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Haryana में घाटे में चल रही शुगर मिलों पर सख्ती, खाली जमीन पर बनेंगे वेयरहाउस; एथेनॉल प्लांट लगाने की तैयारी

हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने सहकारी चीनी मिलों की आय बढ़ाने के लिए खाली जमीन पर वेयरहाउस और एथेनॉल प्लांट लगाने की योजना पर काम करने, घाटे वाली मिलों की जवाबदेही तय करने और सोनीपत में नई शुगर मिल की तैयारी की जानकारी दी.

Written By Renu Akarniya
Published: Oct 28, 2026, 05:26 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 05:39 PM IST
Image Credit: हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा
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हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि और सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे. शुगर मिलों की खाली पड़ी जमीन का सदुपयोग करते हुए वहां वेयरहाउस बनाने की योजना पर काम किया जाएगा. इसके साथ ही चीनी मिलों में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि मिलों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें. उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली चीनी मिलों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लगातार घाटे में चल रही मिलों की जवाबदेही तय की जाएगी.

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा बुधवार को राई स्थित एथनिक इंडिया पर्यटन केंद्र में शुगरफेड और प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे. बैठक में आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों, चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति, तकनीकी व्यवस्थाओं, उत्पादन क्षमता और किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई. इस दौरान सभी शुगर मिलों के प्रबंध निदेशकों ने अपनी-अपनी मिलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की.

सहकारी चीनी मिलों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार धरातल पर उतार रही है. सहकारी चीनी मिलों को केवल चीनी उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उनकी आय बढ़ाने के नए विकल्प तलाशने होंगे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एथेनॉल प्लांट लगाने की संभावनाओं, तकनीकी आवश्यकताओं, आर्थिक व्यवहार्यता और अन्य जरूरी पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए. उन्होंने कहा कि शुगर मिलों की खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए वेयरहाउस निर्माण की संभावनाओं पर भी काम किया जाए.

सोनीपत में नई शुगर मिल लगाने की तैयारी
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सोनीपत में नई शुगर मिल लगाने की तैयारी है. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके गन्ने की एक-एक पोरी खरीदी जाएगी. किसी भी किसान को अपने गन्ने की बिक्री को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और गन्ना उत्पादक किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी.

सोनीपत में धरने पर बैठे किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं
डॉ. अरविंद शर्मा ने सोनीपत में धरने पर बैठे किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. किसानों की सुविधाओं और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में हरसंभव कदम उठाए जाएंगे.

शाहाबाद एथेनॉल प्लांट में अनियमितताओं की होगी जांच
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने शाहाबाद सहकारी चीनी मिल में स्थापित एथेनॉल प्लांट से जुड़ी अनियमितताओं के मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल प्लांट की स्थापना और संचालन में जिस भी अधिकारी की लापरवाही या अनियमितताओं में संलिप्तता पाई जाएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए.

घाटे में चल रही मिलों की होगी जवाबदेही तय
सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. चीनी मिलों के संचालन में आर्थिक अनुशासन, पारदर्शिता और कार्यक्षमता को प्राथमिकता दी जाए. जिन मिलों का प्रदर्शन बेहतर है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा. वहीं, लगातार घाटे में चल रही मिलों की स्थिति की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी. उन्होंने सभी प्रबंध निदेशकों को मिलों की आर्थिक स्थिति सुधारने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए.

गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाने पर जोर
डॉ. अरविंद शर्मा ने अधिकारियों से प्रदेश में गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए सुझाव भी मांगे. उन्होंने कहा कि सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है. गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी मेहनत का पूरा आर्थिक लाभ मिलना चाहिए. इसके लिए किसानों की समस्याओं, गन्ने की उपलब्धता और चीनी मिलों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएं. उन्होंने अधिकारियों को किसान हित में व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.

पेराई सत्र में किसानों को नहीं होनी चाहिए परेशानी
आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि गन्ना लेकर मिलों में पहुंचने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए. पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जाएं. उन्होंने कहा कि मिलों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. किसानों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और गन्ने की खरीद से लेकर पेराई तक की पूरी प्रक्रिया सुचारू रखी जाए.

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसान हितों को सर्वोपरि रखकर काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उबारकर लाभकारी और आत्मनिर्भर संस्थानों के रूप में विकसित करना है. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा. सभी अधिकारी जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि सहकारी चीनी मिलें प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें.

बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव, सहकारी समितियों की रजिस्ट्रार (आरसीएस) सुभिता ढाका, शुगरफेड के प्रबंध निदेशक शक्ति सिंह सहित प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशक एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

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(जयदीप राठी की रिपोर्ट)

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About the Author

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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