Haryana के ऐसे स्कूलों का मांगा गया ब्योरा, जिनकी जमीन सरकार के नाम नहीं
हरियाणा शिक्षा विभाग ने उन स्कूलों की जमीन का रिकॉर्ड जुटाना शुरू किया है, जिसका मालिकाना हक अभी तक शिक्षा विभाग या सरकार के नाम दर्ज नहीं है. जिलों से 8 अक्टूबर शाम 4 बजे तक पूरी जानकारी मांगी गई.
Haryana News: हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के उन स्कूलों का रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनकी जमीन अभी तक शिक्षा विभाग या हरियाणा सरकार के नाम ट्रांसफर नहीं हुई है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, पंचकूला की ओर से प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक 7 अक्टूबर को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में निर्देश दिए गए थे. इसके बाद सभी जिलों से ऐसे स्कूलों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है, जिनकी जमीन का मालिकाना हक राजस्व रिकॉर्ड में शिक्षा विभाग या सरकार के नाम दर्ज नहीं है.
स्कूल के कब्जे में कितनी जमीन
जिलों को प्रत्येक स्कूल के संबंध में यह बताना होगा कि स्कूल के कब्जे में कितनी जमीन है और राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उस जमीन का मालिक कौन है. इसके तहत यह भी स्पष्ट करना होगा कि जमीन स्कूल/शिक्षा विभाग के नाम है, किसी अन्य सरकारी विभाग के नाम है या किसी निजी व्यक्ति के नाम दर्ज है
अदालत में लंबित मामलों की जानकारी देनी होगी, अगर है तो
इसके अलावा यदि संबंधित जमीन को लेकर कोई मामला अदालत में लंबित है तो उसकी जानकारी भी विभाग को देनी होगी. शिक्षा विभाग ने यह पूरा ब्योरा निर्धारित प्रोफॉर्मा में मांगा है.
पत्र में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यह जानकारी 8 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए. साथ ही संबंधित सूचना को शिक्षा विभाग के आईटी सेल की ओर से तैयार किए गए मॉड्यूल पर भी अपलोड करने को कहा गया है.
विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को अति आवश्यक श्रेणी में रखा है. माना जा रहा है कि इस कवायद के जरिए शिक्षा विभाग प्रदेश में स्कूलों के कब्जे वाली ऐसी जमीनों का रिकॉर्ड तैयार करना चाहता है, जिनका राजस्व रिकॉर्ड में अभी तक सरकार या शिक्षा विभाग के नाम विधिवत हस्तांतरण नहीं हुआ है.
(चंडीगढ़ से विजय राणा की रिपोर्ट)