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हिंदी सिनेमा में शुरुआत से ही कपूर खानदान का काफी दबदबा रहा है. फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में कपूर खानदान का बड़ा और खास योगदान रहा है. शुरुआत से लेकर अब-तक अलग-अलग दौर में कई कपूर खानदान के वारिसों ने इंडस्ट्री में कदम रखा है. हाल ही में आयोजित हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कई शानदार परफॉर्मेंस के लिए सितारों को सम्मानित किया. नेशनल अवॉर्ड्स का अपना ही एक बड़ा इतिहास रहा है. 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में वरिष्ठ एक्टर अनंत नाग को बेस्ट दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया. फिल्म इंडस्ट्री में भारत का 'ऑस्कर' माने जाने वाले इन पुरस्कारों का इतिहास बहुत खास रहा है. जहां कई दिग्गज ताउम्र इस सम्मान से वंचित रहे, वहीं शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार को अपने साढ़े 3 दशक लंबे करियर में 2023 की फिल्म 'जवान' के लिए 71वें समारोह में जाकर पहला नेशनल अवॉर्ड मिला.
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का अपना एक बड़ा इतिहास रहा है. कई कलाकारों को अब तक इस अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है. इसे फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में सितारों द्वारा भारत का ऑस्कर भी माना जाता है, लेकिन इंडस्ट्री में कई बड़े सितारे ऐसे भी हैं, जिन्हें ताउम्र नेशनल अवॉर्ड नहीं मिल सका. जैसे देखा जाए तो बॉलीवुड के सुपरस्टार 'किंग' शाहरुख खान को उनके 3 दशक लंबे करियर में अब जाकर मिला है. कपूर खानदान के कई सितारों को भी नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है, लेकिन इसी परिवार का एक वारिस ऐसा भी था, जिसने खुद इस सम्मान को लेने से इनकार कर दिया था.
दरअसल, यह वाकया करीब 6 दशक पुराना, साल 1961 का है. मशहूर निर्देशक यश चोपड़ा ने अपने करियर की दूसरी फिल्म 'धर्मपुत्र' बनाई थी, जिसमें शशि कपूर पहली बार लीड एक्टर के रूप में नजर आए थे. सामाजिक-राजनीतिक विषय पर आधारित इस फिल्म को 'बेस्ट फीचर फिल्म' और 'बेस्ट डायलॉग्स' का नेशनल अवॉर्ड दिया गया था. साथ ही, डेब्यूटेंट एक्टर शशि कपूर को भी नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा रहा था, लेकिन उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया था. इस बारे में उन्होंने खुद साल 2012 में एक इंटरव्यू में खुलासा किया था.

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में शशि कपूर का यह फैसला अनोखा था. फिल्म 'धर्मपुत्र' में शशि कपूर ने 'दिलीप राय' का लीड किरदार निभाया था. हालांकि, वह बाल कलाकार के रूप में काम कर चुके थे और थिएटर से भी उनका लगाव रहा था, लेकिन फिर भी उन्होंने बड़ी सादगी से इस अवॉर्ड को लेने से इनकार कर दिया था कि वह अपनी इस परफॉर्मेंस को नेशनल अवॉर्ड के लायक नहीं समझते हैं. उनकी इस सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया था. हालांकि, आगे चलकर उनके करियर में उन्हें कई अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया और उन्होंने इसे स्वीकार भी किया.

दिग्गज एक्टर शशि कपूर ने अपने करियर में एक से एक शानदार फिल्मों में काम किया था. उनकी फिल्मों में शान, दीवार, सत्यम शिवम सुंदरम, त्रिशूल, रोटी कपड़ा और मकान, मान गए उस्ताद, चक्कर पे चक्कर, जुनून, जब जब फूल खिले, नमक हलाल, कन्यादान, काला पत्थर, चोर मचाए शोर, सुहाग और आ गले लग जा जैसी 160 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था.
वहीं, शशि कपूर को सिनेमा में उनके खास योगदान के लिए भारत सरकार ने साल 2011 में पद्म भूषण से नवाजा था. एक्टर को साल 2015 में 'दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया था. एक्टर का साल 2017 में 79 साल की उम्र में निधन हो गया था. शशि कपूर ने विदेशी एक्ट्रेस जेनिफर केंडल से शादी की थी, जिनसे उनके तीन बच्चे कुणाल, करण और संजना हैं.