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रणबाली ट्रेलर: गांव,गरीबी, मद्रास अकाल और अंग्रेजी राज से जंग, विजय देवरकोंडा-रश्मिका का दिखा नया अंदाज

रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की फिल्म रणबाली का तेलुगु ट्रेलर रिलीज हो गया है. 3 मिनट 56 सेकंड के ट्रेलर में साउथ भारत में अंग्रेजों द्वारा फैलाई गई अकाल की कहानी को दिखाता है.

रणबाली ट्रेलर: गांव,गरीबी, मद्रास अकाल और अंग्रेजी राज से जंग, विजय देवरकोंडा-रश्मिका का दिखा नया अंदाज
Image Credit: स्क्रीनग्रैब


राहुत सांकृत्यान की फिल्म रणबाली का ट्रेलर रिलीज हो गया है. विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म का तेलुगु ट्रेलर रिलीज हुई है. 3 मिनट 56 सेकंड के ट्रेलर ब्रिटिश शासन के दौरान अकाल, शोषण और उसके खिलाफ के संघर्ष को दिखाया गया है.

रणबाली की ट्रेलर

ट्रेलर की शुरुआत में सिंगनामला पहाड़ी के राणाबाली की विरासत का जश्न मनाने वाला है. लोककथा में बताया कि सालों पहले एक महिला ने गुफा में उसे जन्म दिया था. जल्द ही भविष्यवाणी की जाती है कि उनका भाग्य महानता से लिखा है. ट्रेलर में दिखाया गया है कि वह जिस गांव में रहते हैं वहां के लोगों को अंग्रेजों के लिए मजदूरी करनी होती है, अग्रेंज उनके साथ दुर्व्यहार करते हैं.

रणबाली सोचता है कि आखिर ये अंग्रोजों का इस गांव पर अधिकार क्यों है. रणबाली की पत्नी जयम्मा है, सास ने उसे घर का वारिस जल्द देने के लिए कहा है. वहीं गांव पर अकाल का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में जीवन में खुशियों के पल बहुत ही कम है. रणबाली गांव को अंग्रेजों से बचाने की कसम खाता है.

ट्रेलर को लोग कर रहे हैं पसंद

सोशल मीडिया पर रणबाली के ट्रेलर को लेकर काफी पसंद कर रहे हैं. फिल्म के ट्रेलर में एक्शन और इमोशन दोनों ही देखने को मिल रहे हैं. एक्शन और इमोशन के बीच रश्मिका और विजय की केमिस्ट्री कहानी के फ्लो को आगे बढ़ा रही है. ये पीरियड ड्रामा फिल्म 16 अक्टूबर को रिलीज होगी.

द ग्रेट मद्रास अकाल पर आधारित है फिल्म

रणबाली फिल्म एक पीरियड ड्रामा फिल्म है जो कि द ग्रेट मद्रास अकाल पर आधारित है. इस अकाल में 80 से 90 लाख लोगों की जान चली गई थी. 1876 से 1878 के बीच दक्षिण भारत में बारिश ना के बराबर हुई थी. जिस वजह से फसल बर्बाद हो गई थी. अकाला की वजह से 80 से 90 लाख लोगों की जान चली गई थी.  द ग्रेट मद्रास अकाल का कारण केवल सूखा नहीं था. ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों ने इस ज्यादा भयावह बना दिया था.

भारत में भीषण अकाल के दौरान भी भारत से अनाज का निर्यात होता था. इस वजह से अकाल वाले हिस्से में अनाज महंगा हो गया था. उस समय जमाखोरी भी एक बड़ी समस्या बन गई थी. बिजनेसमैन ने अनाज जमा करना शुरू कर दिया था. 

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About the Author

Shilpa Singh

Shilpa Singh

मैं शिल्पा सिंह, पिछले 6 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं. मैं 4 साल से ज़ी न्यूज़ हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. ज़ी न्यूज़ में मैं एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम कर रही हूं. मैंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज़ डिजिटल से की थी. इसके बाद वन इंडिया डिजिटल और जागरण न्यू मीडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी काम किया है. इस दौरान मैंने एंटरटेनमेंट बीट पर लेखन के साथ-साथ सेलेब्रिटी इंटरव्यू, वीडियो स्टोरी, फिल्म रिव्यू और रिसर्च-बेस्ड कंटेंट की कवरेज की है. मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. मेरा उद्देश्य किसी भी बीट पर काम करते हुए पाठकों तक सही, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी देना है.
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