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'घर में 10 मिनट का सुकून नहीं': चीन में अकेले होटल बुक कर रहीं वर्किंग मदर्स, तेजी से बढ़ रहा है ट्रेंड; वजह कर देगी हैरान

ऑफिस की थकान लेकर घर पहुंचने के बाद भी कई महिलाओं की ड्यूटी खत्म नहीं होती. वहां खाना बनाने से लेकर बच्चों और परिवार की देखभाल तक की जिम्मेदारी उनका इंतजार कर रही होती है. चीन में ऐसी ही महिलाएं अब कुछ घंटे चैन से बिताने के लिए होटल में कमरे बुक कर रही हैं. कोई वहां भरपूर नींद लेती है, तो कोई टीवी देखती है और अपनी पसंद का खाना खाती है.

'घर में 10 मिनट का सुकून नहीं': चीन में अकेले होटल बुक कर रहीं वर्किंग मदर्स, तेजी से बढ़ रहा है ट्रेंड; वजह कर देगी हैरान
Image Credit: प्रतीकात्मक AI इमेज | होटल में सुकून के पल बिता रही हैं चीनी महिलाएं!

आमतौर पर होटल में कमरा बुक करने का मतलब घूमना-फिरना, छुट्टियां मनाना या किसी दूसरे शहर में रुकना होता है. लेकिन चीन में कुछ कामकाजी महिलाओं के लिए होटल अब आराम करने की जगह बनता जा रहा है. ये महिलाएं वहां किसी टूरिस्ट की तरह नहीं, बल्कि घर की रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से कुछ देर की छुट्टी लेने पहुंच रही हैं.

सुबह ऑफिस जाने की तैयारी, दिनभर काम और फिर शाम को घर लौटकर खाना बनाना, सफाई करना और बच्चों को संभालना. कई महिलाओं की जिंदगी इसी रूटीन में गुजर रही है. घर में परिवार के लोग साथ होते हैं, लेकिन अपने लिए कुछ पल निकाल पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में होटल का एक कमरा उन्हें वह सुकून दे रहा है, जो अपने घर में भी नहीं मिल पाता.

चार घंटे अकेले बिताने के लिए बुक किया कमरा

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के अनुसार, चीन में मिडिल एज की कई कामकाजी महिलाएं कुछ घंटे अकेले रहने के लिए होटल पहुंच रही हैं. रिपोर्ट में 34 साल की एक महिला का अनुभव भी बताया गया है, जो अपने पति, सास-ससुर और छोटी बेटी के साथ रहती है. महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडनोट पर बताया कि परिवार के साथ रहते हुए उसे अपने लिए बिल्कुल समय नहीं मिल पाता था. एक दिन उसने ऑफिस से घर लौटते समय होटल में कमरा बुक कर लिया. परिवार को बताया कि उसे ऑफिस में ओवरटाइम करना है और फिर वह सीधे होटल चली गई.

होटल में उसने करीब चार घंटे बिताए. इस दौरान आराम से नहाई, अपनी पसंद का खाना खाया, किताब पढ़ी और टीवी देखा. सबसे अच्छी बात यह थी कि किसी ने उसे बीच में आवाज नहीं लगाई और न ही कोई काम बताया. इस छोटे से ब्रेक के लिए उसने 100 युआन से कुछ ज्यादा खर्च किए. भारतीय रुपये में यह रकम करीब एक हजार रुपये से कुछ ज्यादा बैठती है. महिला के अनुसार, उसे इस खर्च का कोई अफसोस नहीं हुआ. उसे लगा जैसे वह खुद के साथ डेट पर आई हो. उसकी पोस्ट को करीब 20 हजार लाइक्स मिले और दूसरी महिलाओं ने भी अपने अनुभव शेयर किए.

