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'रामायण: पार्ट 1' 5 नवंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. रिलीज के बाद ही फैंस को बड़े सरप्राइज भी मिले हैं. फिल्म के पोस्ट-क्रेडिट सीन में सनी देओल भगवान हनुमान के रूप में नजर आए, जबकि रावण के शक्तिशाली पुत्र मेघनाद के किरदार में राघव जुयाल की एंट्री ने सबको चौंका दिया. नितेश तिवारी की इस पौराणिक महागाथा के अगले पार्ट में 2028 में रिलीज होने वाली है, इन दोनों किरदारों की अहम भूमिका होने की उम्मीद है.
इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में साई पल्लवी सीता और यश रावण के किरदार में नजर आ रहे हैं. यह फिल्म इस महाकाव्य के पहले अध्याय को बड़े पर्दे पर पेश करती है. जहां मुख्य पात्र कहानी को आगे बढ़ाते हैं, वहीं फिल्म के निर्माताओं ने दो अहम किरदारों की एंट्री को फिल्म के आखिरी हिस्से के लिए बचाकर रखा है, जिससे दर्शकों को आगे आने वाले बड़े संघर्ष की एक झलक मिल सके.
राघव जुयाल ने रावण के बेटे मेघनाद के रूप में सरप्राइज एंट्री की. सनी देओल अकेले ऐसे अभिनेता नहीं हैं जिनकी एंट्री को सस्पेंस बनाए रखने के लिए बचाकर रखा गया था. कहानी के क्लाइमैक्स के करीब रावण और मंदोदरी के सबसे बड़े बेटे और लंका के युवराज मेघनाद के रूप में राघव जुयाल की भी एक सरप्राइज एंट्री हुई है.
राघव एक दमदार योद्धा के रूप में बिल्कुल अलग अवतार में नजर आए. उनकी आंखों में लगा काजल, चेहरे के तीखे भाव और उनका रौद्र रूप दर्शकों को एक ऐसे किरदार से इंट्रोडक्शन कराया, जो दूसरे पार्ट में अहम भूमिका निभाएगा. हालांकि, पहले पार्ट में उनका स्क्रीन टाइम काफी कम है, लेकिन उनकी एंट्री एक ऐसे शक्तिशाली योद्धा की झलक देती है. जो लंका के खिलाफ युद्ध में राम के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक साबित होगा.
बता दें कि मेघनाथ, जिसे इंद्रजीत के नाम से भी जाना जाता है. रामायण के सबसे शक्तिशाली योद्धाओं में से एक है. देवताओं के राजा भगवान इंद्र को हराने के बाद उसे 'इंद्रजीत' (इंद्र को जीतने वाला) नाम मिला. रावण और मंदोदरी का सबसे बड़ा पुत्र होने के नाते उसे अपने पिता के बाद लंका का दूसरा सबसे शक्तिशाली योद्धा माना जाता था. इस महाकाव्य में मेघनाथ युद्ध-कला में अपनी निपुणता, शक्तिशाली दिव्य अस्त्रों और शत्रुओं पर बढ़त पाने के लिए मायावी शक्तियों के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है. उसके पास अदृश्य होने की भी शक्ति है, जो उसे एक अत्यंत खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बनाती है.
वह राम और लक्ष्मण को बांधने के लिए नागपाश का इस्तेमाल करता है और बाद में लक्ष्मण पर शक्तिशाली शक्ति अस्त्र से प्रहार करता है, जिससे वे अचेत हो जाते हैं. इसके परिणामस्वरूप हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए यात्रा पर निकलते हैं.
फिल्म से यह भी साफ हुई है कि 'रामायण: पार्ट 2' अब 2028 में रिलीज होगी. पहले इसे 2027 में रिलीज करने की प्लानिंग थी, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है. इससे पहले प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने बताया था कि एक साल का अतिरिक्त समय मिलने से टीम को इस बड़े प्रोजेक्ट के आखिरी हिस्से पर बेहतर तरीके से काम करने का मौका मिलेगा और उन्हें जल्दबाजी में काम नहीं करना पड़ेगा.
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'लोगों में इसे लेकर बहुत उत्साह है, इसलिए हम थोड़ा और समय लेना चाहते हैं. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जब हम इस ग्रैंड फिनाले को पेश करें, तो हमारे पास उतना ही समय हो जितना हमने 'पार्ट 1' के लिए लिया था. मेरा मानना है कि इतनी बड़ी फिल्म के साथ पूरा न्याय करने के लिए हमें सच में इस एक साल के अतिरिक्त समय की ज़रूरत है. जब 'पार्ट 2' आएगी, तो वह एक बिल्कुल अलग कहानी होगी. हम कोई जल्दबाज़ी नहीं करना चाहते थे. हम इस फिनाले को इतने शानदार तरीके से पेश करना चाहते हैं, जिसका यह हकदार है.'