हसीना का तख्तापलट कराने वाला अब CJP प्रोटेस्ट में कूदा, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर क्या बोला नाहिद इस्लाम?
दिल्ली में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन को बांग्लादेशी छात्र नेता नाहिद इस्लाम ने समर्थन दिया है. उन्होंने सीजेपी के प्रोटेस्ट को सही ठहराते हुए भारत के Gen-Z की की तारीफ की. इधर, सीजेपी ने आज भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नए प्रदर्शन का ऐलान किया है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ऐलान किया है कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनका प्रदर्शन रविवार (11 अक्टूबर) को भी जारी रहेगा. सीजेपी ने आज 10 बजे फिर से जंतर-मंतर की ओर कूच का ऐलान किया है. एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस के जनाव तैनात हैं. बताया गया कि राजधानी में करीब 43,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. भारत में हो रहे सीजेपी के आंदोलन को बांग्लादेश का साथ मिला है.
दरअसल, साल 2024 में शेख हसीना सरकार को गिराने वाले छात्र आंदोलन के नेता नाहिद इस्लाम ने सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन किया और सही ठहराया. नाहिद इस्लाम ने भारत में हो रहे सीजेपी के आंदोलन को लेकर दावा किया कि इस प्रदर्शन में भारत के Gen-Z ने एकजुटता दिखाई. नाहिद का कहना है कि उनका आंदोलन भी सत्तावादी शासन के खिलाफ छात्रों के विरोध से ही शुरू हुआ था.
बांग्लादेश के छात्र नेता ने CJP के प्रोटेस्ट को बताया सही
हैरान करने वाली बात है कि अपना देश बर्बाद करने वाले बांग्लादेश के छात्र नेता भारत की शांति व्यवस्था नहीं देख पा रहे हैं. सीजेपी के प्रोटेस्ट को सही ठहराते हुए बांग्लादेश के छात्र नेता नाहिद इस्लाम ने भारतीय युवाओं की संवैधानिक अधिकारों की मांग का खुलकर समर्थन किया. नाहिद ने हिंदुत्व बहुसंख्यकवाद और फासवाद की आलोचना करते हुए कहा कि दक्षिण एशिया का भविष्य धार्मिक वर्चस्व के आधार पर तय नहीं किया जाना चाहिए. यहां हैरान करने वाली बात है कि खुद बांग्लादेश में धर्म के आधार पर बर्चस्व दिखाने की कोशिश जा रही है, जिसपर नाहिद का ध्यान नहीं गया.
सीजेपी के तीनों नेता गिरफ्तार
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका कल (10 अक्टूबर) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने तीनों नेताओं को प्लेन से ही हिरासत में ले लिया. पुलिस ने उन्हें देर रात गिरफ्तार किया और आज यानी रविवार को उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि तीनों सीजेपी नेताओं की ऐहतियाती गिरफ्तारी की गई है और उन्हें आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. सीजेपी का कहना है कि जब-तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, ये प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है.
दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर दी है. राजधानी में करीब 43,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं और जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं. नई दिल्ली में धारा 163 लागू है. हालांकि, आज मेट्रो और रेल सेवा बहाल है. इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए शनिवार को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली सैकड़ों ट्रेनों को रद्द किया गया था और दिल्ली के 45 रेलवे स्टेशन पर भी एंट्री और एग्जिट को बंद किया गया था.
प्रदर्शन जारी रखेगी सीजेपी
गौरतलब है कि हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया और कहा कि उनकी गैरमौजूदगी में अजिंक्य शिंदे प्रदर्शन की कमान संभालेंगे. सीजेपी की ओर से शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक ये प्रदर्शन जारी रहेगा. सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने दावा किया कि कुछ लोगों को डिटेन करने से उनका संघर्ष रुकने वाला नहीं है.