रेकी, फायरिंग, फिर नेपाल भागने की प्लानिंग: पुलिस ने चंद घंटों में ऐसे पलटा पूरा गेम, फेल हुआ ‘टाइगर’ पर गोलियां बरसाने वाले शूटरों का पैंतरा
बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी सुलझने लगी है. पुलिस ने तीन हमलावरों को दबोच लिया है, जो वारदात के बाद देश छोड़कर भागने की फिराक में थे. हमले में इस्तेमाल पुरानी बाइक और ट्रेन के सफर ने इनका पूरा खेल बिगाड़ दिया. जानिए इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी कहानी.
बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीनों हमलावरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान फूल सिंह नरेश, रेहान रहीउसुद्दीन अंसारी और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन के तौर पर हुई है. इनमें से फूल सिंह और रेहान दोनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं और उनकी उम्र महज 18 साल बताई जा रही है. वहीं, तीसरा आरोपी 22 साल का ऋतिक कुमार बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला है.
ऋतिक करीब 4 साल पहले काम की तलाश में मुंबई आया था और यहीं रहने लगा था. जांच में सामने आया है कि रविवार को जब टाइगर श्रॉफ जुहू इलाके में फुटबॉल खेलकर अपनी गाड़ी से निकल रहे थे, तभी ये हमला हुआ. बाइक पर सवार होकर आए इन तीनों आरोपियों ने उनकी कार को निशाना बनाया. बाइक पर पीछे बैठे दो लड़कों ने सीधे कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी, जबकि तीसरा लड़का बाइक चला रहा था. अचानक हुई इस गोलीबारी में गाड़ी के शीशे टूट गए, बारूद और कांच के टुकड़ों की वजह से टाइगर के हाथ में चोट आई.
तीसरे हाथ से खरीदी गई थी पुरानी पल्सर
वहीं, गोली लगने से उनका ड्राइवर भी जख्मी हो गया. इस अचानक हुए हमले से इलाके में हड़कंप मच गया और आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए. वारदात के बाद पुलिस की पड़ताल उस काली पल्सर बाइक पर टिकी, जिसका इस्तेमाल शूटरों ने किया था. छानबीन में पता चला कि आरोपियों ने ये बाइक सिर्फ 25 हजार रुपए में खरीदी थी.
मुंबई पुलिस ने जब बाइक के कागजात खंगाले तो सामने आया कि इसका पहला मालिक जोगेश्वरी का रहने वाला था. उसने इसे किसी दूसरे शख्स को बेचा और फिर उसने तीसरे शख्स को ये गाड़ी बेच दी. हमलावरों ने इसी तीसरे मालिक से बाइक का सौदा किया था. तीसरे मालिक को पूरे पैसे तो मिल चुके थे, लेकिन कागजी ट्रांसफर का काम बाकी था, जिसे दोनों पक्ष नवरात्रि के बाद पूरा करने वाले थे.
नेपाल भागने की फिराक में थे हमलावर
हमले को अंजाम देने के बाद इन शूटरों ने मुंबई के अंधेरी इलाके में बाइक लावारिस छोड़ दी और वहां से सीधे लोकल ट्रेन पकड़कर निकल गए. इनका इरादा जयपुर और दिल्ली होते हुए सीमा पार कर नेपाल भाग जाने का था, ताकि पुलिस की पहुंच से बच सकें. हालांकि, मुंबई पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल लोकेशन की मदद से इनके भागने के रास्ते को ट्रैक कर लिया.
इसके बाद राजस्थान पुलिस से संपर्क साधा गया. कोटा रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन रुकी, वहां की पुलिस ने जाल बिछाकर तीनों संदिग्धों को बोगी से धर दबोचा और मुंबई पुलिस को सूचना दी.
बड़ी साजिश की दिशा में घूम रही जांच
पुलिस अब इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि महज 25 हजार की बाइक खरीदना किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा था या नहीं. जांच एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ये बाइक खासतौर पर इसी हमले के लिए खरीदी गई थी, ताकि पकड़े जाने पर पुराना रिकॉर्ड सामने न आ सके.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों आरोपियों से उनके संपर्कों के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है. ये भी देखा जा रहा है कि क्या इन यंग लड़कों को किसी बड़े गैंग या सिंडिकेट ने सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया था.
जल्द सामने आएंगे पर्दे के पीछे के चेहरे
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच अब तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में है. पुलिस का मानना है कि पूछताछ में उन चेहरो के नाम भी सामने आ सकते हैं, जिन्होंने इन लड़कों को हथियार मुहैया कराए और टाइगर की रेकी करने का जिम्मा सौंपा था.
राजस्थान से ट्रांजिट रिमांड पर लाए जाने के बाद इन तीनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी.
जांच टीम बाइक बेचने वाले तीसरे मालिक से भी दोबारा पूछताछ कर रही है, ताकि ये साफ हो सके कि इन लड़कों से उसका कोई पुराना वास्ता तो नहीं था. आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.