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हांसी में रावण के पुतले पर AK-47 का निशान क्यों? आयोजक भी नहीं दे पाए स्पष्ट जवाब

हांसी की नई ऑटो मार्केट में 52 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया, लेकिन पुतले पर बने AK-47 के निशान और ‘चलते हैं, मिलते हैं 2027 में’ स्लोगन ने लोगों का ध्यान खींचा और चर्चा का विषय बना रहा.

हांसी में रावण के पुतले पर AK-47 का निशान क्यों? आयोजक भी नहीं दे पाए स्पष्ट जवाब
Image Credit: हांसी में रावण के पुतले पर AK-47 का निशान

विजयदशमी पर्व पर हांसी की नई ऑटो मार्केट में आयोजित दशहरा उत्सव के दौरान विधायक विनोद भयाना ने 52 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया. रावण दहन होते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा. शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उत्सव देखने पहुंचे. आतिशबाजी, झांकी और भगवान श्रीराम-रावण के बीच युद्ध के मंचन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. हालांकि, इस बार रावण के पुतले के कानों के पास बनाया गया AK-47 का निशान और दूसरी तरफ लिखा ‘चलते हैं, मिलते हैं 2027 में’ का स्लोगन चर्चा का विषय बना रहा.

पारंपरिक दशहरा उत्सव के बीच रावण के पुतले पर AK-47 जैसे हथियार का निशान बनाए जाने से लोगों के बीच सवाल उठे कि आखिर इसे बनाने का उद्देश्य क्या था. क्या यह किसी हथियार का प्रचार-प्रसार था या इसके पीछे कोई अन्य संदेश देने की मंशा थी? पुतले पर लिखे स्लोगन ने भी लोगों का ध्यान खींचा. हालांकि, इस निशान और स्लोगन के पीछे का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं हो पाया.

आदर्श रामायण मंच हांसी रजिस्टर्ड के प्रधान रमेश मेहता से जब रावण के पुतले पर AK-47 का निशान बनाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पुतला दिल्ली से लाया गया था. हालांकि, पुतले पर हथियार का निशान क्यों बनाया गया और ‘चलते हैं, मिलते हैं 2027 में’ स्लोगन लिखने के पीछे क्या उद्देश्य था, इस बारे में वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए. ऐसे में दशहरा उत्सव के दौरान पुतले पर बने इस निशान को लेकर चर्चा बनी रही.

नई ऑटो मार्केट में आयोजित कार्यक्रम में विधायक विनोद भयाना ने 52 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी और आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे. रावण दहन के साथ हुई आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही. कार्यक्रम में झांकी निकाली गई और भगवान श्रीराम तथा रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया.

रावण दहन के बाद विधायक विनोद भयाना ने शहरवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह पर्व हमें सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. भगवान श्रीराम ने अपने आदर्शों और मर्यादाओं से समाज को सत्य की राह दिखाई. रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और नकारात्मक विचारों को समाप्त करने का संदेश भी है.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए. समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है. उन्होंने लोगों से आपसी सहयोग और एकता के साथ क्षेत्र के विकास में योगदान देने तथा आने वाली पीढ़ियों को अच्छे संस्कार देने का आह्वान किया. विधायक ने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी.

हांसी में विजयदशमी के अवसर पर दो स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए. नई ऑटो मार्केट में 52 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ, जबकि पंचायती रामलीला ग्राउंड में भी दशहरा उत्सव आयोजित किया गया. पंचायती रामलीला का आयोजन इस बार अपने 113वें वर्ष में पहुंचा. यहां भी रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.\

(नवीन शर्मा की रिपोर्ट)

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About the Author

Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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