)
कोटा-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे-27 पर मेनाल के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने धनतेरस और दीपावली की खुशियों को मातम में बदल दिया. तेज रफ्तार कार और पानी के टैंकर की टक्कर के बाद बड़ा हादसा हो गया. दुर्घटना में तीन श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी.
जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ से कोटा की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार मेनाल के पास सड़क निर्माण कार्य में लगे पानी के टैंकर से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार 2-3 बार पलटी खाती हुई ओवरब्रिज निर्माण में काम कर रहे श्रमिकों पर जा गिरी. इस हादसे में तीन श्रमिकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि कार में सवार लोगों समेत कुल आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
हादसे की वजह निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को माना जा रहा है. नेशनल हाईवे-27 पर ओवरब्रिज निर्माण का काम चल रहा था. यहां सड़क के दोनों ओर गहरी खाइयां बनी हुई थीं और उनमें श्रमिक काम कर रहे थे. आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई थी. सड़क पर सुरक्षा संकेतों और बैरिकेडिंग की कमी के बीच पानी का टैंकर खड़ा था. ऐसे में तेज रफ्तार कार टैंकर से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर श्रमिकों पर जा गिरी.
बताया जा रहा है कि कार में कोटा निवासी एक परिवार सवार था. परिवार सांवलिया मंदिर में दर्शन करने के बाद कार से वापस अपने घर लौट रहा था. इसी दौरान मेनाल के पास यह दुर्घटना हो गई. हादसे में कार सवार लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और अन्य लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए माण्डलगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है. वहीं, निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर NHAI के अधिकारियों और निर्माण कंपनी के जिम्मेदारों की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं.
Reporter- Arun Vaishnav