किसी को पसंद है रॉक म्यूजिक, कोई खाती है नूडल्स

होटल में अकेले समय बिताने वाली महिलाओं के लिए आराम का मतलब भी अलग-अलग है. चीन के चांगशा शहर में रहने वाली एक महिला हर गुरुवार को ऑफिस के पास होटल में कुछ घंटे बिताती है. वहां वह तेज आवाज में रॉक म्यूजिक सुनती है और लुओसिफेन नाम की चाइनीज नूडल डिश खाती है. दरअसल, उसके परिवार के लोगों को न तो यह म्यूजिक पसंद है और न ही यह डिश. इसलिए घर पर वह अपनी पसंद का खुलकर मजा नहीं ले पाती. होटल का कमरा उसे बिना किसी रोक-टोक के अपनी पसंद से समय बिताने का मौका देता है. वहीं, हांगझोऊ की एक महिला को बिजनेस ट्रिप के दौरान मिलने वाला अकेलापन पसंद है. वह बताती है कि यात्रा के समय बिना किसी की चिंता किए घूम सकती है, टीवी देख सकती है और अपनी मर्जी से फेस मास्क लगाकर आराम कर सकती है. उसे सबसे ज्यादा सुकून तब मिलता है, जब कोई बार-बार उसे 'मम्मी' कहकर नहीं बुलाता.

घर के कामों में महिलाओं का ज्यादा समय जा रहा

इस ट्रेंड के पीछे सिर्फ अकेले रहने की इच्छा नहीं है. इसके पीछे घर और परिवार की जिम्मेदारियों का वह दबाव भी है, जिसका सामना कई महिलाएं रोज करती हैं. रिपोर्ट में साल 2025 के एक अध्ययन का हवाला दिया गया है. यह रिसर्च चीन के जॉब प्लेटफॉर्म झाओपिन के रिसर्च इंस्टीट्यूट ने की थी. इसके अनुसार, चीन में एक तिहाई से ज्यादा वर्किंग मदर्स रोजाना दो घंटे से अधिक समय घर के कामों में बिताती हैं. यह समय वर्किंग पुरुषों के मुकाबले काफी ज्यादा है. कई महिलाओं का कहना है कि परिवार के दूसरे सदस्य बच्चों की देखभाल में मदद करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर बच्चे सबसे पहले मां को ही आवाज लगाते हैं. ऐसे में कुछ देर की नींद लेना या शांति से बैठना भी मुश्किल हो जाता है.

कुछ महिलाएं परिवार से छिपाकर जा रही होटल

इस ट्रेंड का एक भावुक पहलू भी है. कुछ महिलाएं अपने परिवार को बताए बिना होटल में कमरा बुक करती हैं. उन्हें लगता है कि अगर वे खुलकर अपने लिए समय मांगेंगी तो घर के लोग उनकी बात समझ नहीं पाएंगे या नाराज हो जाएंगे. एक महिला ने बताया कि उसका पति बालकनी या बाथरूम में अकेले समय बिता सकता है, लेकिन उसके लिए घर में खुलकर रोना भी मुश्किल है. उसे चिंता रहती है कि कहीं बच्चा उसे देख न ले. यानी घर में मौजूद होने के बावजूद कई महिलाओं को अपनी भावनाओं और जरूरतों के लिए भी निजी जगह नहीं मिल पाती.

'मां और पत्नी होने से पहले हम इंसान हैं'

सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को लेकर लोग महिलाओं का समर्थन कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारी निभाने का मतलब यह नहीं कि महिलाएं अपनी जरूरतों को भूल जाएं. एक यूजर ने लिखा कि कुछ महिलाओं के लिए ऑफिस ही आराम करने की जगह बन गया है, क्योंकि घर लौटते ही कामों की दूसरी लिस्ट उनका इंतजार करती है. वहीं, एक दूसरे यूजर ने कहा कि महिलाएं मां और पत्नी होने से पहले इंसान हैं. उन्हें भी अपनी पसंद से समय बिताने और आराम करने का पूरा हक है.

कुछ घंटों का अकेलापन भी बन रहा बड़ी राहत

चीन में होटल में अकेले समय बिताने का यह चलन एक ऐसी परेशानी की ओर ध्यान खींचता है, जिसे अक्सर घरों में सामान्य मान लिया जाता है. परिवार के लिए लगातार काम करते हुए महिलाएं कई बार खुद की जरूरतों को पीछे छोड़ देती हैं. ऐसे में कुछ घंटे होटल के कमरे में बिताना उनके लिए सिर्फ आराम नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी पर थोड़ा नियंत्रण वापस पाने जैसा है. सवाल यह भी है कि जिस सुकून के लिए उन्हें घर से बाहर होटल जाना पड़ रहा है, क्या वह उन्हें अपने घर में नहीं मिलना चाहिए?

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Santosh Kumar Mishra

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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