13 साल बाद OTT पर लौट रही राजकुमार राव की 'शाहिद', नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी है फिल्म
13 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राजकुमार राव की फिल्म 'शाहिद' OTT पर रिलीज होने जा रही है. फिल्म 13 साल बाद प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है.
राजकुमार राव और हंसल मेहता की चर्चित फिल्म आखिरकार OTT पर दस्तक देने को तैयार है. साल 2013 में रिलीज हुई 'शाहिद' 13 साल बाद ओटीटी पर दस्तक देगी. यह बायोपिक ड्रामा अब प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है. बता दें कि हाल ही में फिल्म के को-राइटर और एडिटर अपूर्व असरानी ने इस बात करते हुए बताया कि आखिर यह फिल्म इतने लंबे समय तक किसी बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर क्यों मौजूद नहीं हो सकी.
असरानी ने सोशल मीडिया पर फिल्म केऑनलाइन रिलीज को लेकर खुशी जाहिर की. साथ ही इतने लंबे समय के लिए इंतजार पर सवाल भी उठाए. उन्होंने लिखा, 'नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म शाहिद आखिरकार प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है. हमारी फिल्म को स्ट्रीमिंग के लिए जगह मिलने में 13 साल लग गए. 'शाहिद' फिल्म शाहिद आजमी की कहानी है, जो एक वकील थे. उन्होंने टेरर कानूनों के तहत आरोपी लोगों का बचाव किया और सही कानूनी प्रक्रिया के लिए लड़ाई लड़ी. ऐसे माहौल में जहां मुसलमानों को अक्सर बेगुनाह साबित होने से पहले ही दोषी मान लिया जाता था. इसी हिम्मत की वजह से उनकी हत्या कर दी गई थी.'
क्या है फिल्म शाहिद की कहानी?
फिल्म 'शाहिद' एक वकील की कहानी है, जो आतंकवाद से जुड़े मामलों में आरोपी बनाए गए लोगों को कानूनी मदद देने और उन्हें सही प्रोसेस का अधिकार दिलाने के लिए काम करता है. इसमें राजकुमार राव ने शाहिद आजमी का किरदार निभाया है. बता दें कि असल में शाहिद आजमी की हत्या साल 2010 में मुंबई में कर दी गई थी. साल 2013 में फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई. बहुत सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने अपनी कहानी और कलाकारों के प्रदर्शन के कारण अलग पहचान बनाई.
इसके बाद असरानी ने सवाल उठाया कि इतनी तारीफ पाने वाली फिल्म इतने लंबे समय तक किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर क्यों नहीं आई. उन्होंने लिखा, 'मैंने अक्सर सोचा है कि 'शाहिद' इतने लंबे समय तक किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर क्यों नहीं आई. यह 2014 से एक साल पहले रिलीज हुई थी.'
असरानी ने फिल्म के रिलीज होने के बाद के सालों के बारे में अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि असहमति रखने वाले एक्टिविस्ट, पत्रकार और आरोपी लोगों के अधिकारों का बचाव करने वाले लोग ज्यादा शक के घेरे में आने लगे. उन्होंने उन लोगों का जिक्र करते हुए उमर खालिद का भी नाम लिया, जो ट्रायल का इंतजार करते हुए सालों से जेल में हैं. खालिद पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश के मामले में UAPA के तहत आरोप हैं. उनकी जमानत की कार्यवाही अभी कोर्ट में चल रही है.
13 साल तक ओटीटी पर क्यों नहीं आई फिल्म?
'शाहिद' के आखिरकार स्ट्रीमिंग पर आने के समय पर सवाल उठाते हुए असरानी ने लिखा, 'तो अब क्यों? 'शाहिद' जैसी फिल्म को आखिरकार 2026 में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म क्यों मिला? क्या माहौल बदल गया है? क्या डर की राजनीति का विरोध बढ़ रहा है?'
उन्होंने आगे कहा, 'वजह चाहे जो भी हो, मुझे इस फिल्म पर गर्व है. इसने मुझे एक को-राइटर/एडिटर के तौर पर पहचान दिलाई और मुझे उस तरह के सिनेमा से दोबारा जोड़ा जिसमें मेरा यकीन है. अगर आपने इसे नहीं देखा है, तो जरूर देखें. अगर देख चुके हैं, तो दोबारा देखें. एक शानदार टीम की बनाई यह फिल्म उस हिम्मत वाले सिनेमा की याद दिलाती है जिसे हम कभी बनाते थे और जिसकी तारीफ करते थे. धन्यवाद प्राइम वीडियो.'
साल 2013 में आई राजकुमार राव की 'शाहिद' को रिलीज के बाद क्रिटिक्स ने खूब सराहना की थी. इस फिल्म में खासकर राजकुमार राव की परफॉर्मेंस की चर्चा हुई. इतना ही नहीं, फिल्म ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया. रिलीज के बाद फिल्म को क्रिटिक्स की सराहना मिली और 61वें नेशनल फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव को बेस्ट एक्टर और हंसल मेहता को बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान मिला था.