 'कायरो' ने इन सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा. इसके बाद दुनिया भर में इस नस्ल के कुत्तों की धाक जमती चली गई.
इस नस्ल के कुत्तों की सूंघने की क्षमता जबरदस्त होती है. वे काफी दूर से ही अपने टारगेट को सटीक तरीके से सूंघकर पहचान सकते हैं. वे कुत्ते बारूद, विभिन्न प्रकार के विस्फोटक, हथियार, ड्रग्स और बहते पानी या जमीन के नीचे छिपी वस्तुओं को भी सूंघकर ढूंढ निकाल लेने में माहिर होते हैं.
यही नहीं, वे हवा में मौजूद हल्की सी गंध या जमीन पर कई घंटे पुराने पैरों के निशानों को भी सूंघते हुए संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु तक पहुंच सकते हैं. बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल के कुत्तों की एक बड़ी खासियत ये भी है कि वे भारी शोर, भीड़-भाड़ या धुआं होने के बावजूद अपने टारगेट की विशिष्ट गंध को पहचान सकते हैं और भटकते नहीं हैं.
वे कुत्ते जमीन को सूंघकर ही नहीं, बल्कि हवा में तैर रही सूक्ष्म गंध को पहचानकर भी दूर छिपे किसी व्यक्ति या विस्फोटक का तुरंत पता लगा लेते हैं. इनकी सूंघने की इसी असाधारण और सटीक क्षमता की वजह से दुनिया भर की सेनाएं और एलीट कमांडोज इन्हें अपने स्कवॉयड में शामिल रखना पसंद करती हैं. वे उन्हें वीआईपी सुरक्षा, बॉम्ब स्क्ववायड और बचाव-राहत अभियानों के लिए पहली पसंद मानती हैं.
इन कुत्तों की इन्हीं सब खूबियों ने मुंबई पुलिस को भी इन पर मोहित कर दिया. उसने ठाणे के एक प्रजनन केंद्र से डेढ़-दो महीने की उम्र के बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल के 6 पिल्ले खरीदे और उन्हें गहन ट्रेनिंग देनी शुरू की. अब उनमें से एक कुत्ते को डॉग स्कवॉयड में शामिल कर लिया गया है, जबकि बाकी 5 अगले कुछ महीनों में भर्ती हो जाएंगे.
इन कुत्तों को VIP दौरों से पहले स्थलों की चेकिंग, विस्फोटक सामग्री ढूंढने और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा जांच में मदद करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. इनमें बैगों और कमरों की जांच करना तथा खुले मैदानों की तलाशी लेना शामिल है. फिलहाल, मुंबई पुलिस के पास 30 कुत्तों का एक स्क्वायड है. उस दस्ते में बेल्जियन मैलिनोइस, लेब्राडोर, जर्मन शेफर्ड और डोबरमैन शामिल हैं.
लेकिन मुंबई पुलिस अब इस दस्ते को पूरी तरह से बेल्जियन मैलिनोइस वाले कुत्तों में कन्वर्ट करने पर विचार कर रहा है. इसके लिए बाकी नस्लों के कुत्तों को धीरे-धीरे बाहर (फेज आउट) किया जा सकता है. अगर ऐसा किया गया तो यह मुंबई पुलिस में बड़ा बदलाव होगा, जिसमें सुरक्षा ड्यूटी के लिए किसी एक नस्ल पर अधिक जोर दिया जाएगा.