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Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है. बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 78 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक रविवार शाम तक 12 बिजली ट्रांसफार्मर और आठ पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में बारिश का दौर 12 सितंबर तक जारी रह सकता है. हालांकि, इस दौरान भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
नाहन में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. नाहन में सबसे अधिक 53.6 मिलीमीटर बारिश हुई. इसके अलावा नैना देवी में 46.2 मिमी, जोगिंदरनगर में 39 मिमी, सराहन में 30.1 मिमी और धौलाकुआं में 26.5 मिमी बारिश दर्ज की गई.
वांगतू में 20.4 मिमी, चौपाल और कसौली में 23-23 मिमी बारिश हुई. शिमला समेत कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश भी दर्ज की गई.
मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
बारिश और भूस्खलन से सड़क संपर्क सबसे ज्यादा मंडी और कुल्लू में प्रभावित हुआ है. मंडी में कुल 36 सड़कें बंद हैं, जिनमें अकेले सराज उपमंडल की 29 सड़कें शामिल हैं. कुल्लू में 22 सड़कें प्रभावित हैं. इसके अलावा कांगड़ा में सात, सिरमौर में पांच, ऊना में तीन, शिमला में दो और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है.
बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है. प्रभावित 12 ट्रांसफार्मरों में 10 कुल्लू और दो शिमला में हैं. वहीं आठ पेयजल योजनाओं में पांच शिमला और तीन चंबा की हैं.
मानसून में 274 लोगों की मौत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मौजूदा मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में 274 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 493 लोग घायल हुए हैं. तीन लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी है. इनमें 164 मौतें सड़क हादसों में हुईं, जबकि 110 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक बाढ़, पानी में बहने, पहाड़ी से गिरने और अन्य आपदाओं में गई.
मानसून के दौरान 467 मवेशियों की भी मौत हुई है. इसके अलावा 122 मकान पूरी तरह और 488 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. 17 दुकानें और 460 पशुशालाएं भी प्रभावित हुई हैं.
1242 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
सरकारी आकलन के मुताबिक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में अब तक करीब 1,242 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान हुआ है. इसमें लोक निर्माण विभाग को हुआ लगभग 951 करोड़ रुपये का नुकसान भी शामिल है.
बारिश का असर कम होने के बावजूद प्रशासन की नजर भूस्खलन प्रभावित इलाकों और बंद सड़कों पर बनी हुई है. आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम बारिश के बीच सड़क, बिजली और पेयजल सेवाओं की स्थिति में सुधार की उम्मीद है.