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'मुसलमान पढ़ना नहीं चाहते' कहने वालों को ओवैसी का जवाब: बोले- विलेन तो गरीबी है, 10वीं का रिजल्ट देखो!

असदुद्दीन ओवैसी ने शिक्षा के आधिकारिक आंकड़ों को सामने रखकर मुस्लिम समुदाय के पिछड़ेपन की वजह को उजागर किया है. इस दौरान उन्होंने

Written By Bhoopendra Rai
Published: Nov 05, 2026, 05:41 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 05:50 PM IST
Image Credit: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने देश में मुसलमानों की पढ़ाई-लिखाई के हालात पर चिंता जताई.
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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने देश में मुसलमानों की पढ़ाई-लिखाई के हालात पर चिंता जताई है. उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देकर बताया कि मुस्लिम समाज आखिर पढ़ाई में पीछे क्यों छूट रहा है. ओवैसी ने साफ कहा कि मुस्लिम बच्चे अपनी मर्जी से स्कूल नहीं छोड़ते, बल्कि इसके पीछे असली वजह पैसों की तंगी और सरकारी सिस्टम की नाकामी है.

हैदराबाद में ओवैसी स्कूल प्रिंसिपलों, हेडमिस्ट्रेस और हेडमास्टरों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने देश भर में मुसलमानों की शैक्षिक स्थिति को लेकर कई अहम सरकारी आंकड़े सामने रखे. उन्होंने कहा कि देश भर में मुसलमानों की पढ़ाई-लिखाई की स्थिति काफी परेशान करने वाली है.

ओवैसी ने कहा, 'भारत सरकार के 2014 के डेटा के मुताबिक, 15 प्रतिशत मुस्लिम बच्चे कभी स्कूल नहीं गए. सरकार के 2006 के आंकड़ों के अनुसार, मुस्लिम बच्चों के स्कूल जाने का औसत समय भी सबसे कम रहा, जो केवल तीन साल और चार महीने था.'

'नोवेयर चिल्ड्रन' और ड्रॉपआउट की गंभीर समस्या

ओवैसी ने आगे कहा कि एक श्रेणी 'नोवेयर चिल्ड्रन' की है, जिसका अर्थ है वे बच्चे जो न तो कभी स्कूल गए और न ही किसी लेबर फोर्स का हिस्सा बने. ओवैसी ने बताया, 'इस कैटेगरी में मुसलमानों का हिस्सा सबसे ज्यादा 29 प्रतिशत है. यह आंकड़ा भारत सरकार के 2014 के रिकॉर्ड से है, यह मेरा या आपका बनाया हुआ नहीं है.'

ओवैसी ने कहा, 'पूरे देश में सबसे ज्यादा ड्रॉपआउट रेट मुसलमानों में है, जो 10 साल की उम्र से शुरू होता है. बाकी सभी सामाजिक और धार्मिक समूहों की तुलना में मुसलमानों का ड्रॉपआउट रेट 82 प्रतिशत तक पहुंचता है, जो 2014 के सरकारी आंकड़ों में दर्ज है.'

'पढ़ना नहीं चाहते कहने वालों के मुंह पर तमाचा'

शिक्षा मंत्रालय के UDISE डेटा का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि सुधार के संकेत भी दिख रहे हैं. उन्होंने कहा, 'कक्षा 10वीं में अल्पसंख्यक छात्रों की संख्या 2020-21 में 14.5 प्रतिशत थी, जो 2021-22 में बढ़कर 24.4 प्रतिशत हो गई है. यह उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो आरोप लगाते हैं कि मुसलमान पढ़ना नहीं चाहते.'

उर्दू स्कूलों और मदरसों पर 10.5 करोड़ रुपये खर्च किए

असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि अक्टूबर 2005 से नवंबर 2026 तक AIMIM ने सरकारी उर्दू-मीडियम मदरसों और स्कूलों पर कुल 10 करोड़ 47 लाख 11 हजार रुपये खर्च किए हैं. इस पहल से अब तक 3,91,407 छात्रों को लाभ मिला है. उन्होंने ट्रस्ट में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया.

ओवैसी ने बताया कि तेलंगाना में हर साल 5 लाख से ज्यादा छात्र एसएससी (SSC) परीक्षाओं में शामिल होते हैं. राज्य में मुस्लिम आबादी करीब 12 प्रतिशत है, लिहाजा लगभग 60,000 से 65,000 मुस्लिम छात्र इन परीक्षाओं में बैठते हैं. इनमें से करीब 8,000 छात्र उर्दू-मीडियम स्कूलों से 10वीं की परीक्षा देते हैं.

1,614 छात्रों की परीक्षा फीस भरेगी AIMIM

ओवैसी ने ऐलान किया है कि इस साल भी AIMIM 92 स्कूलों के 1,614 छात्रों की एसएससी परीक्षा फीस का भुगतान करेगी, जिस पर 2,01,750 रुपये का खर्च आएगा. उन्होंने बताया कि उर्दू-मीडियम सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें, इसके लिए पार्टी ने जुलाई 2026 में एक ट्रस्ट बनाया था. 

इस ट्रस्ट के जरिए इस साल 11,100 छात्रों को 60,07,500 रुपये की लागत से एजुकेशनल किट बांटी गईं. इसके अलावा सितंबर 2026 में तेलंगाना भर के उर्दू-मीडियम सरकारी स्कूलों के 8,000 छात्रों को 24,65,000 रुपये की लागत से 'ऑल-इन-वन' एजुकेशनल किट दी गई है.

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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