21 साल की नौकरी के बाद भी नहीं होंगे पक्के, हरियाणा के 12 हजार गेस्ट टीचरों को झटका
हरियाणा सरकार ने करीब 12 हजार गेस्ट टीचरों को नियमित करने से इनकार कर दिया है. राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के अनुसार, सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ हुई बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत अतिथि शिक्षकों को पक्का करने का प्रावधान नहीं है.
हरियाणा सरकार ने राज्य के 12 हजार गेस्ट टीचरों को नियमित करने से मना कर दिया है. राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने दावा किया है कि सोमवार उनकी सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश कुल्लर के साथ बात की. इसमें नियमों का हवाला दिया गया और बताया गया कि नियमित करने का प्रावधान नहीं है. शिक्षा विभाग के प्रधान विजय दहिया ने साफ किया कि गेस्ट टीचरों को नियमित नहीं किया जा सकता. इसके पहले इसे लेकर साफ स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया जा चुका है. वैसे तो सारे गेस्ट टीचरों को 58 तक नौकरी की सुरक्षा सरकार दे रही है.
राजेश खुल्लर ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ हुई बैठक में अतिथि शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग रखी, लेकिन सरकार ने नियमितीकरण की शर्तों में बदलाव करने से मना कर दिया. शिक्षा विभाग के स्पीकिंग ऑर्डर को वापस लेने की मांग भी नहीं मानी गई. सरकार ने शिक्षकों को इस मामले में हाईकोर्ट के आदेशों का सहारा लेने का ऑप्शन दिया है. गेस्ट टीचर को शिक्षक पिछले करीब 21 साल से अपनी सेवाओं के आधार पर नियमित होने की मांग कर रहे हैं.
टीचरों को नियमित करने का प्रावधान
राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के महासचिव भूपेंद्र सिंह के अनुसार, वार्ता के दौरान अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्पीकिंग ऑर्डर में साफ बताया गया है कि गेस्ट टीचरों को नियमित करने का प्रावधान ही नहीं है. वहीं दूसरी तरफ भूपेंद्र सिंह के अनुसार, 16 और 18 जून 2014 की तीन साल की नियमितीकरण नीति में ऐसी कोई शर्त नहीं है, जिसके आधार पर गेस्ट टीचर अपात्र जा सके. वहीं इसे लेकर 14-15 नवंबर को कुरुक्षेत्र में बड़ा प्रदर्शन करने और स्पीकिंग ऑर्डर की प्रतियां जलाने का ऐलान किया है.
क्यों नहीं किया जा रहा नियमित
शिक्षा विभाग ने बताया कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति 2005 से स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण की जाती है. इसमें हर पीरियड का भुगतान किया जाता है. इस तरह की नियुक्तियों में नियमित भर्ती की तरह केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया और आरक्षण नियमों का पालन नहीं हुआ है. विभाग ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ अनुभव के आधार पर अतिथि शिक्षकों को नियमित नहीं किया जा सकता. हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा अधिनियम 2019 के तहत उन्हें नौकरी जारी रखने की सुरक्षा तो दी गई है, लेकिन नियमित कर्मचारियों का दर्जा देने का प्रावधान नहीं है.
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(चंडीगढ़ से विजय राणा की रिपोर्ट)