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फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप आए दिन अपने विवादित बयानों की वजह से मीडिया की सुर्खियों में छाए रहते हैं. एक बार फिर कानूनी अड़चनों में फंस गए हैं. सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में गुजरात की सूरत कोर्ट ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया है. समन और नोटिस भेजे जाने के बाद भी जब अनुराग कश्यप अदालत में हाजिर नहीं हुए, तो ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया है.
यह मामला अनुराग कश्यप द्वारा सोशल मीडिया पर दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है. आरोप है कि उन्होंने ब्राह्मण समुदाय को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर सामाजिक स्तर तक लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. जब निर्देशक की तरफ से इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक माफी नहीं मांगी गई, तो मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया और सूरत कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई.
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अनुराग कश्यप को उपस्थित होने का पूरा मौका दिया. 5 सितंबर 2026 को मुंबई के एक प्रसिद्ध समाचार पत्र के जरिए उन्हें आधिकारिक समन भी भेजा गया था, ताकि उन्हें कानूनी प्रक्रिया की जानकारी मिल सके. इसके अलावा सार्वजनिक नोटिस भी जारी किए गए थे. हालांकि, इन सभी माध्यमों से सूचना मिलने के बावजूद कश्यप कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए. अदालत के आदेशों की इस अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए सूरत की ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया.
शिकायतकर्ता पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश रावल ने इस पूरी कानूनी कार्यवाही की पुष्टि करते हुए कहा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार अवसर दिए जाने के बाद भी जब आरोपी ने अदालत के निर्देशों का सम्मान नहीं किया, तो कानूनन वारंट जारी करने की प्रक्रिया अपनाई गई है.
सूरत कोर्ट द्वारा वारंट जारी होने के बाद अब अनुराग कश्यप की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं. पुलिस और कानूनी एजेंसियों के जरिए इस वारंट की तामील कराई जाएगी. इस पूरे मामले में अब अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 24 दिसंबर 2026 तय की है. अगली सुनवाई पर कोर्ट का क्या रुख रहता है और अनुराग कश्यप इस पर क्या कानूनी कदम उठाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी होंगी.