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उत्तराखंड के देवभूमि पर्यटन मेले का एक मंच और वहां से शुरू हुआ विवाद अब शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. फेमस पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच स्टेज पर हुई कहासुनी अब बयानों के तीखे दौर में बदल चुकी है. जहां एक तरफ खबरें उड़ रही थीं कि मामला सुलझ गया है और मंत्री जी ने अफसोस जता दिया है, वहीं सुबोध उनियाल के ताजा रुख ने इस पूरी चर्चा को एक नया मोड़ दे दिया है. हाल ही में एक इंटरव्यू में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है.
जब मंत्री से सीधा सवाल किया गया कि क्या उन्होंने फोन पर सिंगर से माफी मांगी है, तो उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि उनके माफी मांगने का कोई आधार ही नहीं बनता. उन्होंने उल्टा सवाल दागते हुए कहा, 'ये बताओ, मैंने कोई अपराध किया है जो माफी मांगूं?' इतना ही नहीं, उन्होंने घटना के दिन दलेर मेहंदी के रवैये पर भी खुलकर बात की.
मंत्री जी ने इंटरव्यू में आगे कहा कि अगर सिंगर की सेहत ठीक नहीं थी, तो उनके पास दो रास्ते थे, या तो वो कार्यक्रम में शामिल न होते या फिर स्टेज पर आते ही जनता को अपनी स्थिति साफ कर देते. मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई गलती की ही नहीं गई, तो झुकने का सवाल क्यों उठे? उन्होंने साफ किया कि इस पूरे घटनाक्रम में असली जवाबदेही किसकी है, ये जनता को खुद तय करना चाहिए.
इस पूरे विवाद की शुरुआत सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान हुई थी. पवित्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस के दौरान अचानक हंगामा खड़ा हो गया. मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर पहुंचकर परफॉर्मेंस रुकवा दी और आरोप लगाया कि सिंगर शराब के नशे में हैं और सिर्फ लिप-सिंकिंग कर रहे हैं. हालांकि, दलेर मेहंदी की ओर से पक्ष का कहना था कि उनकी तबीयत खराब थी और वो दवाओं के असर में थे.
विवाद बढ़ने के बाद दलेर मेहंदी के भाई और मशहूर सिंगर मीका सिंह ने अपने भाई के सम्मान में आवाज़ उठाई. मीका की टीम का एक बयान सामने आया, जिसमें दावा किया गया कि मंत्री जी ने फोन पर बातचीत के दौरान इस घटना पर खेद जताया था. इतना ही नहीं, मीका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद दोनों भाइयों से बात की, बेहद सही ढंग से स्थिति को संभाला और एक परिवार की तरह मामले को शांत करने की कोशिश की.
एक तरफ जहां मीका सिंह और उनकी टीम मैसेज दे रही थी कि उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से विवाद सुलझ चुका है और मंत्री की तरफ से सम्मान दिखाया गया है, वहीं सुबोध उनियाल के ताजा इंटरव्यू ने इस बात पर फिर से सस्पेंस खड़ा कर दिया है. उनियाल के तेवरों से साफ है कि वो अपने स्टैंड पर पूरी तरह कायम हैं. अब देखना ये होगा कि कला और राजनीति के इस टकराव में आने वाले दिनों में ये विवाद क्या नया मोड़ लेता है.