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Haryana Sanitation Worker Strike: हरियाणा में हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही. मंगलवार को सरकार ने 38 और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की. इनमें से 30 को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि 8 को सस्पेंड कर दिया गया.
एक दिन पहले, सोमवार को 32 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया था और 2 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था. इस तरह, दो दिनों में सरकार अब तक कुल 62 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है और 10 को सस्पेंड कर चुकी है.
पानीपत और झज्जर में सबसे ज्यादा कार्रवाई
मंगलवार की कार्रवाई में पानीपत, झज्जर और हिसार के कर्मचारी शामिल थे. मिली जानकारी के मुताबिक, पानीपत से 16, झज्जर से 19 और हिसार से 2 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला या सस्पेंड किया गया.
13,500 कर्मचारियों के रेगुलराइजेशन का मुद्दा
सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा राज्य में लगभग 13,500 सफाई कर्मचारियों के रेगुलराइजेशन की मांग है. सरकार का कहना है कि वह 60 साल की उम्र तक कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी और दूसरे जरूरी फायदे देने के लिए तैयार है. लेकिन, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित जॉब सिक्योरिटी रेगुलर नौकरी का विकल्प नहीं है.
कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया
हरियाणा की नगरपालिका कर्मचारी यूनियन और हरियाणा फायर डिपार्टमेंट कर्मचारी यूनियन ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है. कर्मचारी नेताओं ने सफाई और सीवर कर्मचारियों के लिए एक खास कानून बनाने की मांग की है, जिसमें उन्हें क्लास III कर्मचारियों के बराबर वेतन, भत्ते, प्रमोशन, मेडिकल और बीमा के फायदे दिए जाएं.
कर्मचारी संगठनों ने 13 मई को नगरपालिका और फायर यूनियनों के साथ हुए समझौते को लागू करने की अपनी मांग भी दोहराई है.
9 सितंबर से नया विरोध कार्यक्रम
कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम के विरोध में एक नए विरोध कार्यक्रम की घोषणा की है. इसके तहत:
9 सितंबर: पूरे राज्य में शोक सभाएं
10-12 सितंबर: अलग-अलग शहरों में लोक न्याय पंचायतें
13 सितंबर: कुरुक्षेत्र में एक बड़ी राज्य-स्तरीय लोक न्याय पंचायत
कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस मामले में दखल देने और संगठनों के साथ बातचीत के ज़रिए विवाद सुलझाने की अपील की है.