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Haryana News: हरियाणा के प्राइवेट अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत पेंडिंग पेमेंट को लेकर मंगलवार को एक दिन का विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर, राज्यभर के प्राइवेट अस्पतालों ने स्कीम के तहत आने वाले मरीजों के लिए आउटपेशेंट सर्विस और सर्जरी रोक दी. अस्पतालों का कहना है कि लंबे समय से पेंडिंग पेमेंट की वजह से उन्हें पैसे की दिक्कत हो रही है.
IMA के मुताबिक, आयुष्मान भारत योजना के तहत हरियाणा के करीब 500 प्राइवेट अस्पतालों का ₹1,200 करोड़ से ज्यादा का पेमेंट पेंडिंग है. एसोसिएशन का आरोप है कि समय पर पेमेंट न होने की वजह से अस्पतालों के लिए स्कीम के तहत सर्विस देना मुश्किल हो रहा है.
100 बड़े अस्पताल स्कीम से बाहर हो गए
हिसार IMA के प्रेसिडेंट डॉ. गुरनीश सिंह ने कहा कि पेमेंट में देरी के अलावा, प्राइवेट अस्पतालों को स्कीम को लागू करने से जुड़ी कई दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इन वजहों से हरियाणा के करीब 100 बड़े अस्पताल पहले ही आयुष्मान भारत स्कीम से बाहर हो चुके हैं. IMA का कहना है कि अगर सरकार प्राइवेट अस्पतालों की समस्याओं पर तुरंत बातचीत शुरू नहीं करती है और पेंडिंग पेमेंट का कोई ठोस हल नहीं निकालती है, तो भविष्य में इस स्कीम के तहत हेल्थ सर्विसेज पर और असर पड़ सकता है.
15 सितंबर से अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
IMA ने सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है. संगठन के मुताबिक, अगर इस समय में सरकार के साथ बातचीत करके पेमेंट और स्कीम के ऑपरेशन से जुड़ी समस्याओं का हल नहीं निकाला जाता है तो 15 सितंबर से आयुष्मान भारत स्कीम के तहत सर्विसेज को अनिश्चितकालीन रूप से रोकने का फैसला लिया जा सकता है. इससे प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने वाले आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
बजट बढ़ाने और पेमेंट प्रोसेस को आसान बनाने की मांग
प्राइवेट अस्पताल एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि सरकार पेमेंट सिस्टम को आसान बनाए. IMA का कहना है कि अस्पतालों को समय पर पेमेंट पक्का करने के लिए मौजूदा प्रोसेस में जरूरी सुधार किए जाने चाहिए.
संगठन ने आयुष्मान भारत योजना के लिए सरकारी बजट बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि स्कीम के तहत इलाज देने वाले अस्पतालों को पेंडिंग पेमेंट का निपटारा हो सके और मरीजों को बिना किसी रुकावट के हेल्थकेयर सर्विसेज मिलती रहें. प्राइवेट अस्पतालों के एक दिन के विरोध के बीच, सभी की नजरें अभी सरकार और IMA के बीच होने वाली बातचीत पर हैं. अगर दोनों पार्टियों के बीच जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है तो 15 सितंबर से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर आयुष्मान भारत स्कीम के लाभार्थियों पर पड़ सकता है.
(हिसार से शशि नायर की रिपोर्ट)