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Haryana News: हरियाणा में पुरानी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ने वाला है. 1 अक्टूबर 2026 से NCR इलाके के पेट्रोल पंपों पर तय उम्र से ज्यादा पुरानी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों में फ्यूल नहीं डाला जाएगा. इसके लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे, जो गाड़ियों की नंबर प्लेट को स्कैन करके उनकी उम्र और गाड़ी के रिकॉर्ड को सिस्टम से वेरिफाई करेंगे.
पहले फेज़ में यह सिस्टम गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में लागू किया जाएगा. नियमों के तहत, 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों और 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों को एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल (ELV) माना जाएगा. ANPR सिस्टम पेट्रोल पंप पर आते ही ऐसी गाड़ियों की पहचान कर लेगा और फ्यूल डालना मना कर दिया जाएगा.
चार जिलों में 775 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे
हरियाणा सरकार ने पहले फेज के लिए चार जिलों के पेट्रोल पंपों पर कुल 775 ANPR कैमरे लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है. गुरुग्राम में सबसे ज्यादा कैमरे लगाए जाएंगे. सरकार के मुताबिक, कैमरे लगाने में करीब ₹41.74 करोड़ खर्च होने का अनुमान है.
जिले के हिसाब से कैमरों की संख्या इस तरह है:
गुरुग्राम: 249 कैमरे
सोनीपत: 215 कैमरे
झज्जर: 195 कैमरे
फरीदाबाद: 116 कैमरे
परिवहन मंत्री अनिल विज के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक कैमरे लगाने का टारगेट है. राज्य को भविष्य में करीब 2,780 ANPR कैमरों की ज़रूरत पड़ने की उम्मीद है.
नंबर प्लेट स्कैन होते ही गाड़ी की जानकारी आ जाएगी सामने
नए सिस्टम के तहत, जैसे ही कोई गाड़ी पेट्रोल पंप पर आएगी, वहां लगा ANPR कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर लेगा. इसका मिलान सिस्टम में मौजूद गाड़ी के रिकॉर्ड से किया जाएगा. अगर गाड़ी तय उम्र से ज्यादा पुरानी पाई जाती है और ELV कैटेगरी में आती है, तो फ्यूल नहीं दिया जाएगा.
सरकार का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी से पुरानी गाड़ियों की पहचान आसान होगी और नियमों का पालन पक्का होगा. यह सिस्टम नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए लागू किया जा रहा है.
प्रदूषण कंट्रोल पर फोकस
पुरानी गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए, नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में उन गाड़ियों के लिए नियम लागू हैं जो पहले ही अपने पीक पर पहुंच चुकी हैं. हरियाणा सरकार ANPR कैमरों के जरिए इन नियमों की टेक्नोलॉजी-बेस्ड मॉनिटरिंग लागू करने की योजना बना रही है. इससे पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटेड गाड़ी की पहचान और एलिजिबिलिटी वेरिफिकेशन हो सकेगा.