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Panipat Sugar Mill बनी देश की नंबर-1 सहकारी मिल, 94.61% तकनीकी दक्षता के साथ हासिल किया पहला स्थान

पानीपत की नई शुगर मिल ने 94.61% तकनीकी दक्षता के साथ देश की सहकारी चीनी मिलों में पहला स्थान हासिल कर National Sugar and Bio-Industry Conclave 2026 में बेस्ट अवार्ड जीता.

Panipat Sugar Mill बनी देश की नंबर-1 सहकारी मिल, 94.61% तकनीकी दक्षता के साथ हासिल किया पहला स्थान
Image Credit: Panipat Sugar Mill बनी देश की नंबर-1 सहकारी मिल

Panipat News: पानीपत की नई शुगर मिल ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल कर हरियाणा और पानीपत का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'National Sugar and Bio-Industry Conclave 2026' में पानीपत शुगर मिल को वर्ष 2025-26 के लिए बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की मौजूदगी में पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ और शुगर मिल के एमडी नवदीप सिंह व सभी टेक्निकल कर्मचारियों के साथ यह पुरस्कार प्राप्त किया.

उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ ने बताया कि तकनीकी दक्षता के मामले में पानीपत शुगर मिल ने 94.61 प्रतिशत दक्षता हासिल की है, जो देशभर में सर्वाधिक है. उन्होंने कहा कि मिल जितनी अधिक दक्षता से काम करेगी, उतनी ही अधिक मात्रा में चीनी का उत्पादन होगा और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा. सहकारी चीनी मिलों का मूल उद्देश्य किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना है.

चार साल की मेहनत का परिणाम
शुगर मिल के एमडी नवदीप सिंह ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे मिल के इंजीनियरों, केमिस्टों और कर्मचारियों की पिछले चार वर्षों की लगातार मेहनत है. उन्होंने बताया कि 17 मार्च 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नई शुगर मिल का उद्घाटन किया था. इसके बाद से मिल की तकनीकी दक्षता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया गया.

पिछले पेराई सीजन में पानीपत शुगर मिल ने करीब 62 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की और लगभग 6.5 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया. इस सीजन में मिल के पास करीब 80 लाख क्विंटल गन्ने की उपलब्धता बताई गई है.

बिजली बेचकर करीब 30 करोड़ रुपये की आय
नई मिल में को-जनरेशन प्लांट के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी किया जा रहा है. एमडी के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 30 करोड़ रुपये की बिजली बेची गई. चीनी के अलावा शीरा (मोलासेस) सहित अन्य उप-उत्पादों से भी मिल को आय हो रही है.

उन्होंने बताया कि 1956 में स्थापित पुरानी पानीपत शुगर मिल समय के साथ पुरानी हो गई थी और उसकी क्षमता सीमित थी. किसानों की बढ़ती जरूरत और क्षेत्र में उपलब्ध गन्ने को देखते हुए नई आधुनिक मिल की स्थापना की गई.

अब इथेनॉल और बायो-CNG की तैयारी
उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सहकारी चीनी मिलों को चीनी के साथ-साथ इथेनॉल और कंप्रेस्ड बायोगैस (बायो-CNG) के उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का सुझाव दिया है. पानीपत शुगर मिल भी इस दिशा में काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब में पराली एक बड़ी समस्या है. पराली और मोलासेस जैसे संसाधनों का उपयोग कर बायो-CNG तैयार करने से किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है और पर्यावरण प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी.

हजारों मिलों के बीच हासिल की उपलब्धि
एमडी नवदीप सिंह के अनुसार, देशभर की सहकारी चीनी मिलों के बीच आयोजित इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मिलों ने भाग लिया. तकनीकी दक्षता के आंकड़ों के आधार पर पानीपत शुगर मिल ने 94.61 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान हासिल किया.

डॉ. हरीश वशिष्ठ ने इस उपलब्धि के लिए एमडी, इंजीनियरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और पूरी तकनीकी टीम को बधाई दी. उन्होंने किसानों से सरकार की एफपीओ और सहकारी योजनाओं से जुड़कर उनका लाभ उठाने की अपील भी की.

(पानीपत से राकेश भयाना की रिपोर्ट)

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Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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