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Jhajjar News: झज्जर अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू नहीं होने और किसानों से जुड़ी मांगों को लेकर चल रहे आढ़तियों के धरने पर बैठे हैं. आढ़तियों को समर्थन देने के लिए बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स मंगलवार को झज्जर अनाज मंडी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व मंडी प्रधान हरेंद्र सिलाना से मुलाकात की और किसानों व आढ़तियों की मांगों का समर्थन किया.
विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि बाजरे की खरीद जल्द से जल्द शुरू होनी चाहिए और किसानों को घोषित 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी के अनुसार अपनी फसल बेचने का अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से मेहनत कर फसल तैयार करता है, लेकिन उसकी फसल के उचित भाव को लेकर उसे बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ता है.
किसानों की हालत पर कही ऐसी बात, जताई गई आपत्ति
धरनास्थल पर किसानों के समर्थन में बोलते हुए विधायक कुलदीप वत्स ने किसानों की मौजूदा स्थिति को समझाने के लिए एक कहावत का इस्तेमाल किया. उन्होंने किसान की हालत की तुलना कुत्ते से जुड़ी एक कहावत से कर दी. विधायक ने कहा कि जिस तरह कुत्ते के मुंह के सामने सूखा हाड़ डाल दिया जाता है और वह उसे पाने के लिए संघर्ष करता रहता है, उसी तरह आज किसान की हालत कर दी गई है.
विधायक का यह उदाहरण किसानों के समर्थन में दिया गया था, लेकिन उनके द्वारा किसान की स्थिति को कुत्ते से जोड़ने वाली कहावत का इस्तेमाल किए जाने पर कुछ किसानों ने आपत्ति जताई. किसानों का कहना था कि विधायक किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे थे, लेकिन उन्हें उदाहरण देते समय शब्दों का चयन और अधिक उचित तरीके से करना चाहिए था.
'किसान को बेचने और मारने का काम न करें सरकारें'
कुलदीप वत्स ने कहा कि केंद्र और हरियाणारियाणा और केंद्र की सरकार को किसान को परेशान करने के बजाय उसकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि “किसान को बेचने और मारने का काम ह सरकारें न करें.”
उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि अन्य उत्पादों के भाव उनका मालिक या उत्पादक तय करता है, लेकिन किसान की फसल का भाव सरकारें तय करती हैं. विधायक ने कहा कि किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य मिलना जरूरी है.
2900 रुपये एमएसपी पर बाजरा खरीद की मांग
विधायक ने 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर बाजरे की खरीद शुरू करने की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जब सरकार की ओर से बाजरे का एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है तो मंडियों में उसी भाव पर खरीद सुनिश्चित की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में भटकना न पड़े और सरकार को खरीद व्यवस्था को जल्द सुचारू करना चाहिए.
'कोई भ्रम में न रहे, राज और काज बदलते रहते हैं'
कुलदीप वत्स ने सरकार को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि 'कोई भी किसी भ्रम में न रहे, राज और काज बदलते रहते हैं.' उन्होंने कहा कि वह इस धरने पर राजनीति करने नहीं आए हैं, बल्कि किसानों और आढ़तियों की उचित मांगों का समर्थन करने आए हैं.
उन्होंने कहा कि किसान और आढ़ती दोनों ही मंडी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. ऐसे में उनकी जायज समस्याओं का समाधान सरकार को गंभीरता से करना चाहिए.
वहीं, हरेंद्र सिलाना की भूख हड़ताल और आढ़तियों के धरने को लेकर मंडी में मौजूद किसानों और आढ़तियों ने भी सरकार से जल्द समाधान की मांग की. अब देखना होगा कि सरकार बाजरे की खरीद को लेकर किसानों और आढ़तियों की मांग पर क्या कदम उठाती है.
(झज्जर से सुमित कुमार की रिपोर्ट)