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आदित्य धर और रणवीर सिंह की 'धुरंधर' बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल रही. इसने कई रिकॉर्ड तोड़े और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी में से एक बन गई. हालांकि, रिलीज से पहले फिल्म की मार्केटिंग रणनीति की काफी आलोचना हुई थी. रिलीज से पहले कई फैंस इस बात से निराश थे कि फिल्म को लेकर कोई खास चर्चा नहीं हो रही. अब 'RRR', 'एनिमल', 'कल्कि 2898 AD' और 'चंदू चैंपियन' जैसी फिल्मों के प्रमोशनल कैंपेन चलाने वाली एजेंसी 'मैक्स मार्केटिंग' के फाउंडर वरुण गुप्ता ने 'धुरंधर' की मार्केटिंग रणनीति के बारे में बात की है.
'एवरीडे एम्पायर्स' पॉडकास्ट के साथ बातचीत में 'मैक्स मार्केटिंग' के संस्थापक वरुण गुप्ता ने बताया कि रणवीर ने फिल्म का प्रमोशन क्यों नहीं किया? बता दें कि मैक्स मार्केटिंग ही वह एजेंसी है जिसने 'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' के प्रमोशनल कैंपेन संभाले थे. वरुण ने यह भी बताया कि रिलीज से पहले हुई आलोचनाओं पर आदित्य की क्या रिएक्शन था.
वरुण ने बताया कि उनकी टीम ने इस फिल्म पर काफी पहले से काम करना शुरू कर दिया था और फिल्म को लेकर लोगों में उत्सुकता जगाने के लिए एक अलग और अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने इस कैंपेन की आलोचनाओं के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे आदित्य धर और B62 स्टूडियोज की उनकी टीम ने मार्केटिंग टीम पर भरोसा जताया.

फिल्म की रिलीज से छह महीने पहले 3.5 मिनट लंबा प्रमोशनल वीडियो जारी करने के फैसले को याद करते हुए वरुण ने रोहित मैनी से कहा, 'मुझे याद नहीं आ रहा कि 'धुरंधर' से पहले कोई ऐसी फिल्म आई हो, जिसका 3.5 मिनट लंबा वीडियो रिलीज से छह महीने पहले जारी किया गया हो. मुझे नहीं लगता कि हिंदी सिनेमा में ऐसा पहले कभी हुआ है. हॉलीवुड में तो ऐसा होता है, लेकिन हिंदी सिनेमा में ऐसा कभी नहीं हुआ था. फिल्म के मेकर्स और एक्टर्स को इस पर भरोसा था. हमने इसे आगे बढ़ाया. इसी तरह से असर पैदा होता है.'
वरुण ने बताया कि 'मैक्स मार्केटिंग' उन पहली टीमों में से एक थी, जो इस प्रोजेक्ट से जुड़ी और यह तब हुआ जब स्टार कास्ट भी फाइनल नहीं हुई थी. इस टीम ने बहुत शुरुआती चरण में ही स्क्रिप्ट सुन ली थी और यह उन चुनिंदा लोगों में से थी जिन्होंने कहानी को दो हिस्सों के बजाय एक पूरी फिल्म के रूप में सुना था. वरुण ने कहा, 'हम 'धुरंधर' से तब जुड़ गए थे जब इसकी स्टार कास्ट भी तय नहीं हुई थी और हमने उसी समय स्क्रिप्ट सुन ली थी. हम उन कुछ लोगों में से थे जिन्होंने 'धुरंधर' को दो फिल्मों के बजाय एक ही फिल्म के रूप में सुना था.'
वरुण ने याद करते हुए बताया कि जैसे-जैसे फिल्म की प्लानिंग बदलीं, जिसमें कहानी को दो हिस्सों में बांटने का फैसला भी था. वैसे-वैसे इसका प्रचार अभियान भी बदलता गया. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे यह प्रोजेक्ट आकार लेने लगा. टीम ने इस बात पर काम किया कि फिल्म की घोषणा कैसे की जाए और इसे दर्शकों के सामने कैसे पेश किया जाए.
वरुण गुप्ता ने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले इसकी मार्केटिंग रणनीति को पसंद नहीं किया गया था. हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर इस फ्रेंचाइजी की सफलता ने इसके प्रचार अभियान को लेकर लोगों की राय बदल दी है. लेकिन उन्होंने याद करते हुए बताया कि उस समय प्रमोशन की कमी और दर्शकों के बीच चर्चा न होने की वजह से उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी.
उन्होंने कहा, 'आज बहुत से लोग बैठकर कह सकते हैं, ‘वाह, यह तो सबसे बड़ी फिल्म है.’ लेकिन रिलीज से पहले, हमें हर तरफ से ट्रोल किया जा रहा था. लोग कह रहे थे कि मार्केटिंग अच्छी नहीं है, यह उम्मीद के मुताबिक नहीं है और फिल्म को लेकर कोई चर्चा (बज) नहीं है.'

वरुण नेगेटिव कवरेज के बावजूद मार्केटिंग टीम पर भरोसा जताने के लिए आदित्य धर और B62 स्टूडियोज की उनकी टीम को श्रेय दिया. वरुण ने बताया, 'कई बार ऐसे लेख आते थे जिनमें कहा जाता था कि प्रमोशन खराब है और फिल्म को लेकर कोई चर्चा नहीं है. आदित्य बस वे लेख मुझे भेज देते थे और कहते थे, ‘सब ठीक है.’ उन्होंने कभी कोई सवाल नहीं पूछा. इस तरह का भरोसा आपको उनके लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए प्रेरित करता है. आप उनके योद्धा बन जाते हैं.'
वरुण गुप्ता ने इस फैसले के पीछे की सोच को और साफ करते हुए बताया कि उन्होंने लीड एक्टर के सार्वजनिक रूप से सामने आने पर बहुत अधिक निर्भर रहने के बजाय फिल्म और उसके प्रचार सामग्री को ही खुद अपनी बात कहने देने का विकल्प चुना. वरुण ने कहा, ''धुरंधर' से पहले रणवीर सिंह का दौर कुछ खास नहीं रहा था. हमारे बीच यानी निर्देशक, निर्माता और एक्टर के बीच एक बहुत ही सोच-समझकर लिया गया फैसला था. हमने तय किया कि 'ठीक है, फिल्म और उससे जुड़ी चीजों को ही बात करने देते हैं. अभिनेताओं को कुछ भी बोलने की जरूरत नहीं है.'