रावण को हीरो, राम को मूक किरदार क्यों? स्टेज वाले 'रामायण' पर पुनीत इस्सर ने उठाए सवाल
एक्टर पुनीत इस्सर ने रामलीला के मंचन में भगवान राम और रावण के चित्रण पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि कुछ प्रस्तुतियों में रावण को हीरो और भगवान राम को मूक किरदार के रूप में दिखाया जा रहा है. इस तरह की प्रस्तुति को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है.
रणबीर कपूर स्टारर 'रामायण' की रिलीज में अब बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं और एक्टर के फैंस उन्हें भगवान राम की किरदार में देखने के लिए उत्सुक हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्टर पुनीत इस्सर ने फिल्मों, टेलीविजन और स्टेज नाटकों में रामायण और महाभारत को दिखाए जाने को लेकर बात की. उन्होंने बताया कि ऐसे कई नाटक हुए हैं, जिनमें रावण को नायक के रूप में दिखाया गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नितेश तिवारी के विजन पर पूरा भरोसा है, जो रणबीर कपूर की इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे फिल्म देखने से पहले ही उसके प्रति कोई पूर्वाग्रह न रखें.
'नायक बनता जा रहा रावण'
अमित भाटिया के यूट्यूब चैनल पर हुई एक बातचीत में पुनीत ने महाभारत की कहानी पर आधारित अपने स्टेज नाटक के बारे में बात की. बीआर चोपड़ा के टीवी सीरियल 'महाभारत' में पुनीत ने दुर्योधन का किरदार निभाया था. भले ही यह शो लगभग 40 साल पहले आया था, लेकिन फैंस आज भी उन्हें इस महाकाव्य के खलनायक के रूप में याद करते हैं. इसलिए जब पुनीत ने इसी विषय पर एक नाटक लिखा, तो उसे काफी पहचान मिली. इसके बाद पुनीत ने रामायण पर आधारित एक नाटक भी लिखा, क्योंकि उन्हें लगा कि कई कहानीकार रावण को एक नायक की तरह पेश कर रहे थे और वे इस तरह के चित्रण से सहमत नहीं थे.
उन्होंने कहा, 'माहौल कुछ ऐसा हो गया था कि लोग नेगेटिव रोल को ही हीरो बनाने लगे थे. रावण उनके लिए नायक बनता जा रहा था. अगर आप रावण को हीरो बना देंगे, तो फिर भगवान राम क्या हैं?' उन्होंने सवाल किया और बताया कि रावण में कई नेगेटिव गुण थे. उन्हें यह भी लगा कि इनमें से ज्यादातर नाटकों में भगवान राम की महानता को नहीं दिखाया जा रहा था. उन्होंने कहा, 'मैं यह दिखाना चाहता था कि भगवान राम असल में क्या हैं. जिन नाटकों में भगवान राम को दिखाया जाता है, उनमें उन्हें एक मूक पात्र की तरह पेश किया जाता है. उन्हें कुछ खास करने को नहीं दिया जाता. जबकि वे तो भगवान हैं.'
फिर जब पुनीत से पूछा गया कि रामायण पर बनी फिल्में क्यों नहीं चलीं, जबकि 1980 के दशक का टीवी शो आज भी दर्शकों का बहुत प्यार पाता है. इसके जवाब में पुनीत ने हाल के समय की कुछ अन्य पौराणिक और आध्यात्मिक फिल्मों का जिक्र किया जो सफल रहीं. उन्होंने कहा, 'अगर कंटेंट अच्छा नहीं है, तो फिल्म नहीं चलेगी. लेकिन अगर कोई अच्छी फिल्म बनाता है, तो वह जरूर चलेगी. जो फिल्में सफल होती हैं . उनमें निश्चित रूप से कुछ खास बात होती है. इसीलिए वे हिट होती हैं. 'कांतारा' चली. 'हनुमान अंश' चली. अगर 'आदिपुरुष' नहीं चली, तो इसकी वजह यही थी कि वह उतनी अच्छी नहीं थी.'
'भगवान राम के किरदार में रणबीर शानदार'
बॉलीवुड एक्टर ने रणबीर कपूर की 'रामायण' को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि भगवान राम के रूप में रणबीर शानदार रहेंगे. वे इंडस्ट्री के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं. वे बहुत ही वर्सेटाइल एक्टर हैं. उन्होंने 'बर्फी', 'रॉकेट सिंह', 'रॉकस्टार' और 'एनिमल' जैसी फिल्में की हैं. वे निश्चित रूप से बहुत अच्छा काम करेंगे.'
फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी के बारे में बात करते हुए पुनीत ने कहा, 'लोगों को फिल्म पर कोई भी रिएक्शन देने से पहले उसका इंतजार करना चाहिए. नितेश तिवारी एक समझदार इंसान हैं. कोई भी राय बनाने से पहले आपको फिल्म जरूर देखनी चाहिए. मुझे लगता है कि भगवान राम के किरदार में रणबीर बेहतरीन रहेंगे और नितेश एक अच्छी फिल्म बनाएंगे.' बता दें कि बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल और रवि दुबे जैसे कलाकारों से सजी 'रामायण' 5 नवंबर को रिलीज होगी.