हिमाचल में अब 24 घंटे खुलेंगे रेस्तरां-बार? CM सुक्खू बोले- नशे में मिले पर्यटक को थाने नहीं, होटल पहुंचाएं
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 24 घंटे रेस्तरां और बार खोलने की व्यवस्था की बात कही. उन्होंने नशे में मिले पर्यटकों को थाने की जगह होटल पहुंचाने का सुझाव दिया.
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेस्तरां और बार को 24 घंटे खुले रखने की व्यवस्था किए जाने की बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कही है. वाराणसी में फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (FHRAI) के 56वें वार्षिकोत्सव में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों को हर समय सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई पर्यटक शराब के नशे में मिलता है तो उसे थाने ले जाने के बजाय होटल पहुंचाया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि इस बयान को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. यह बयान पर्यटन और पर्यटकों की सुविधा से जुड़े उनके दृष्टिकोण के संदर्भ में सामने आया.
हिमाचल में कितने पर्यटक पहुंचे?
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं. उनके अनुसार, 2025 में 3.11 करोड़ पर्यटक राज्य पहुंचे, जबकि जनवरी से जुलाई 2026 के बीच करीब 1.06 करोड़ पर्यटकों ने हिमाचल का दौरा किया. सरकार ऐसी कार्ययोजना पर काम कर रही है, जिससे पर्यटक राज्य में कम से कम सात दिन ठहरें.
किन इलाकों को पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा?
मुख्यमंत्री के मुताबिक कांगड़ा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. शिमला, मनाली, धर्मशाला और अन्य क्षेत्रों के साथ नए पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने की योजना है. सरकार धार्मिक, साहसिक और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. उन्होंने स्पीति क्षेत्र में बर्फ, नदियों और प्राकृतिक दृश्यों को भी पर्यटन की बड़ी संभावना बताया.
हवाई कनेक्टिविटी कैसे बढ़ेगी?
सुक्खू ने बताया कि अगले वर्ष तक सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपैड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. धर्मशाला एयरपोर्ट के विस्तार और अन्य हेली सेवाओं के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं. पांच हेलीपैड निर्माणाधीन बताए गए हैं. सरकार एयरो सिटी विकसित करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है.
हिमाचल में निवेश कितना होगा?
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही. वृद्धाश्रमों के लिए 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई. इसके अलावा वन्यजीव क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये के निवेश और शिमला की यातायात व्यवस्था सुधारने की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया.
सुक्खू के अनुसार, प्रदेश की करीब 68 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र में आती है, जबकि निर्माण योग्य भूमि सीमित है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से राज्य में जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया सरकार के नियंत्रण में है. पर्यटन विस्तार के साथ पर्यावरण और भूमि संसाधनों के प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण बताया गया.
पानी को लेकर क्या रुख है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की नदियों से दूसरे राज्यों को पानी मिलता है और अब राज्य अपने हितों को ध्यान में रखते हुए शर्तों के साथ पानी उपलब्ध कराने की नीति अपना रहा है. उन्होंने दिल्ली और गुरुग्राम में आने वाले वर्षों में संभावित जल संकट का भी उल्लेख किया और बताया कि हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली को हिमाचल से पानी मिलता है.
पर्यटन से राजस्व कैसे बढ़ेगा?
सुक्खू ने कहा कि GST से हिमाचल को करीब 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की कुल दवा कंपनियों में लगभग 35 प्रतिशत हिमाचल में हैं, लेकिन राज्य को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा. मुख्यमंत्री के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा देने से राजस्व बढ़ाने में मदद मिल सकती है, क्योंकि पर्यटन से जुड़े कार्यों पर 18 प्रतिशत GST लागू होता है. कार्यक्रम के बाद उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन भी किया.