)
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन पर भारी बवाल देखने को मिला. जानकारी के मुताबिक, अभिषेक के जन्मदिन पर कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें भारी संख्या में टीएमसी समर्थकों ने हिस्सा लिया था. कार्यक्रम सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन आधी रात को घर के बाहर भारी बवाल हो गया. इस दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए हैं. इस दौरान कई लोगों के घायल होने की सूचना भी मिली है.
आधी रात को हुआ महासंग्राम!
घटना को लेकर बताया जा रहा है कि आधी रात के बाद अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन के मौके पर उनके कालीघाट वाले घर के सामने कार्यकर्ता-समर्थक जमा हुए थे. आरोप है कि रात 2 बजे के बाद बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने 'चोर-चोर' की नारेबाजी शुरू कर दी. इसके अलावा अभिषेक बनर्जी के कटआउट तस्वीर-बैनर फाड़ दिए. इससे सांसद के समर्थक भड़क गए और दोनों पक्षों में झड़प हो गई. हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को शांत कराया. इस घटना को लेकर सांसद अभिषेक बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए पुलिस-प्रशासन पर आरोपियों का साथ देने का आरोप लगाया है.
पुलिस पर TMC सांसद के गंभीर आरोप
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा देर रात करीब 2 बजे उनके घर पर हमला किया गया. उन्होंने पत्थरबाजी के साथ फायरिंग का भी आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ना सिर्फ उनके घर पर हमला किया, बल्कि उनके समर्थकों के साथ मारपीट भी की. टीएमसी सांसद ने पुलिस पर आरोपियों का समर्थन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना कोलकाता पुलिस की मौजूदगी में हुई. अभिषेक ने अपनी पोस्ट में कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि दोनों अदालतें इस मामले में मूक दर्शक बनी हुई हैं.
बीजेपी ने आरोपों से इनकार किया
उधर, बीजेपी ने टीएमसी के आरोपों से साफ इनकार किया है. बीजेपी का दावा है कि उसके कार्यकर्ता कुम्हारटोली में काली की मूर्तियां खरीदने गए थे. लौटते समय रास्ते से गुजरने के दौरान अभिषेक बनर्जी के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि इस घटना में उनके कई लोग घायल हुए हैं. टीएमसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सड़क से हटा दिया, लेकिन अभिषेक बनर्जी अपने घर के सामने से ही धरने पर बैठ गए.